{"_id":"688bb380becf24f5f40e1da1","slug":"raniganjfive-hospitals-but-there-are-no-arrangements-for-ultrasound-tests-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1003-144722-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: रानीगंज...पांच अस्पताल लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच के नहीं हैं इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: रानीगंज...पांच अस्पताल लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच के नहीं हैं इंतजाम
विज्ञापन
रानीगंज तहसील की आबादी 3.34 लाख है। मरीजों की सहूलियत के लिए इस तहसील क्षेत्र में एक ट्रॉमा सेंटर, तीन सीएचसी और एक 50 बेड अस्पताल है। लेकिन, यहां अल्ट्रासाउंड जांच का इंतजाम नहीं है। मरीजाें को अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है या निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर।
रानीगंज तहसील क्षेत्र में दो ब्लाॅक हैं। शासन के आदेश पर रानीगंज सीएचसी, रानीगंज ट्रॉमा सेंटर, गौरा, कहला सीएचसी के साथ बैरमपुर सुवंसा में 50 बेड का अस्पताल है। बैरमपुर सुंवसा अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट तो हैं लेकिन मशीन नहीं है। रानीगंज, गौरा और कहला सीएचसी में दोनों नहीं। सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए मेडिकल कॉलेज दो बार आना पड़ता है। एक बार नंबर लगवाने तो दूसरी बार जांच कराने।
सीएमओ डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि शासन के पास पत्र भेजकर पांच नई अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदने के लिए अनुमति मांगी गई है।
बोले ग्रामीण
-- सीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच न होने के कारण प्रतापगढ़ जाना पड़ता है। जिस वजह से परेशानी होती है। अगर यहीं के अस्पतालों में व्यवस्था हो जाए तो शहर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। - छोटेलाल, विक्रमपुर
विज्ञापन
--
तहसील क्षेत्र के एक भी सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच का इंतजाम नहीं है। इसका फायदा निजी सेंटर संचालक उठा रहे हैं। एक से डेढ़ हजार रुपये जांच के नाम पर लेते हैं। - विनीत मिश्र, नौड़ेरा
विज्ञापन
रानीगंज तहसील क्षेत्र में दो ब्लाॅक हैं। शासन के आदेश पर रानीगंज सीएचसी, रानीगंज ट्रॉमा सेंटर, गौरा, कहला सीएचसी के साथ बैरमपुर सुवंसा में 50 बेड का अस्पताल है। बैरमपुर सुंवसा अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट तो हैं लेकिन मशीन नहीं है। रानीगंज, गौरा और कहला सीएचसी में दोनों नहीं। सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए मेडिकल कॉलेज दो बार आना पड़ता है। एक बार नंबर लगवाने तो दूसरी बार जांच कराने।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि शासन के पास पत्र भेजकर पांच नई अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदने के लिए अनुमति मांगी गई है।
बोले ग्रामीण
विज्ञापन
तहसील क्षेत्र के एक भी सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच का इंतजाम नहीं है। इसका फायदा निजी सेंटर संचालक उठा रहे हैं। एक से डेढ़ हजार रुपये जांच के नाम पर लेते हैं। - विनीत मिश्र, नौड़ेरा