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Pratapgarh News: मारपीट में कार्रवाई न करने पर एसओ व चौकी प्रभारी लाइन हाजिर
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कोहडौर थाने के दुबे का पुरवा सुजानगढ़ में मृत युवक के आक्रोशित परिजन। संवाद
कांधरपुर सुजानगंज पूरे शिरोमणि पांडेय दयाल दुबे का पुरवा में जमीन के विवाद में सगे भाइयों के बीच मारपीट में युवक की मौत के मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने कोहड़ौर थानाध्यक्ष प्रीति कटियार व चौकी प्रभारी मदाफरपुर एहसानुल हक को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं पुलिस के रवैये से आक्रोशित परिजन कार्रवाई व आर्थिक मदद की मांग पूरी होने पर शव का अंतिम संस्कार न करने की जिद पर अड़े थे। 18 घंटे बाद सीओ सिटी व राजस्व विभाग के अफसरों के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के पूरे शिरोमणि दयाल दुबे का पुरवा में सगे भाई हरीलाल, हरीराम व राजेंद्र के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 12 जून को हरीलाल ने राजेंद्र व हरीराम को पीटकर लहूलुहान कर दिया। एसआरएन अस्पताल में बृहस्पतिवार रात राजेंद्र की मौत हो गई। खबर मिलते ही कोहड़ौर पुलिस मृतक के घर पहुंची और उसकी भाभी सावित्री से दूसरी तहरीर लेकर सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
शुक्रवार शाम पांच बजे शव पहुंचने पर पुलिस से तीखी झड़प हुई। पुलिस ने लोगों को सड़क से घसीटकर किनारे किया। शव के साथ पहुंचे मुख्य हत्यारोपी सगे भाई हरीलाल को पुलिस पहचान तक न सकी। परिजनों के बताने पर पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले गई। जिसे शनिवार को शाहपुर चौराहे से गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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मृतक के परिजनों के साथ कोहड़ौर पुलिस की ज्यादती के विरोध में भीम आर्मी के पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। उनकी पुलिस से तीखी बहस हुई। परिजन संग भीम आर्मी कोहड़ौर थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगी। मृतक के परिजनों को नौकरी, आर्थिक मदद, शस्त्र लाइसेंस, आवास व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पूरी होने पर ही अंतिम संस्कार की जिद पर अड़ गए। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी शिव नारायण वैश्य, तहसीलदार पवन कुमार सिंह ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर दो बजे अंतिम संस्कार के लिए राजी किया।
शाम को पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने घटना में लापरवाही बरतने वाली कोहड़ौर थानाध्यक्ष प्रीति कटियार व चौकी प्रभारी मदाफरपुर एहसानुल हक को लाइन हाजिर कर दिया। घटना में नामजद छह आरोपी फरार हैं।
इनका नौकरी मिली अहय लेकिन मारय का अधिकार के देहेस
शनिवार को उस समय लाेग आक्रोशित हो उठे। जब मृतक की पत्नी सीता देवी महिला थानाध्यक्ष व सिपाहियों को देख भड़क उठीं। बोलीं कि इनका सरकार नौकरी देहे अहय, लेकिन मारय का अधिकार के देहेस। हमरे बच्चन का घसीटकर पुलिस काहे मारेस। यह देख पुलिसकर्मी उनके सामने से हट गए। भीम आर्मी व सीओ सिटी ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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कोहड़ौर थाना क्षेत्र के पूरे शिरोमणि दयाल दुबे का पुरवा में सगे भाई हरीलाल, हरीराम व राजेंद्र के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 12 जून को हरीलाल ने राजेंद्र व हरीराम को पीटकर लहूलुहान कर दिया। एसआरएन अस्पताल में बृहस्पतिवार रात राजेंद्र की मौत हो गई। खबर मिलते ही कोहड़ौर पुलिस मृतक के घर पहुंची और उसकी भाभी सावित्री से दूसरी तहरीर लेकर सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
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शुक्रवार शाम पांच बजे शव पहुंचने पर पुलिस से तीखी झड़प हुई। पुलिस ने लोगों को सड़क से घसीटकर किनारे किया। शव के साथ पहुंचे मुख्य हत्यारोपी सगे भाई हरीलाल को पुलिस पहचान तक न सकी। परिजनों के बताने पर पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले गई। जिसे शनिवार को शाहपुर चौराहे से गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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मृतक के परिजनों के साथ कोहड़ौर पुलिस की ज्यादती के विरोध में भीम आर्मी के पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। उनकी पुलिस से तीखी बहस हुई। परिजन संग भीम आर्मी कोहड़ौर थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगी। मृतक के परिजनों को नौकरी, आर्थिक मदद, शस्त्र लाइसेंस, आवास व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पूरी होने पर ही अंतिम संस्कार की जिद पर अड़ गए। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी शिव नारायण वैश्य, तहसीलदार पवन कुमार सिंह ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर दो बजे अंतिम संस्कार के लिए राजी किया।
शाम को पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने घटना में लापरवाही बरतने वाली कोहड़ौर थानाध्यक्ष प्रीति कटियार व चौकी प्रभारी मदाफरपुर एहसानुल हक को लाइन हाजिर कर दिया। घटना में नामजद छह आरोपी फरार हैं।
इनका नौकरी मिली अहय लेकिन मारय का अधिकार के देहेस
शनिवार को उस समय लाेग आक्रोशित हो उठे। जब मृतक की पत्नी सीता देवी महिला थानाध्यक्ष व सिपाहियों को देख भड़क उठीं। बोलीं कि इनका सरकार नौकरी देहे अहय, लेकिन मारय का अधिकार के देहेस। हमरे बच्चन का घसीटकर पुलिस काहे मारेस। यह देख पुलिसकर्मी उनके सामने से हट गए। भीम आर्मी व सीओ सिटी ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।