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गांवों में क्यूआर कोड से ली जाएगी बिजली की मीटर रीडिंग, मनमानी लगेगी रोक

Sat, 04 Sep 2021 05:19 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: इलाहाबाद ब्यूरो Updated Sat, 04 Sep 2021 05:19 PM IST
सार

बिजली कंपनी ने क्यूआर कोड में उपभोक्ता क्रमांक के साथ उपभोक्ता का नाम भी दर्ज किया है। इसे मीटर रीडर द्वारा स्कैन करते ही ऑटोमेटिक बिल जनरेट हो जाएगा। बिजली कंपनी कर्मचारियों के अनुसार पहले मोबाइल में कंज्यूमर नंबर डालना पड़ता था।

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Reading will be taken from QR code in villages, arbitrariness will be banned
electricity meter

विस्तार

विद्युत वितरण कंपनी गांवों में जल्द ही क्यूआर कोड के माध्यम से मीटर रीडिंग लेने की व्यवस्था करने वाली है। ग्रामीण क्षेत्र में मीटरों पर स्टीकर लगाने का काम शुरू हो गया है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य है कि अधिकांश उपभोक्ता शिकायत करते थे कि उन्हें मनमाना बिल दिया जा रहा है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मीटर रीडर क्यूआर कोड से रीडिंग लेकर तुरंत उपभोक्ता के हाथों में बिल देंगे।
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जिले में चार विद्युत वितरण पारेषण खंड है। सदर, रानीगंज, कुंडा व लालगंज। इसके तहत कुल पांच लाख पंजीकृत उपभोक्ता है। बिजली चोरी रोकने के लिए गांवों में करीब घर- घर मीटर लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। ग्रामीण इलाकों में मीटर रीडरों द्वारा खेल करने की शिकायतों आए दिन आती रहती हैं। मगर अब वह खेल नहीं कर सकेंगे।
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दरअसल बिना क्यूआर कोड के उपभोक्ता का सर्विस नंबर नहीं खुलेगा। इसलिए मीटर रीडर को हर महीने उपभोक्ता के घर पहुंचकर क्यूआर कोड स्कैन करके ही उसे मौके पर बिल देना होगा। एक्सईएन प्रथम चंद्रमा प्रसाद ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में क्यूआर कोड सिस्टम की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे उपभोक्ताओं को काफी राहत रहेगी।

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क्यूआर कोड में नाम के साथ उपभोक्ता दर्ज होगा क्रमांक
बिजली कंपनी ने क्यूआर कोड में उपभोक्ता क्रमांक के साथ उपभोक्ता का नाम भी दर्ज किया है। इसे मीटर रीडर द्वारा स्कैन करते ही ऑटोमेटिक बिल जनरेट हो जाएगा। बिजली कंपनी कर्मचारियों के अनुसार पहले मोबाइल में कंज्यूमर नंबर डालना पड़ता था।


यह होगा फायदा
बिजली कंपनी को बार-बार की शिकायतों से छुटकारा मिलेगा। क्योंकि उपभोक्ताओं की सबसे ज्यादा शिकायतें बिना देखे बिल दिए जाने की ही सामने आती हैं। मीटर रीडर को भी उपभोक्ता से बिल मांगने या उसके घर में मौजूद नहीं होने पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। वह सिर्फ क्यूआर कोड स्कैन करेगा और मौके पर ही बिल निकालकर उपभोक्ता को देगा। कंपनी के अफसर भी निरीक्षण के दौरान उपभोक्ता से बिल नहीं मांगेंगे। क्यूआर कोड स्कैन करने पर उपभोक्ता की सारी जानकारी उनके सामने होगी।

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