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बंदी का रहा मिला जुला असर
ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़
Updated Thu, 11 Dec 2014 11:37 PM IST
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व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल पर हमले के विरोध में बाजार बंदी का असर मिला जुला रहा। आरोपी वकीलों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर व्यापारियों जुलूस निकाला और नारेबाजी की। व्यापारियों के तेवर देखते हुए शहर में प्रमुख स्थानों पर पुलिस मुस्तैद रही।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष पर हमले के विरोध में व्यापारी संगठनों ने गुरुवार को बंदी का ऐलान किया था। जिस पर सुबह व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी दुकानें बंद कराने को चौक घंटाघर में एकत्र हुए। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह छाबड़ा, महामंत्री राजेंद्र केसरवानी, बंसल गुट के जिलाध्यक्ष रमेश मोदनवाल, नगर अध्यक्ष अमर केसरवानी, सरदार मंजीत सिंह गोविंद, अख्तर राईन, रवि गुप्ता, उमा प्रकाश अग्रहरि, ट्रक आपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष विजय सिंह के नेतृत्व में व्यापारियों ने शहर में जुलूस निकालकर दुकानें बंद कराईं। इस दौरान व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर भड़ास निकाली। पंजाबी मार्केट, गल्ला मंडी में बंद का असर कुछ ज्यादा रहा। जबकि स्टेशन रोड, भंगवा चुंगी, बाबागंज, अंबेडकर चौराहा, मीराभवन चौराहा, सदर बाजार में अधिकांश दुकानें खुली रहीं। वहीं, दोपहर बाद व्यापारी नेताओं को छोड़कर अन्य व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें खोल दी। बंदी के दौरान शांति व्यवस्था के लिए शहर कोतवाल बलिराम मिश्र, अंतू एसओ लल्लन यादव और कंधई एसओ दलबल के साथ मकंद्रूगंज पुलिस चौकी पर मुस्तैद रहे। देर शाम व्यापारी नेताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा। व्यापारियों ने चेताया कि यदि प्रांतीय अध्यक्ष पर हमला करने वाले अधिवक्ताओं को गिरफ्तार न किया गया तो व्यापारी आरपार के संघर्ष को तैयार हैं। आने वाले दिनों में प्रांतीय नेतृत्व की रणनीति पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। बाजार बंद कराने वालों में श्यामलाल जायसवाल, लखनलाल, संजीव जायसवाल, संजीव कुमार, शरद कुमार, सुरेश केसरवानी, संजय सोनी, महेंद्र सिंह, मनोज सिंह समेत अन्य व्यापारी शामिल रहे।
प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल पर हमले के विरोध में गुरुवार को बंद का ऐलान किया गया था। सुबह से ही व्यापारी दुकानें बंद करा रहे थे। मगर व्यापारी नेताओं को दिन्नू समर्थक व्यापारियों ने बैरंग लौटा दिया। कहा कि वे अपनी दुकानें नहीं बंद करेंगे। श्याम बिहारी गली, सोनारी मोहल्ले में भी दुकानें खुली रहीं। व्यापारी संगठनों के बंद का असर यहां नहीं दिखा। व्यापारी संजय जैन, नितिन गुप्ता, विनय कुमार ने व्यापारी नेताओं को दोटूक जवाब दिया कि उनके साथी दिनेश सिंह दिन्नू के साथ हुई पुलिस ज्यादती के विरोध में आखिर दुकानें बंद क्यों नहीं की गईं। उनका रवैया देख व्यापारी नेता आगे बढ़ गए। शहर की तुलना में कस्बों के दुकानदारों ने जरूर एकता प्रदर्शित की। लगभग सभी बाजारों में सन्नाटा रहा।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष पर हमले के विरोध में व्यापारी संगठनों ने गुरुवार को बंदी का ऐलान किया था। जिस पर सुबह व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी दुकानें बंद कराने को चौक घंटाघर में एकत्र हुए। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह छाबड़ा, महामंत्री राजेंद्र केसरवानी, बंसल गुट के जिलाध्यक्ष रमेश मोदनवाल, नगर अध्यक्ष अमर केसरवानी, सरदार मंजीत सिंह गोविंद, अख्तर राईन, रवि गुप्ता, उमा प्रकाश अग्रहरि, ट्रक आपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष विजय सिंह के नेतृत्व में व्यापारियों ने शहर में जुलूस निकालकर दुकानें बंद कराईं। इस दौरान व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर भड़ास निकाली। पंजाबी मार्केट, गल्ला मंडी में बंद का असर कुछ ज्यादा रहा। जबकि स्टेशन रोड, भंगवा चुंगी, बाबागंज, अंबेडकर चौराहा, मीराभवन चौराहा, सदर बाजार में अधिकांश दुकानें खुली रहीं। वहीं, दोपहर बाद व्यापारी नेताओं को छोड़कर अन्य व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें खोल दी। बंदी के दौरान शांति व्यवस्था के लिए शहर कोतवाल बलिराम मिश्र, अंतू एसओ लल्लन यादव और कंधई एसओ दलबल के साथ मकंद्रूगंज पुलिस चौकी पर मुस्तैद रहे। देर शाम व्यापारी नेताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा। व्यापारियों ने चेताया कि यदि प्रांतीय अध्यक्ष पर हमला करने वाले अधिवक्ताओं को गिरफ्तार न किया गया तो व्यापारी आरपार के संघर्ष को तैयार हैं। आने वाले दिनों में प्रांतीय नेतृत्व की रणनीति पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। बाजार बंद कराने वालों में श्यामलाल जायसवाल, लखनलाल, संजीव जायसवाल, संजीव कुमार, शरद कुमार, सुरेश केसरवानी, संजय सोनी, महेंद्र सिंह, मनोज सिंह समेत अन्य व्यापारी शामिल रहे।
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प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल पर हमले के विरोध में गुरुवार को बंद का ऐलान किया गया था। सुबह से ही व्यापारी दुकानें बंद करा रहे थे। मगर व्यापारी नेताओं को दिन्नू समर्थक व्यापारियों ने बैरंग लौटा दिया। कहा कि वे अपनी दुकानें नहीं बंद करेंगे। श्याम बिहारी गली, सोनारी मोहल्ले में भी दुकानें खुली रहीं। व्यापारी संगठनों के बंद का असर यहां नहीं दिखा। व्यापारी संजय जैन, नितिन गुप्ता, विनय कुमार ने व्यापारी नेताओं को दोटूक जवाब दिया कि उनके साथी दिनेश सिंह दिन्नू के साथ हुई पुलिस ज्यादती के विरोध में आखिर दुकानें बंद क्यों नहीं की गईं। उनका रवैया देख व्यापारी नेता आगे बढ़ गए। शहर की तुलना में कस्बों के दुकानदारों ने जरूर एकता प्रदर्शित की। लगभग सभी बाजारों में सन्नाटा रहा।
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