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एक ही परिवार के बन रहे तीन-तीन राशनकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 14 May 2016 11:43 PM IST
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rashan card
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राशन, केरोसिन के लिए साथ रहने वाला परिवार भी अब बंटा दिख रहा है। एक ही परिवार के लोग तीन-तीन राशन कार्ड बनवाने की मंशा से आवेदन कर रखे हैं। ताकि उन लोगों को सरकार की ओर से अधिक लाभ मिल सके। राशनकार्ड के सत्यापन में यह बातें सामने आ रही हैं। जिले में आठ लाख से अधिक राशनकार्ड धारक हैं। पुराने कार्डों को रिजेक्ट करके नये राशनकार्ड वितरित किए जा रहे हैं। अंत्योदय को छोड़कर खाद्य सुरक्षा योजना में भी बीपीएल श्रेणी के राशनकार्डों को रखा गया है। आनलाइन राशनकार्डों की फीडिंग भी हो रही है। पुराने समय में आवेदन करने वाले अधिकांश लोगों का चयन बिना किसी सत्यापन के जिला पूर्ति विभाग ने मनमानी तरीके से कर भी लिया। जिसमे नौकरीपेशा लोगों को भी खाद्य सुरक्षा योजना के तहत कम दाम में राशन वितरित किया जा रहा है।
कुछ दिनों पहले ऑनलाइन राशनकार्डों के सत्यापन के लिए ब्लाक व नगर पंचायतों को सूची उपलब्ध कराई गई। सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान यह देखने को मिल रहा है कि एक ही परिवार के लोग मुखिया का नाम बदल दे रहे हैं, अन्य सदस्यों के नाम यूनिट में शामिल किए हुए हैं। यदि किसी के परिवार में दो लड़के हैं और शादी हो गई है तो वह तीन राशनकार्ड बनवाना चाह रहे हैं। इसकी जानकारी प्रपत्रों की जांच में हो रही है। यदि ऐसा रहा तो जिले में राशन कार्डों की संख्या दस लाख से भी अधिक होगी। ऐसे में प्रभावशाली लोग अपने प्रभाव का प्रयोग करते हुए खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने लगे हैं और जरूरतमंद इस योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे।
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कुछ दिनों पहले ऑनलाइन राशनकार्डों के सत्यापन के लिए ब्लाक व नगर पंचायतों को सूची उपलब्ध कराई गई। सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान यह देखने को मिल रहा है कि एक ही परिवार के लोग मुखिया का नाम बदल दे रहे हैं, अन्य सदस्यों के नाम यूनिट में शामिल किए हुए हैं। यदि किसी के परिवार में दो लड़के हैं और शादी हो गई है तो वह तीन राशनकार्ड बनवाना चाह रहे हैं। इसकी जानकारी प्रपत्रों की जांच में हो रही है। यदि ऐसा रहा तो जिले में राशन कार्डों की संख्या दस लाख से भी अधिक होगी। ऐसे में प्रभावशाली लोग अपने प्रभाव का प्रयोग करते हुए खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने लगे हैं और जरूरतमंद इस योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे।
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