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‘साइलेंट जोन’ में स्मार्टफोन
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 22 Mar 2017 12:29 AM IST
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डेमो
- फोटो : amar ujala
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चुनाव से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाईस्कूल पास युवाओं को स्मार्ट फोन देने की योजना खटाई में पड़ गई है। सूबे में भगवा सरकार का गठन होने के बाद अब इसे लागू करने की उम्मीद न के बराबर ही है। ऐसे में स्मार्ट फोन की राह देख रहे लोगों को तगड़ा झटका लगेगा। स्मार्ट फोन के लिए जिले से 2,22,619 लोगों ने आनलाइन आवेदन किया था।
सूबे में भाजपा की सरकार को सत्तारूढ़ करने में भले ही प्रदेश के करोड़ों लोगों का योगदान रहा हो, मगर जिले के 2,22,619 लोगों का सपना चकनाचूर हो गया है। यह संख्या उन लोगों की है, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव की मुफ्त स्मार्ट फोन देने की घोषणा पर आनलाइन आवेदन किया था। पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर फोन उपलब्ध कराने का दावा करने वाली पूर्व सरकार ने सत्ता में लौटने के लिए यह दांव चला था, लेकिन लोगों पर इसका कोई खास असर नहीं हुआ। हालांकि अधिक से अधिक लोग आवेदन करें, इसके लिए सरकारी मशीनरी को भी लगाया गया था। मगर सूबे में सपा को करारी हार का सामना करने के बाद अब इन लोगों के स्मार्ट फोन के सपने पर भी पानी फिर गया है।
बता दें कि शासन ने प्राइवेट एजेंसी को नामित कर एक वेबसाइट लांच की थी। जिसमें ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का डाटा एकत्रित करने को कहा गया था। हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 18 वर्ष के युवाओं को ही आवेदन करने को कहा गया था। मगर सूबे में भाजपा की सरकार आते ही ऑनलाइन मोबाइल के लिए आवेदन करने वाले लोगों को झटका लगा है। अब इस बात की उम्मीद बहुत कम है कि भाजपा सरकार सपा की इस योजना को परवान चढ़ाएगी। ऐसे में स्मार्ट फोन की राह देख रहे लोगों के हाथ मायूसी ही आएगी।
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सूबे में भाजपा की सरकार को सत्तारूढ़ करने में भले ही प्रदेश के करोड़ों लोगों का योगदान रहा हो, मगर जिले के 2,22,619 लोगों का सपना चकनाचूर हो गया है। यह संख्या उन लोगों की है, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव की मुफ्त स्मार्ट फोन देने की घोषणा पर आनलाइन आवेदन किया था। पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर फोन उपलब्ध कराने का दावा करने वाली पूर्व सरकार ने सत्ता में लौटने के लिए यह दांव चला था, लेकिन लोगों पर इसका कोई खास असर नहीं हुआ। हालांकि अधिक से अधिक लोग आवेदन करें, इसके लिए सरकारी मशीनरी को भी लगाया गया था। मगर सूबे में सपा को करारी हार का सामना करने के बाद अब इन लोगों के स्मार्ट फोन के सपने पर भी पानी फिर गया है।
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बता दें कि शासन ने प्राइवेट एजेंसी को नामित कर एक वेबसाइट लांच की थी। जिसमें ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का डाटा एकत्रित करने को कहा गया था। हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 18 वर्ष के युवाओं को ही आवेदन करने को कहा गया था। मगर सूबे में भाजपा की सरकार आते ही ऑनलाइन मोबाइल के लिए आवेदन करने वाले लोगों को झटका लगा है। अब इस बात की उम्मीद बहुत कम है कि भाजपा सरकार सपा की इस योजना को परवान चढ़ाएगी। ऐसे में स्मार्ट फोन की राह देख रहे लोगों के हाथ मायूसी ही आएगी।
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