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तहसीलदार को बनाया बंधक, दो घंटे बाद कोतवाल के पहुंचने पर बची जान
सार
शहर के राम राम चौराहे के निकट सार्वजनिक रास्ते पर अवैध रूप से बनाए जा रहे पिलर को तुड़वाने पर भड़के लोगों ने तहसीलदार से बदसलूकी करते हुए बंधक बना लिया।तहसीलदार से इन्हीं कर्मचारियों के बल पर उनके परिवार के लोग हंगामा करते रहे।बृहस्पतिवार को उन लोगों ने सारी हदें पार कर दीं।
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नगर कोतवाली के राम राम चौराहे पर भूमि कब्जे को लेकर महिलाओं द्वारा रोकी गयी तहसीलदार की गाड़ी। सं
- फोटो : PRATAPGARH
विस्तार
शहर के राम राम चौराहे के निकट सार्वजनिक रास्ते पर अवैध रूप से बनाए जा रहे पिलर को तुड़वाने पर भड़के लोगों ने तहसीलदार से बदसलूकी करते हुए बंधक बना लिया। मौके की नजाकत भांपकर तहसीलदार सरकारी वाहन से निकलना चाह रहे थे, पर लोगों ने उन्हें घेरकर जबरन रोक लिया।
लोग उनके वाहन को घेरकर दो घंटे तक हंगामा करते रहे। सूचना पर फोर्स के साथ पहुंचे शहर कोतवाल ने लाठी पटककर लोगों को तितर बितर किया। तब तहसीलदार से वहां से निकल सके। तहसीलदार ने मामले में सीआरओ के पेशाकर समेत पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को नगर कोतवाली क्षेत्र के रामराम चौराहे के पास सार्वजनिक रास्ते में पिलर बनाकर अतिक्रमण करने की शिकायत अपर जिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा से की थी। एडीएम ने तहसीलदार सदर अरविंद कुमार को पुलिस फोर्स के साथ मौके पर भेजकर निर्माण कार्य बंद कराने और रास्ता खुलवाने का निर्देश दिया।
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निर्माण करने वाले ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार ने मौके पर पहुंचने के बाद बिना जांच पड़ताल किए पिलर तुड़वा दिया। जबकि वे अपनी भूमिधरी जमीन में निर्माण कर रहे थे।
भूमि के स्वामित्व के विवाद में तहसीलदार व कुछ ग्रामीणों के बीच कहासुनी होने लगी। सुनवाई न होते देख आक्रोशित हुए लोग लड़ाई करने लगे। वहीं दूसरे पक्ष के ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग से करौदी, जहरगो, पूरेमाधव, ईशीपुर, गड़ई, रामनगर, जगदीशपुर, सरायकल्यानदेव के लोगों का आवागमन होता है। जिसे बंद किया जा रहा है। इसी बात पर वहां हंगामा होने लगा। मौके की नजाकत को देखते हुए तहसीलदार गाड़ी में बैठकर वहां से निकलना चाह रहे थेा। मगर पिलर तोड़े जाने से नाराज लोगों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया।
तहसीलदार से नाराज लोग पिलर गिराने का आदेश दिखाने की मांग करने लगे। इस बीच भीड़ ने गाड़ी में बैठे तहसीलदार को घेर लिया। सरकारी वाहन में बंधक बने तहसीलदार से पहले बदसलूकी कर चुके लोग गाली गलौज करते रहे। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी पहुंचे मगर उग्र हुए लोगों के समाने असहाय नजर आए।
तहसीलदार की सूचना पर शहर कोतवाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लाठी पटककर गाड़ी को घेरने वाले लोगों को तितरबितर कर तहसीलदार को मुक्त कराया। तहसीलदार अरविंद कुमार ने बंधक बनाने वालों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन देर रात तक एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी।
एक सीआरओ और दूसरा शिकायत प्रकोष्ठ में है तैनात
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तहसीलदार से बदसलूकी करने वाले कोई और नहीं हैं, बल्कि एक सीआरओ कार्यालय में पेशकार और दूसरा उसका भाई कलक्ट्रेट के शिकायत प्रकोष्ठ में तैनात है। तहसीलदार से इन्हीं कर्मचारियों के बल पर उनके परिवार के लोग हंगामा करते रहे। दूसरे पक्ष ने भी इस तरह का आरोप लगाया है।
