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up election 2022 : दस्यु सरगना ददुआ के भतीजे राम सिंह पटेल 156 मत से जीतकर बन गए थे विधायक

Sun, 14 Nov 2021 09:30 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 14 Nov 2021 09:30 PM IST
सार

पोस्टल बैलेट की गिनती न करने पर हाईकोर्ट ने रद्द कर दी थी राम सिंह पटेल की विधानसभा सदस्यता। बाद में सुप्रीम कोर्ट से मिली थी राहत। पूर्व मंत्री मोती सिंह को प्रतापगढ़ की पट्टी विधानसभा सीट से कड़ी टक्कर में दी थी मात। रामसिंह पटेल के पिता और ददुआ को भाई बाल कुमार पटेल मिर्जापुर से सपा से सांसद भी रह चुके हैं। 
 

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Ram Singh Patel nephew of bandit gangster Dadua became MLA by winning by 156 votes in Patti Pratapgarh
Pratapgarh News : राम सिंह पटेल, पूर्व विधायक, पट्टी प्रतापगढ़। - फोटो : प्रतापगढ़

विस्तार

दस्यु ददुआ के भतीजे रामसिंह 156 मत से जीत हासिल कर विधायक निर्वाचित हुए थे। हालांकि वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले सपा विधायक रामसिंह की विधानसभा की सदस्यता हाईकोर्ट के निर्देश पर रद्द कर दी गई, मगर सुप्रीम कोर्ट से फैसले पर रोक लगा दी गई।

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पट्टी विधानसभा क्षेत्र में मार्च 2012 को घोषित चुनाव परिणाम में राम सिंह को निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह पर 156 वोटों से विजयी घोषित किया गया था। सपा प्रत्याशी राम सिंह को कुल 61434 तो निकटतम भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह को 61278 मत मिले थे। जबकि कुल 190311 मत पड़े थे। मतगणना में पोस्टल वोट नहीं गिने गए थे, जिनकी संख्या 955 थी।

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जिले में कम मतों से विधायक बने रामसिंह दस्यु ददुआ के भाई बालकुमार पटेल के बेटे हैं। मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता मोती सिंह ने उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच में याचिका दायर की थी। याचिका पर हाईकोर्ट के जस्टिस आदित्यनाथ मित्तल ने 9 अगस्त 2016 के अपने निर्णय में कहा कि राम सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करते हुए चुनाव परिणाम के कोई लाभ नहीं दिए जाएंगे। साथ ही पूर्व एमएलए के तौर पर मिलने वाला लाभ भी न देने का आदेश दिया था।

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हालांकि रामसिंह ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। जहां से 5 सितंबर 2016 को हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया था। जिसके बाद रामसिंह को राहत मिल गई थी। हालांकि कुछ माह बाद ही 2017 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह से चुनाव हार गए। जनपद में अब तक संपन्न हो चुके विधानसभा चुनाव में रामसिंह सबसे कम मतों से जीत हासिल करने वाले विधायक बने हैं। इतने कम मतों से जीत हासिल करने वाला अभी तक कोई भी विधायक नहीं चुना गया था।

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