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Pratapgarh News: रायबरेली एम्स में दाखिला लेने जा रहा छात्र गंगा गोमती एक्सप्रेस से गिरा, मौत
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फोटो परिचय नवाबगंज 01 फाइल फोटो हर्ष राज
गंगा गोमती एक्सप्रेस से रायबरेली एम्स में तीसरे सत्र का दाखिला लेने जा रहा मेडिकल का छात्र हादसे का शिकार हो गया। बोगी के गेट पर खड़े युवक का अटरामपुर रेलवे स्टेशन के पहले आदमपुर गांव के सामने आउटर सिग्नल 12/12 नंबर पिलर से टकराने से मौत हो गई। हादसे के दूसरे दिन बृहस्पतिवार सुबह पुलिस को शव मिला। शिनाख्त के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बिहार के मुंगेर जिले के थाना कोतवाली, नीति बाग रायसर निवासी उत्तम कुमार पश्चिम रेलवे मुंबई में टेक्नीशियन ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं। उनका इकलौता बेटा हर्षराज (20) का एम्स रायबरेली में दाखिला कराने के लिए पूरा परिवार बीते सोमवार को मुंबई से रवाना हुआ था।
उत्तम कुमार ने बताया कि प्रयागराज के एक होटल में ठहरने के बाद बुधवार सुबह परिवार प्रयागराज संगम स्टेशन से गंगा गोमती एक्सप्रेस से रायबरेली के लिए रवाना हुआ था। सफर के दौरान हर्ष ट्रेन के गेट पर खड़ा था। अटरामपुर रेलवे स्टेशन के पहले आदमपुर गांव के सामने पोल संख्या 12/12 के पास तेज रफ्तार ट्रेन का झटका लगने से छिटककर वह नीचे पानी से भरे गड्ढे में गिर गया।
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युवक के लापता होने पर पिता लालगोपालगंज स्टेशन से बेटे की खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका पता नहीं चला। अनहोनी की आशंका में वह जीआरपी फाफामऊ को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस एवं परिजन छात्र की तलाश में जुट गए थे।
बेटे की खोज में पड़े छाले, तब मिली सफलता
इकलौते बेटे की गुमशुदगी से बेहाल पिता उत्तम कुमार ने हार नहीं मानी। वह जीआरपी की मदद के साथ खुद फाफामऊ रेलवे स्टेशन से ट्रैक के किनारे पैदल ही निकल पड़े। ढूंढते-ढूंढते उनके पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन उनका हौसला नहीं डगमगाया। बृहस्पतिवार सुबह जब वह अटरामपुर स्टेशन के आउटर सिग्नल से 200 मीटर पहले पहुंचे, तो ट्रैक किनारे बेटे की चप्पल दिखाई दी। पास ही पानी से भरे गड्ढे में देखने पर हर्ष का शव मिला, जिसे देखते ही पिता बदहवास हो गए।
-मां के सूखे आंसू, बहन का रो-रोकर हाल बेहाल
हर्ष इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही मां प्रिया कुमारी बेटे के गम में सुध-बुध खो बैठी। बहन भारती कुमारी का रो-रोकर हाल बेहाल है। गत वर्ष डेंटल में हर्ष को मौका मिला, लेकिन उसकी प्रतिभा को देखकर परिजन संतुष्ट नहीं हुए। परिजन हर्ष को डॉक्टर बनाना चाहता था।
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बिहार के मुंगेर जिले के थाना कोतवाली, नीति बाग रायसर निवासी उत्तम कुमार पश्चिम रेलवे मुंबई में टेक्नीशियन ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं। उनका इकलौता बेटा हर्षराज (20) का एम्स रायबरेली में दाखिला कराने के लिए पूरा परिवार बीते सोमवार को मुंबई से रवाना हुआ था।
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उत्तम कुमार ने बताया कि प्रयागराज के एक होटल में ठहरने के बाद बुधवार सुबह परिवार प्रयागराज संगम स्टेशन से गंगा गोमती एक्सप्रेस से रायबरेली के लिए रवाना हुआ था। सफर के दौरान हर्ष ट्रेन के गेट पर खड़ा था। अटरामपुर रेलवे स्टेशन के पहले आदमपुर गांव के सामने पोल संख्या 12/12 के पास तेज रफ्तार ट्रेन का झटका लगने से छिटककर वह नीचे पानी से भरे गड्ढे में गिर गया।
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युवक के लापता होने पर पिता लालगोपालगंज स्टेशन से बेटे की खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका पता नहीं चला। अनहोनी की आशंका में वह जीआरपी फाफामऊ को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस एवं परिजन छात्र की तलाश में जुट गए थे।
बेटे की खोज में पड़े छाले, तब मिली सफलता
इकलौते बेटे की गुमशुदगी से बेहाल पिता उत्तम कुमार ने हार नहीं मानी। वह जीआरपी की मदद के साथ खुद फाफामऊ रेलवे स्टेशन से ट्रैक के किनारे पैदल ही निकल पड़े। ढूंढते-ढूंढते उनके पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन उनका हौसला नहीं डगमगाया। बृहस्पतिवार सुबह जब वह अटरामपुर स्टेशन के आउटर सिग्नल से 200 मीटर पहले पहुंचे, तो ट्रैक किनारे बेटे की चप्पल दिखाई दी। पास ही पानी से भरे गड्ढे में देखने पर हर्ष का शव मिला, जिसे देखते ही पिता बदहवास हो गए।
-मां के सूखे आंसू, बहन का रो-रोकर हाल बेहाल
हर्ष इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही मां प्रिया कुमारी बेटे के गम में सुध-बुध खो बैठी। बहन भारती कुमारी का रो-रोकर हाल बेहाल है। गत वर्ष डेंटल में हर्ष को मौका मिला, लेकिन उसकी प्रतिभा को देखकर परिजन संतुष्ट नहीं हुए। परिजन हर्ष को डॉक्टर बनाना चाहता था।