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मतदाता सूची पर गांव-गांव मचा बवाल
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प्रतापगढ़। पंचायत चुनाव की संशोधित मतदाता सूची को लेकर जिले भर में बवाल मचा है। मतदाता सूची में गांव के अधिकांश लोगों के नाम गायब होने और बाहरी लोगों को शामिल करने की शिकायतों का पुलिंदा हर दिन अफसरों के पास पहुंच रहा है। किसी गांव में दो सौ तो किसी में तीन सौ लोगों के नाम गायब कर दिए गए हैं। लोग बीएलओ के साथ ही प्रधानों पर सूची से नाम गायब कराने का आरोप लगा रहे हैं।
मार्च में संभावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बीते दिनों मतदाता सूची में संशोधन के लिए पुनरीक्षण अभियान चलाया गया था। बीते 27 दिसंबर को संशोधित सूची का प्रकाशन हुआ था। तीन जनवरी तक आपत्तियां मांगी गई थीं। फाइनल सूची 22 जनवरी को प्रकाशित होनी है। संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अब जिले भर में बवाल मच गया है। जगह-जगह लोग वोटर लिस्ट से नाम गायब होने का आरोप लगा रहे हैं। कुंडा इलाके के कैमा गांव की मतदाता सूची में 450 नामों को गायब कर दिया गया है। गांव के लोगों को जानकारी हुई तो उन्होंने डीएम कैंप कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इसी तरह बेलखरनाथधाम ब्लाक के पूरे पांडेय का पुरवा गांव में लगभग तीन सौ लोगों के नाम गायब हो गए हैं। संडवा चंद्रिका के भवानीपुर गांव में लगभग चार सौ मतदाताओं के नाम गायब कर दिए गए हैं। मतदाता सूची में व्यापक गड़बड़ी के लिए बीएलओ से अधिक राजस्व कर्मचारी जिम्मेदार हैं। कक्षा आठ पास सफाई कर्मचारियों को भी बीएलओ बना दिया गया है। लोगों का आरोप है कि गांव के निवर्तमान प्रधान इसका फायदा उठाकर विरोधियों का नाम मतदाता सूची से गायब करा दे रहे हैं। गायब नामों में ऐसे भी लोग शामिल हैं, जो दो साल से प्रधानी के लिए कमर कसे हुए हैं। ऐसे में अफसरों की परेशानी बढ़ गई है। तहसील और जिला स्तर पर आए दिन प्रदर्शन और शिकायतें आ रही हैं, मगर वेबसाइट बंद होने से अभी नाम नहीं बढ़ पा रहे हैं।
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समाधान दिवस में मतदाता सूची गड़बड़ी की अधिक शिकायतें
मंगलवार को डीएम डॉ. नितिन बंसल सदर तहसील में जनता की शिकायतें सुन रहे थे। उनके पास आने वाली शिकायतों में सबसे अधिक मतदाता सूची से संबंधित शिकायतें थीं। डीएम ने एसडीएम सदर से कटे हुए सभी नामों को बढ़ाने को कहा है।
प्रधानों ने अपने करीबियों को बनवा रखा है बीएलओ
जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में निवर्तमान प्रधानों ने अपने करीबियों को बीएलओ को बनवा रखा है। इससे वह प्रधानों के इशारे पर नाच रहे हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी कार्रवाई करने के बजाए नाम जोड़ने का आश्वासन दे रहे हैं।
12 को खुली आयोग की वेबसाइट
चुनाव आयोग की वेबसाइट अभी बंद चल रही है। 12 जनवरी को आयोग की वेबसाइट खुलने के बाद नाम बढ़ाने और काटने की प्रक्रिया शुरू होगी। 22 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। ग्राम पंचायतों में बीएलओ से तीन जनवरी तक आपत्ति लेने को कहा गया था, मगर अभी यह सिलसिला जारी है।
मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम गायब हो गए हैं, वे बीएलओ के पास फार्म भरकर जमा कर दें। सभी लोगों के नाम जोड़ दिए जाएंगे। अभी चुनाव आयोग की वेबसाइट बंद है, 12 जनवरी से फीडिंग प्रारंभ होगी। 22 जनवरी को अंतिम प्रकाशन है। मगर इसके बाद भी नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी। शत्रोहन वैश्य, एडीएम
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मार्च में संभावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बीते दिनों मतदाता सूची में संशोधन के लिए पुनरीक्षण अभियान चलाया गया था। बीते 27 दिसंबर को संशोधित सूची का प्रकाशन हुआ था। तीन जनवरी तक आपत्तियां मांगी गई थीं। फाइनल सूची 22 जनवरी को प्रकाशित होनी है। संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अब जिले भर में बवाल मच गया है। जगह-जगह लोग वोटर लिस्ट से नाम गायब होने का आरोप लगा रहे हैं। कुंडा इलाके के कैमा गांव की मतदाता सूची में 450 नामों को गायब कर दिया गया है। गांव के लोगों को जानकारी हुई तो उन्होंने डीएम कैंप कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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इसी तरह बेलखरनाथधाम ब्लाक के पूरे पांडेय का पुरवा गांव में लगभग तीन सौ लोगों के नाम गायब हो गए हैं। संडवा चंद्रिका के भवानीपुर गांव में लगभग चार सौ मतदाताओं के नाम गायब कर दिए गए हैं। मतदाता सूची में व्यापक गड़बड़ी के लिए बीएलओ से अधिक राजस्व कर्मचारी जिम्मेदार हैं। कक्षा आठ पास सफाई कर्मचारियों को भी बीएलओ बना दिया गया है। लोगों का आरोप है कि गांव के निवर्तमान प्रधान इसका फायदा उठाकर विरोधियों का नाम मतदाता सूची से गायब करा दे रहे हैं। गायब नामों में ऐसे भी लोग शामिल हैं, जो दो साल से प्रधानी के लिए कमर कसे हुए हैं। ऐसे में अफसरों की परेशानी बढ़ गई है। तहसील और जिला स्तर पर आए दिन प्रदर्शन और शिकायतें आ रही हैं, मगर वेबसाइट बंद होने से अभी नाम नहीं बढ़ पा रहे हैं।
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समाधान दिवस में मतदाता सूची गड़बड़ी की अधिक शिकायतें
मंगलवार को डीएम डॉ. नितिन बंसल सदर तहसील में जनता की शिकायतें सुन रहे थे। उनके पास आने वाली शिकायतों में सबसे अधिक मतदाता सूची से संबंधित शिकायतें थीं। डीएम ने एसडीएम सदर से कटे हुए सभी नामों को बढ़ाने को कहा है।
प्रधानों ने अपने करीबियों को बनवा रखा है बीएलओ
जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में निवर्तमान प्रधानों ने अपने करीबियों को बीएलओ को बनवा रखा है। इससे वह प्रधानों के इशारे पर नाच रहे हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी कार्रवाई करने के बजाए नाम जोड़ने का आश्वासन दे रहे हैं।
12 को खुली आयोग की वेबसाइट
चुनाव आयोग की वेबसाइट अभी बंद चल रही है। 12 जनवरी को आयोग की वेबसाइट खुलने के बाद नाम बढ़ाने और काटने की प्रक्रिया शुरू होगी। 22 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। ग्राम पंचायतों में बीएलओ से तीन जनवरी तक आपत्ति लेने को कहा गया था, मगर अभी यह सिलसिला जारी है।
मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम गायब हो गए हैं, वे बीएलओ के पास फार्म भरकर जमा कर दें। सभी लोगों के नाम जोड़ दिए जाएंगे। अभी चुनाव आयोग की वेबसाइट बंद है, 12 जनवरी से फीडिंग प्रारंभ होगी। 22 जनवरी को अंतिम प्रकाशन है। मगर इसके बाद भी नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी। शत्रोहन वैश्य, एडीएम