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राम-भरत का मिलन देखकर, डबडबा गई आंखे
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भरत मिलाप मेले में निकली कलात्मक झांकी में नृत्य करते कलाकार। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
बेल्हा का ऐतिहासिक भरत-मिलाप सोमवार को तड़के कड़ी सुरक्षा के बीच सकुशल संपन्न हो गया। भोर में शहर के चौक घंटाघर पर राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के गले मिलते ही पुष्पवर्षा के साथ पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। चारों भाइयों का मिलन और प्रेम देखकर मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गईं। चौक घंटाघर पर उमड़े जनसैलाब ने तालियों की गड़गड़ाहट से इसका स्वागत किया।
कोरोना के चलते पिछले साल भरत मिलाप की केवल परंपरा निभाई गई थी। इस बार शासन से छूट मिलने के बाद शर्तों के साथ धूमधाम से भरत मिलाप और मेले का आयोजन किया गया। रातभर मेला परिसर में झांकियां और आकर्षक चौकियां निकलती रहीं। जिला प्रशासन की उम्मीद से अधिक उमड़ी भीड़ को संभालने में पुलिस प्रशासन को पसीना छूट गया। ऐतिहासिक मिलन का साक्षी बनने के लिए शहर और गांव से लोग उमड़ पड़े। कलात्मक झांकियों को देखने के लिए लोग उत्साह से लबरेज रहे। रंग-बिरंगी लाइटों और झालरों की चकाचौंध के बीच लोगों ने रातभर मेले का आनंद लिया।
मेले में हर तरफ हर्ष और उल्लास का माहौल था। डीजे और झांकियों के आगे-आगे युवा नृत्य करते हुए चल रहे थे। आधी रात के बाद मेला अपनी बुलंदी पर पहुंचा गया। गोपाल मंदिर से रामदल निकला और मेले में भ्रमण करता रहा। भोर में सभी दल चौक में इकट्ठा हुए। इसके बाद चारों भाइयों का मिलन हुआ। भगवान राम भरत से गले मिले। इस दृश्य को कैद करने के लिए लोग आतुर दिखे।
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इसके पूर्व डीएम डॉ. नितिन बंसल, एसपी सतपाल अंतिल, मंगरौरा प्रमुख राजीव प्रताप सिंह, नपा अध्यक्ष प्रेमलता सिंह, समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्याम शंकर सिंह ने चारों भाइयों की आरती उतारी। मिलाप के बाद श्रीराम का रथ गोपाल मंदिर पहुंचा। यहां पर राम का राज्याभिषेक हुआ।
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कोरोना के चलते पिछले साल भरत मिलाप की केवल परंपरा निभाई गई थी। इस बार शासन से छूट मिलने के बाद शर्तों के साथ धूमधाम से भरत मिलाप और मेले का आयोजन किया गया। रातभर मेला परिसर में झांकियां और आकर्षक चौकियां निकलती रहीं। जिला प्रशासन की उम्मीद से अधिक उमड़ी भीड़ को संभालने में पुलिस प्रशासन को पसीना छूट गया। ऐतिहासिक मिलन का साक्षी बनने के लिए शहर और गांव से लोग उमड़ पड़े। कलात्मक झांकियों को देखने के लिए लोग उत्साह से लबरेज रहे। रंग-बिरंगी लाइटों और झालरों की चकाचौंध के बीच लोगों ने रातभर मेले का आनंद लिया।
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मेले में हर तरफ हर्ष और उल्लास का माहौल था। डीजे और झांकियों के आगे-आगे युवा नृत्य करते हुए चल रहे थे। आधी रात के बाद मेला अपनी बुलंदी पर पहुंचा गया। गोपाल मंदिर से रामदल निकला और मेले में भ्रमण करता रहा। भोर में सभी दल चौक में इकट्ठा हुए। इसके बाद चारों भाइयों का मिलन हुआ। भगवान राम भरत से गले मिले। इस दृश्य को कैद करने के लिए लोग आतुर दिखे।
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इसके पूर्व डीएम डॉ. नितिन बंसल, एसपी सतपाल अंतिल, मंगरौरा प्रमुख राजीव प्रताप सिंह, नपा अध्यक्ष प्रेमलता सिंह, समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्याम शंकर सिंह ने चारों भाइयों की आरती उतारी। मिलाप के बाद श्रीराम का रथ गोपाल मंदिर पहुंचा। यहां पर राम का राज्याभिषेक हुआ।

भरत मिलाप मेले में निकली झांकी। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

चौक घंटाघर में भरत मिलाप का ऐतिहासिक क्षण देखने को जुटी भीड़। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

प्रतापगढ़ के ऐतिहासिक भरत मिलाप में चौक घंटाघर पर गले मिलते राम भरत व लक्ष्मण शत्रुघन। संवाद- फोटो : PRATAPGARH