{"_id":"5900eb2c4f1c1b9228c0e499","slug":"suicide-in-madhupur-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक ने फंदे से लटककर दे दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवक ने फंदे से लटककर दे दी जान
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 27 Apr 2017 12:17 AM IST
विज्ञापन
फांसी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिवार के लोगों का दबाव झेल रहे एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। शव पेड़ से लटकता देख लोग दंग रह गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना को लेकर गांव में सनसनी फैल गई।
कंधई थाना क्षेत्र के मधुपुर निवासी सुरेश (40) पुत्र बचई बुधवार को भोर में शौच के लिए उठा। उसकी पत्नी गेहूं काटने के लिए खेत में चली गई। उजाला होने पर गांव के करीब बाग में महुए के पेड़ से सुरेश का शव लटकता देख लोग दंग रह गए। लोगों ने शोर मचाया तो गांव के लोगों का जमघट लग गया। खबर मिलने पर परिजन भी रोते बिलखते हुए मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने पर कंधई पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पेड़ से शव को नीचे उतारने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कंधई एसओ ने बताया कि सुरेश काफी दिनों तक किन्नरों के साथ था। दस दिन पहले वह घर आ गया। परिवार के लोगों ने उसे दोबारा जाने से मना कर दिया। उसे लेने के लिए किन्नर आए थे। जिन्हे परिवार के लोगों ने भगा दिया। इससे सुरेश दुखी रहता था। इसी गम में उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
विज्ञापन
कंधई थाना क्षेत्र के मधुपुर निवासी सुरेश (40) पुत्र बचई बुधवार को भोर में शौच के लिए उठा। उसकी पत्नी गेहूं काटने के लिए खेत में चली गई। उजाला होने पर गांव के करीब बाग में महुए के पेड़ से सुरेश का शव लटकता देख लोग दंग रह गए। लोगों ने शोर मचाया तो गांव के लोगों का जमघट लग गया। खबर मिलने पर परिजन भी रोते बिलखते हुए मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने पर कंधई पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पेड़ से शव को नीचे उतारने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कंधई एसओ ने बताया कि सुरेश काफी दिनों तक किन्नरों के साथ था। दस दिन पहले वह घर आ गया। परिवार के लोगों ने उसे दोबारा जाने से मना कर दिया। उसे लेने के लिए किन्नर आए थे। जिन्हे परिवार के लोगों ने भगा दिया। इससे सुरेश दुखी रहता था। इसी गम में उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
विज्ञापन