एडीएम के निर्देश पर रामराम चौराहे पर हो रहे अवैध निर्माण रोकने गया था। इसके पहले भी शिकायत मिली थी। संबंधित पक्ष के लोगों को निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा था। बृहस्पतिवार को उन लोगों ने सारी हदें पार कर दीं। मेरे साथ बदसलूकी ही नहीं की बल्कि बंधक बना लिया। शहर कोतवाल न पहुंचते, तो मेरे साथ कुछ भी हो सकता था। अरविंद कुमार, तहसीलदार, सदर
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लोग उनके वाहन को घेरकर दो घंटे तक हंगामा करते रहे। सूचना पर फोर्स के साथ पहुंचे शहर कोतवाल ने लाठी पटककर लोगों को तितर बितर किया। तब तहसीलदार से वहां से निकल सके। तहसीलदार ने मामले में सीआरओ के पेशाकर समेत पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को नगर कोतवाली क्षेत्र के रामराम चौराहे के पास सार्वजनिक रास्ते में पिलर बनाकर अतिक्रमण करने की शिकायत अपर जिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा से की थी। एडीएम ने तहसीलदार सदर अरविंद कुमार को पुलिस फोर्स के साथ मौके पर भेजकर निर्माण कार्य बंद कराने और रास्ता खुलवाने का निर्देश दिया।
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निर्माण करने वाले ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार ने मौके पर पहुंचने के बाद बिना जांच पड़ताल किए पिलर तुड़वा दिया। जबकि वे अपनी भूमिधरी जमीन में निर्माण कर रहे थे।
भूमि के स्वामित्व के विवाद में तहसीलदार व कुछ ग्रामीणों के बीच कहासुनी होने लगी। सुनवाई न होते देख आक्रोशित हुए लोग लड़ाई करने लगे। वहीं दूसरे पक्ष के ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग से करौदी, जहरगो, पूरेमाधव, ईशीपुर, गड़ई, रामनगर, जगदीशपुर, सरायकल्यानदेव के लोगों का आवागमन होता है। जिसे बंद किया जा रहा है। इसी बात पर वहां हंगामा होने लगा। मौके की नजाकत को देखते हुए तहसीलदार गाड़ी में बैठकर वहां से निकलना चाह रहे थेा। मगर पिलर तोड़े जाने से नाराज लोगों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया।
तहसीलदार से नाराज लोग पिलर गिराने का आदेश दिखाने की मांग करने लगे। इस बीच भीड़ ने गाड़ी में बैठे तहसीलदार को घेर लिया। सरकारी वाहन में बंधक बने तहसीलदार से पहले बदसलूकी कर चुके लोग गाली गलौज करते रहे। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी पहुंचे मगर उग्र हुए लोगों के समाने असहाय नजर आए।
तहसीलदार की सूचना पर शहर कोतवाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लाठी पटककर गाड़ी को घेरने वाले लोगों को तितरबितर कर तहसीलदार को मुक्त कराया। तहसीलदार अरविंद कुमार ने बंधक बनाने वालों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन देर रात तक एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी।
एक सीआरओ और दूसरा शिकायत प्रकोष्ठ में है तैनात
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तहसीलदार से बदसलूकी करने वाले कोई और नहीं हैं, बल्कि एक सीआरओ कार्यालय में पेशकार और दूसरा उसका भाई कलक्ट्रेट के शिकायत प्रकोष्ठ में तैनात है। तहसीलदार से इन्हीं कर्मचारियों के बल पर उनके परिवार के लोग हंगामा करते रहे। दूसरे पक्ष ने भी इस तरह का आरोप लगाया है।
एडीएम के निर्देश पर रामराम चौराहे पर हो रहे अवैध निर्माण रोकने गया था। इसके पहले भी शिकायत मिली थी। संबंधित पक्ष के लोगों को निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा था। बृहस्पतिवार को उन लोगों ने सारी हदें पार कर दीं। मेरे साथ बदसलूकी ही नहीं की बल्कि बंधक बना लिया। शहर कोतवाल न पहुंचते, तो मेरे साथ कुछ भी हो सकता था। अरविंद कुमार, तहसीलदार, सदर