{"_id":"5e9b472e8ebc3e76ad6497b3","slug":"students-will-get-course-material-on-e-school-pratapgarh-news-ald273668330","type":"story","status":"publish","title_hn":"ई-पाठशाला पर मिलेगा छात्रों को मिलेगा पाठ्य सामाग्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई-पाठशाला पर मिलेगा छात्रों को मिलेगा पाठ्य सामाग्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य विश्वविद्यालय की कुलपति ने शनिवार को महाविद्यालय के प्राचार्यों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से मीटिंग की। प्राचार्यों से कोविड-19 से जुड़ी जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
मीटिंग के दौरान कुलपति ने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवकों को कोविड-19 से बचाव की ट्रेनिंग दी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर वह स्वास्थ्य कर्मियों की मदद कर सकें।
प्राचार्यों से पांच गांव गोद लेने के लिए भी कहा। गांव में पौधे और सोलर पैनल लगवाने का निर्देश दिया। वहीं छात्र-छात्राओं की पढ़ाई की सुविधा के लिए स्टडी मैटेरियल को विश्वविद्यालय की वेबसाइट ई-पाठशाला पर अपलोड करने को कहा।
विज्ञापन
महाविद्यालयों को कम से कम 4 स्मार्ट क्लास रूम भी सेटअप करने को कहा। इसके साथ ही प्रत्येक महाविद्यालय को 20-20 राशन के पैकेट गरीब परिवार को देने की बात कही।
कुलपति प्रो.संगीता श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्राचार्यों के साथ मीटिंग की गई। कोविड-19 के साथ पठन-पाठन और गांव के विकास के लिए उसे गोद लिए जाने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
मीटिंग के दौरान कुलपति ने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवकों को कोविड-19 से बचाव की ट्रेनिंग दी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर वह स्वास्थ्य कर्मियों की मदद कर सकें।
विज्ञापन
प्राचार्यों से पांच गांव गोद लेने के लिए भी कहा। गांव में पौधे और सोलर पैनल लगवाने का निर्देश दिया। वहीं छात्र-छात्राओं की पढ़ाई की सुविधा के लिए स्टडी मैटेरियल को विश्वविद्यालय की वेबसाइट ई-पाठशाला पर अपलोड करने को कहा।
विज्ञापन
महाविद्यालयों को कम से कम 4 स्मार्ट क्लास रूम भी सेटअप करने को कहा। इसके साथ ही प्रत्येक महाविद्यालय को 20-20 राशन के पैकेट गरीब परिवार को देने की बात कही।
कुलपति प्रो.संगीता श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्राचार्यों के साथ मीटिंग की गई। कोविड-19 के साथ पठन-पाठन और गांव के विकास के लिए उसे गोद लिए जाने का निर्देश दिया गया है।