फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   The city was immersed in celebration with rainbow colored lights, tableaux created a view like Ayodhya.

Pratapgarh News: सतरंगी रोशनी संग जश्न में डूबा शहर, झांकियों से अयोध्या जैसा नजारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Oct 2025 12:39 AM IST
विज्ञापन
The city was immersed in celebration with rainbow colored lights, tableaux created a view like Ayodhya.
ऐतिहासिक भरत मिलाप के मौके पर शनिवार शाम पूरा शहर जश्न में डूब गया। शाम होते ही सतरंगी रोशनी से शहर जगमगा उठा। जय श्रीराम के जयकारों व डीजे पर बजे रहे भक्तिमय गीतों के बीच राम दरबार की झांकी से भरत मिलाप का आगाज हुआ।
विज्ञापन

मेले मेंं ऐसा लगा मानो बेल्हा में अयोध्या नगरी उतर आई हो। देर रात के बाद आकर्षक झांकियों व कलात्मक चौकियों का सिलसिला शुरू हुआ। पूरा शहर भगवान श्रीराम की भक्ति में सराबोर रहा। शहर के श्रीराम चौराहा, घंटाघर, ठठेरी बाजार, हनुमान मंदिर व चौक बजाजा रोड पर झालरें व आकर्षक लाइटिंग की गई थी।
विज्ञापन

रात नौ बजे के बाद जय श्रीराम के जयकारों की गूंज के बीच राम दरबार की झांकी निकली तो पूरा शहर भगवान राम की भक्ति में डूब गया। झांकी सदर बाजार होते हुए चिलबिला पहुंची। झांकी यहां से होते हुए सीधे बेल्हा देवी धाम पहुंची और रामदल में जाकर मिल गई। सड़क पर हर तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आ रही थी। घरों की छतों पर से लोगों ने मनोरम झांकियां देखीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

देर रात के बाद रामदल, भरत दल, हनुमान दल व लवकुश दल के साथ मंडलों ने कलात्मक चौकियां व आकर्षक झांकियां निकलती रहीं। श्रीरामलीला समिति के पदाधिकारी भरत मिलाप कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में दिनभर जुटे रहे। संरक्षक रोशनलाल उमरवैश्य, अध्यक्ष संजय खंडेलवाल, संयोजक दिनेश सिंह, मंत्री विपिन गुप्ता की देखरेख में कार्यकर्ताओं ने तैयारी को अंतिम रूप दिया।
अलग-अलग रास्ताें से पहुंचे दल
भरत मिलाप कार्यक्रम के लिए चौक घंटाघर नीयत रहा। जबकि रामदल चिलबिला चौराहे से स्टेशन होते हुए चौक घंटाघर पहुुंचा। हनुमान दल श्रीराम तिराहे से सिप्तैन रोड से ठठेरी बाजार होते हुए चौक घंटाघर भरत मिलाप के लिए पहुंचा। वहीं, भरत दल पंजाबी मार्केट से वाचनालय होते हुए बाबागंज के रास्ते भरत मिलाप स्थल पहुुंचा। लवकुश दल पुराना माल गोदाम रोड से उठकर पंजाबी मार्केट होते हुए भरत मिलाप के लिए पहुंचा।
श्याम बिहारी मिश्र के पिता ने की थी भरत मिलाप की शुरुआत
शहर के ऐतिहासिक भरत मिलाप की शुरुआत 1860 में शहर के चौक निवासी श्याम बिहारी मिश्र के बैरिस्टर पिता ने की थी। उस समय वर्तमान चौक स्थित घंटाघर पर बने कुएं पर लालटेन व दीये की रोशनी में भरत मिलाप होता था।

श्रीराम लीला समिति के संरक्षक रोशनलाल ने बताया कि उसी साल श्रीराम लीला समिति का गठन हुआ। 1890 में शहर के गोपाल मंदिर में रामलीला का मंचन शुरू हुआ। उस समय बिहार के दरभंगा से मंचन के लिए कलाकार बुलाए जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed