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पछुआ हवाओं संग लगी सावन की झड़ी
Mon, 02 Aug 2021 01:27 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 02 Aug 2021 01:27 AM IST
सार
महीने भर से तल्ख धूप के बीच उमसभरी गर्मी झेल रहे लोगों को झमाझम बारिश ने राहत पहुंचाई। शनिवार को देर शाम से पछुआ हवाओं संग कभी रिमझिम तो कभी झमाझम लगातार 19 घंटे तक बारिश होती रही।
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रविवार को हुई जोरदार बारिश से पल्टन बाजार में हुआ जलभराव। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
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विस्तार
महीने भर से तल्ख धूप के बीच उमसभरी गर्मी झेल रहे लोगों को झमाझम बारिश ने राहत पहुंचाई। शनिवार को देर शाम से पछुआ हवाओं संग कभी रिमझिम तो कभी झमाझम लगातार 19 घंटे तक बारिश होती रही। सावन के महीने में झमाझम बारिश से चारों तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा।
तापमान लुढ़कने से मौसम सुहाना हो गया। शहर में जगह-जगह जलभराव की समस्या रही। जगह-जगह बारिश की वजह से पेड़ गिर गए। बिजली व्यवस्था आपूर्ति बाधित हो गई। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। मई व जून के मध्य चरण तक झमाझम बारिश हुई, मगर इसके बाद वातावरण में पश्चिमी हवाओं ने पैठ जमा ली। जुलाई माह में लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद थी, मगर बादल रूठे रहे। आषाढ़ माह में बारिश नहीं हुई।
सावन के दूसरे सप्ताह में झमाझम बारिश से लोगों के चेहरे खिल उठे। शनिवार की देर शाम पछुआ हवाओं संग झमाझम बारिश शुरू हो गई। रविवार को दोपहर तक कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश होती रही। शहर से गांव तक चहुंओर पानी ही पानी नजर आने लगा। लोगों को गर्मी से राहत मिल गई।
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हालांकि शहर में बारिश से जलभराव की समस्या खड़ी हो गई। शहर के पल्टनबाजार, बेगम वार्ड, आजाद नगर, दहिलामऊ उत्तरी, शिवजीपुर, जोगापुर, विवेक नगर आदि मोहल्लों में जलभराव व कीचड़ की समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ा।
शहर में जिला अस्पताल की ओपीडी में जलभराव हो गया। दोपहर 12 बजे के बाद बारिश धीमी हुई तो जलनिकासी के लिए लोगों ने मशक्कत की।
लॉकडाउन की वजह से शहर में दुकानें बंद थीं, मगर सड़कों पर चहल-पहल बनी रही। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि अधिकतम तापमान 32 व न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
41.1 मिमी हुई बारिश
सावन में मेघा मेहरबान हुए तो झमाझम बारिश हुई। 19 घंटे में कुल 41.1 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि अभी और बारिश के आसार हैं।
रास्ते में गिरा पेड़, आवागमन में बाधित
गड़वारा। झमाझम बारिश से क्षेत्र के धरमपुर रोड़ पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। सुबह जानकारी होने के बाद ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पेड़ काटकर सड़क से हटाया। तब जाकर आवागमन शुरू हुआ।
धान की फसल को मिली संजीवनी
शनिवार और रविवार को हुई झमाझम बारिश से किसानों को चेहरे खिल उठे। रविवार को दिनभर किसान खेतों में पानी सहेजने में जुटे रहे। धान की फसल को बारिश से संजीवनी मिली है। बारिश न होने से धान की फसल सूख रही थी। इससे किसान परेशान थे।
रविवार भोर में झमाझम बारिश देख किसानों के चेहरे खिल उठे। दोपहर बाद बारिश ठप होने के बाद किसान फावड़ा लेकर खेतों की तरफ चल दिए। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि फसलों के लिए बारिश संजीवनी के समान है। जिन लोगों ने अभी तक रोपाई नहीं की है, वे अब रोपाई कर सकेंगे।
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तापमान लुढ़कने से मौसम सुहाना हो गया। शहर में जगह-जगह जलभराव की समस्या रही। जगह-जगह बारिश की वजह से पेड़ गिर गए। बिजली व्यवस्था आपूर्ति बाधित हो गई। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। मई व जून के मध्य चरण तक झमाझम बारिश हुई, मगर इसके बाद वातावरण में पश्चिमी हवाओं ने पैठ जमा ली। जुलाई माह में लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद थी, मगर बादल रूठे रहे। आषाढ़ माह में बारिश नहीं हुई।
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सावन के दूसरे सप्ताह में झमाझम बारिश से लोगों के चेहरे खिल उठे। शनिवार की देर शाम पछुआ हवाओं संग झमाझम बारिश शुरू हो गई। रविवार को दोपहर तक कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश होती रही। शहर से गांव तक चहुंओर पानी ही पानी नजर आने लगा। लोगों को गर्मी से राहत मिल गई।
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हालांकि शहर में बारिश से जलभराव की समस्या खड़ी हो गई। शहर के पल्टनबाजार, बेगम वार्ड, आजाद नगर, दहिलामऊ उत्तरी, शिवजीपुर, जोगापुर, विवेक नगर आदि मोहल्लों में जलभराव व कीचड़ की समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ा।
शहर में जिला अस्पताल की ओपीडी में जलभराव हो गया। दोपहर 12 बजे के बाद बारिश धीमी हुई तो जलनिकासी के लिए लोगों ने मशक्कत की।
लॉकडाउन की वजह से शहर में दुकानें बंद थीं, मगर सड़कों पर चहल-पहल बनी रही। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि अधिकतम तापमान 32 व न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
41.1 मिमी हुई बारिश
सावन में मेघा मेहरबान हुए तो झमाझम बारिश हुई। 19 घंटे में कुल 41.1 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि अभी और बारिश के आसार हैं।
रास्ते में गिरा पेड़, आवागमन में बाधित
गड़वारा। झमाझम बारिश से क्षेत्र के धरमपुर रोड़ पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। सुबह जानकारी होने के बाद ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पेड़ काटकर सड़क से हटाया। तब जाकर आवागमन शुरू हुआ।
धान की फसल को मिली संजीवनी
शनिवार और रविवार को हुई झमाझम बारिश से किसानों को चेहरे खिल उठे। रविवार को दिनभर किसान खेतों में पानी सहेजने में जुटे रहे। धान की फसल को बारिश से संजीवनी मिली है। बारिश न होने से धान की फसल सूख रही थी। इससे किसान परेशान थे।
रविवार भोर में झमाझम बारिश देख किसानों के चेहरे खिल उठे। दोपहर बाद बारिश ठप होने के बाद किसान फावड़ा लेकर खेतों की तरफ चल दिए। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि फसलों के लिए बारिश संजीवनी के समान है। जिन लोगों ने अभी तक रोपाई नहीं की है, वे अब रोपाई कर सकेंगे।

मीरा भवन के समीप लालगंज रोड पर सगरा गांव में मुख्य मार्ग पर तेज बारिश व हवा से गिरे पेड़ को हटाते व?- फोटो : PRATAPGARH

गडवारा के धरमपुर रोड पर बारिश व तेज हवा से गिरे पेड़ को हटाते ग्रामीण। संवाद- फोटो : PRATAPGARH