Pratapgarh : कुंडा-बाबागंज का बदला समीकरण, राजा भैया अखिलेश यादव जिंदाबाद की गूंज
लोकसभा चुनाव को लेकर बीते दिनों बीजेपी के बड़े नेता व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान सांसद प्रत्याशी विनोद सोनकर को लेकर राजा भैया के आवास पर मुलाकात करने पहुंचे। तब अटकले लगाई जाने लगी कि राजा भैया बीजेपी के साथ जाने वाले हैं। हालांकि
विस्तार
कौशांबी लोकसभा के कुंडा व बाबागंज में अब चुनावी समीकरण बदलता नजर आ रहा है। शुक्रवार को सपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसत्ता दल के कार्यकर्ता उतर पड़े। कुंडा व बाबागंज में राजा भैया-अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे भी गूंजे। इस नए बन रहे समीकरण से अब कौशांबी लोकसभा सीट पर सियासत गरमाने लगी है। लोकसभा चुनाव को लेकर बीते दिनों बीजेपी के बड़े नेता व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान सांसद प्रत्याशी विनोद सोनकर को लेकर राजा भैया के आवास पर मुलाकात करने पहुंचे। तब अटकले लगाई जाने लगी कि राजा भैया बीजेपी के साथ जाने वाले हैं।
हालांकि लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी की कुंडा सीट से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के मुखिया रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने किसी भी पार्टी को समर्थन देने से इनकार करते हुए पार्टी के कार्यकर्ताओं व नेताओं को आजाद कर दिया। हालांकि, पहले ये माना जा रहा था कि राजा भैया बीजेपी को खुला समर्थन दे सकते हैं. लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिन्होंने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
शुक्रवार को कौशांबी से सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र सरोज के समर्थन में जनसत्ता दल के प्रभावशाली कार्यकर्ता भी चुनाव प्रचार में उतर गए। कुंडा व बाबागंज विधानसभा में सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र के कार्यक्रम में दर्जनों लोग राजा भैया-अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाते नजर आए। कुंडा के पूर्व प्रमुख संतोष सिंह अपने साथियों के साथ सपा प्रत्याशी का स्वागत करने के साथ ही कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी करते रहे। ऐसे बहुत से वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
इतना ही नहीं पुष्पेंद्र सरोज के मंच के आसपास राजा भैया की पार्टी के झंडे-बैनर भी दिखाई दे रहे हैं। इन सबको को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक अब अघोषित तौर पर सपा के साथ है। अगर ऐसा है तो बीजेपी के लिए ये किसी झटके से कम नहीं है।
फैसले से हर दल में बढ़ी थी हलचल
जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने 14 मई की शाम अपने समर्थकों के सामने खुले मंच से ऐलान किया वो लोकसभा चुनाव में किसी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे। बेंगलुरु में गृहमंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात भी हुई थी। इसके बाद 12 मई को कुंडा के हीरागंज में अमित शाह की जनसभा लगी थी।
उस समय ये कयास लगाए जा रहे थे की अमित शाह के साथ राजा भैया भी मंच साझा करेंगे, लेकिन लोगों की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए राजा भैया ने एक ट्वीट करके 14 मई को एक आकस्मिक बैठक बुला ली। जिसमे किसी को समर्थन न देने का फैसला सुना दिया। साथ ही उन्होंने समर्थकों से कहा कि आपको जिसको वोट करना है कीजिए। यह माना जा रहा है कि कुंडा व बाबागंज में जनसत्ता दल के कार्यकर्ता जिसके साथ होंगे। वहां की लीड निर्णायक होगी।