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बता रहे लकड़बग्घा, फाड़कर भाग गया पिंजरा
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Tue, 20 Jan 2015 12:26 AM IST
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परियावां। वन विभाग के अधिकारी जिस जंगली जानवर को लकड़बग्घा बता रहे थे वह उसे पकड़ने के लिए रखा गया पिंजरा फाड़कर भाग गया। अब या तो पिंजरा कमजोर था या फिर जंगली जानवर लकड़बग्घा नहीं था। उसके भाग निकलने से ग्रामीणों में फिर से खौफ छा गया है। उसके खौफ से जंगल की तरफ से जाने वाले रास्ते भी सुनसान हो गए हैं। वन विभाग पिंजरा भी कार्यालय पर उठा लाया है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र व कालाकांकर वन रेंज के सोनामऊ मुरस्सापुर गांव में रविवार को एक जंगली जानवर ने गांव के भगवानदीन पर हमला कर दिया था। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी तो स्थानीय टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के साथ टीम ने दिन भर जंगल में काम्बिंग की थी। दूधाधारी मंदिर के पास बनी खोह में जंगली जानवर के होने की आशंका पर खोह में बांस डाला गया था। जंगली जानवर की आवाज आने पर रात में वहां पिजरा मंगवाकर रखवाया गया। उसमें मांस का टुकड़ा लटकाया गया था।
रात में उसमें जंगली जानवर घुसा लेकिन वह रात में ही पिंजरा तोड़कर निकल गया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर लकड़बग्घे को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था तो उसे टूटना नहीं था और यदि टूट गया तो लकड़बग्घे से मजबूत जानवर इसमें फंस गया था। यानी भगवानदीन के बयान और पिंजरे का टूटना कहीं न कहीं से तेंदुए की तरफ इशारा करता है। फिलहाल वह खुला घूम रहा है। अभी तक किसी पर हमले की खबर न आने से वन विभाग के लोग भी आराम महसूस कर रहा है। बावजूद इसके क्षेत्रीय ग्रामीण डरे हुए हैं।
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नवाबगंज थाना क्षेत्र व कालाकांकर वन रेंज के सोनामऊ मुरस्सापुर गांव में रविवार को एक जंगली जानवर ने गांव के भगवानदीन पर हमला कर दिया था। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी तो स्थानीय टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के साथ टीम ने दिन भर जंगल में काम्बिंग की थी। दूधाधारी मंदिर के पास बनी खोह में जंगली जानवर के होने की आशंका पर खोह में बांस डाला गया था। जंगली जानवर की आवाज आने पर रात में वहां पिजरा मंगवाकर रखवाया गया। उसमें मांस का टुकड़ा लटकाया गया था।
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रात में उसमें जंगली जानवर घुसा लेकिन वह रात में ही पिंजरा तोड़कर निकल गया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर लकड़बग्घे को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था तो उसे टूटना नहीं था और यदि टूट गया तो लकड़बग्घे से मजबूत जानवर इसमें फंस गया था। यानी भगवानदीन के बयान और पिंजरे का टूटना कहीं न कहीं से तेंदुए की तरफ इशारा करता है। फिलहाल वह खुला घूम रहा है। अभी तक किसी पर हमले की खबर न आने से वन विभाग के लोग भी आराम महसूस कर रहा है। बावजूद इसके क्षेत्रीय ग्रामीण डरे हुए हैं।
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