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भाजपा को झटका, पूर्व विधायक ने सपा का दामन थामा
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लखनऊ में सपा के शामिल होते पूर्व विधायक बृजेश सौरभ। विज्ञाप्ति
- फोटो : PRATAPGARH
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लंबे समय से चल रहीं चर्चाओं पर विराम लगाते हुए सोमवार को पूर्व विधायक और भाजपा नेता बृजेश सौरभ ने सपा का दामन थाम लिया। लखनऊ में उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। पूर्व एमएलसी कांति सिंह ने भी सपा की सदस्यता ली है।
पूर्व विधायक बृजेश सौरभ किनारे किए जाने से लंबे समय से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रहे थे। गुजरात कॉडर के आईएएस रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले अरविंद कुमार शर्मा की यूपी की सियासत में इंट्री के बाद बृजेश सौरभ ने खुलकर उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की थी। इसके अलावा बृजेश ने प्रतापगढ़ में बने मेडिकल कॉलेज का नामकरण डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर किए जाने को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
सोशल मीडिया पर भी उन्होंने लगातार इसके खिलाफ अभियान चलाया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में बृजेश सौरभ सदर विधानसभा से टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे, लेकिन अंतिम समय में यह सीट अपना दल एस के खाते में चली गई। 2019 के लोकसभा चुनाव में सदर विधायक रहे संगमलाल गुप्ता के सांसद चुने जाने के बाद उपचुनाव में एक बार फिर बृजेश सौरभ टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे, लेकिन फिर सीट अपना दल एस के खाते में चली गई।
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इसके बाद से बृजेश सौरभ की भाजपा नेतृत्व से खींचतान चल रही थी। पिछले दो महीने से उनके सपा में जाने की चर्चाएं थीं। कुछ दिनों पहले रायबरेली में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद इसके कयास तेज हो गए थे। सोमवार को सपा कार्यालय में पार्टी मुखिया अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने सपा की सदस्यता ले ली। ब्राह्मण वोटरों में अच्छी पकड़ रखने वाले बृजेश सौरभ के सपा में जाने से भाजपा को झटका लगा है।
हालांकि भाजपा नेता इस पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से बचते रहे। पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ ने कहा कि दस वर्षों तक भाजपा में उनका शोषण हुआ। उनके राजनैतिक कैरियर के पतन का कुत्सित प्रयास किया गया। जिले में भाजपा कुछ लोगों के हाथों में गिरवी रख दी गई है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों से प्रेरित होकर उन्होंने सदस्यता ली है। उधर, पूर्व स्नातक विधान परिषद सदस्य कांति सिंह ने भी सोमवार को सपा की सदस्यता ग्रहण की।
अदएस ने विश्वनाथगंज विधायक को पार्टी से किया निलंबित
अपना दल एस ने विश्वनाथगंज विधायक को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पटेल की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण संगठन की अनुशासन समिति ने विश्वनाथगंज विधानसभा के विधायक के खिलाफ कार्रवाई की है।
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पूर्व विधायक बृजेश सौरभ किनारे किए जाने से लंबे समय से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रहे थे। गुजरात कॉडर के आईएएस रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले अरविंद कुमार शर्मा की यूपी की सियासत में इंट्री के बाद बृजेश सौरभ ने खुलकर उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की थी। इसके अलावा बृजेश ने प्रतापगढ़ में बने मेडिकल कॉलेज का नामकरण डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर किए जाने को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
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सोशल मीडिया पर भी उन्होंने लगातार इसके खिलाफ अभियान चलाया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में बृजेश सौरभ सदर विधानसभा से टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे, लेकिन अंतिम समय में यह सीट अपना दल एस के खाते में चली गई। 2019 के लोकसभा चुनाव में सदर विधायक रहे संगमलाल गुप्ता के सांसद चुने जाने के बाद उपचुनाव में एक बार फिर बृजेश सौरभ टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे, लेकिन फिर सीट अपना दल एस के खाते में चली गई।
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इसके बाद से बृजेश सौरभ की भाजपा नेतृत्व से खींचतान चल रही थी। पिछले दो महीने से उनके सपा में जाने की चर्चाएं थीं। कुछ दिनों पहले रायबरेली में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद इसके कयास तेज हो गए थे। सोमवार को सपा कार्यालय में पार्टी मुखिया अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने सपा की सदस्यता ले ली। ब्राह्मण वोटरों में अच्छी पकड़ रखने वाले बृजेश सौरभ के सपा में जाने से भाजपा को झटका लगा है।
हालांकि भाजपा नेता इस पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से बचते रहे। पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ ने कहा कि दस वर्षों तक भाजपा में उनका शोषण हुआ। उनके राजनैतिक कैरियर के पतन का कुत्सित प्रयास किया गया। जिले में भाजपा कुछ लोगों के हाथों में गिरवी रख दी गई है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों से प्रेरित होकर उन्होंने सदस्यता ली है। उधर, पूर्व स्नातक विधान परिषद सदस्य कांति सिंह ने भी सोमवार को सपा की सदस्यता ग्रहण की।
अदएस ने विश्वनाथगंज विधायक को पार्टी से किया निलंबित
अपना दल एस ने विश्वनाथगंज विधायक को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पटेल की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण संगठन की अनुशासन समिति ने विश्वनाथगंज विधानसभा के विधायक के खिलाफ कार्रवाई की है।