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आखिरकार वकीलों के आगे झुके एसपी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:56 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
- फोटो : pratapgarah
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आखिरकार पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम को अपना आदेश बदलना ही पड़ा। अब एसपी कार्यालय का छोटा गेट आठ घंट के लिए खुलेगा और अधिवक्ताओं को कोई भी पहचान पत्र नहीं दिखाना होगा। एडीएम, सीआरओ ने जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित शुक्ला को जूस पिलाकर अनशन से उठाया। इसके साथ ही कई दिनों से चली आ रही हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गई।
पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने निकाय चुनाव के पहले एसपी कार्यालय का छोटा गेट बंद करा दिया था। जिसे लेकर कुछ दिनों से अधिवक्ता आंदोलित थे। गत दिनों वार्ता के दौरान एसपी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा था कि तीन घंटे के लिए गेट खोला जाएगा लेकिन प्रवेश के दौरान सभी अधिवक्ताओं को अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। एसपी की इस बात से नाराज अधिवक्ताओं ने आरपार के संघर्ष का एलान कर दिया। इस मामले को लेकर जूबाए के अध्यक्ष रोहित कुमार शुक्ल शुक्रवार को आमरण अनशन पर बैठ गए। न्यायिक कार्य से विरत अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक का प्रतीकात्मक पुतला भी जलाया। आंदोलित अधिवक्ताओं को मनाने के प्रयास में रात भर अधिकारी लगे रहे लेकिन बात नहीं बनी। जिलाधिकारी से कई राउंड आंदोलित अधिवक्ताओं की बातचीत हुई। रात में सीआरओ , एएसपी पूर्वी व पश्चिमी के साथ ही दूसरे अधिकारी अधिवक्ताओं से बातचीत करने पहुंचे। जहां जूबाए अध्यक्ष रोहित शुक्ला व महामंत्री जय प्रकाश मिश्रा ने साफ कहा कि पूर्व की तरह एसपी कार्यालय का छोटा गेट खोला जाए। अधिवक्ताओं की कोई आईडी चेक न की जाए। तभी उनका आमरण अनशन समाप्त होगा। शनिवार को जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में अपर जिलाधिकारी सोमदत्त मौर्य, सीआरओ रामसिंह वर्मा, एसडीएम सदर पंकज वर्मा पहुंचे। बताया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा। इसके बाद जूबाए अध्यक्ष रोहित शुक्ल को जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया गया। इस मौके पर सुशील कुमार पांडेय, रवींद्र कुमार मिश्रा, नीरज राय, अवनीश चंद्र शुक्ला, विद्या सागर शुक्ला, विवेक शुक्ला, पूर्व महामंत्री विवेक तिवारी, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अनुज कुमार, विनोद कुमार, गया प्रसाद मौर्य, नफीस, राहुल कुमार, जेपी दुबे, मुक्कू ओझा, विनय सिंह, डा. नीरज त्रिपाठी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। जूबाए अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने सभी तहसीलों के अधिवक्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि साथियों के हर संघर्ष में वह सदैव खड़े मिलेंगे। वकीलों की मांगें मान ली गई हैं जिसके कारण हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया गया है।
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पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने निकाय चुनाव के पहले एसपी कार्यालय का छोटा गेट बंद करा दिया था। जिसे लेकर कुछ दिनों से अधिवक्ता आंदोलित थे। गत दिनों वार्ता के दौरान एसपी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा था कि तीन घंटे के लिए गेट खोला जाएगा लेकिन प्रवेश के दौरान सभी अधिवक्ताओं को अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। एसपी की इस बात से नाराज अधिवक्ताओं ने आरपार के संघर्ष का एलान कर दिया। इस मामले को लेकर जूबाए के अध्यक्ष रोहित कुमार शुक्ल शुक्रवार को आमरण अनशन पर बैठ गए। न्यायिक कार्य से विरत अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक का प्रतीकात्मक पुतला भी जलाया। आंदोलित अधिवक्ताओं को मनाने के प्रयास में रात भर अधिकारी लगे रहे लेकिन बात नहीं बनी। जिलाधिकारी से कई राउंड आंदोलित अधिवक्ताओं की बातचीत हुई। रात में सीआरओ , एएसपी पूर्वी व पश्चिमी के साथ ही दूसरे अधिकारी अधिवक्ताओं से बातचीत करने पहुंचे। जहां जूबाए अध्यक्ष रोहित शुक्ला व महामंत्री जय प्रकाश मिश्रा ने साफ कहा कि पूर्व की तरह एसपी कार्यालय का छोटा गेट खोला जाए। अधिवक्ताओं की कोई आईडी चेक न की जाए। तभी उनका आमरण अनशन समाप्त होगा। शनिवार को जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में अपर जिलाधिकारी सोमदत्त मौर्य, सीआरओ रामसिंह वर्मा, एसडीएम सदर पंकज वर्मा पहुंचे। बताया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा। इसके बाद जूबाए अध्यक्ष रोहित शुक्ल को जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया गया। इस मौके पर सुशील कुमार पांडेय, रवींद्र कुमार मिश्रा, नीरज राय, अवनीश चंद्र शुक्ला, विद्या सागर शुक्ला, विवेक शुक्ला, पूर्व महामंत्री विवेक तिवारी, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अनुज कुमार, विनोद कुमार, गया प्रसाद मौर्य, नफीस, राहुल कुमार, जेपी दुबे, मुक्कू ओझा, विनय सिंह, डा. नीरज त्रिपाठी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। जूबाए अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने सभी तहसीलों के अधिवक्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि साथियों के हर संघर्ष में वह सदैव खड़े मिलेंगे। वकीलों की मांगें मान ली गई हैं जिसके कारण हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया गया है।
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