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गांवों में 24 घंटे बिजली देने की तैयारी, शुरू हुआ सर्वे
Sun, 29 Aug 2021 05:25 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 05:25 PM IST
सार
अभी शहर में 24 घंटे व ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। शहर में तो बिजली व्यवस्था काफी हद तक ठीक है, मगर ग्रामीण इलाके में लोगों को रोस्टर के अनुरूप बिजली नहीं मिल पा रही है।
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Preparations to provide 24 hours electricity in villages, survey started
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विस्तार
शहर की तरह ही गांव के लोगों को भी जल्द चौबीस घंटे बिजली मिलेगी। बिजली विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीण इलाकों में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति के लिए सर्वे किया जा रहा है। नए उपकेंद्र, फीडर और लाइन की जानकारी जुटाई जा रही है। पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत नए उपकेंद्र बनाने के साथ तारों का मकड़जाल दूर किया जाएगा।
अभी शहर में 24 घंटे व ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। शहर में तो बिजली व्यवस्था काफी हद तक ठीक है, मगर ग्रामीण इलाके में लोगों को रोस्टर के अनुरूप बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे बदहाल व्यवस्था है। गांवों में टूटे तार, कमजोर फीडर, जर्जर उपकेंद्र इसमें बाधक बनते हैं। ऐसे में 18 घंटे के सापेक्ष लोगों को 12 घंटे भी बिजली नहीं मिल पाती है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही गांव के लोगों को भी शहर की तरह बिजली मिलेगी। शहर और गांव का बिजली का रोस्टर एक होगा।
यानि गांवों में भी 24 घंटे बिजली देने की तैयारी है। इसके लिए पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) की शुरुआत की गई है। इसके तहत जिले की बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी, ताकि ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति के दौरान रुकावट न आए। ग्रामीण इलाकों में नए फीडर और उपकेंद्र बनाए जाएंगे। पैनल और जर्जर तार बदले जाएंगे। तारों का मकड़जाल खत्म होगा। जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी, उसके अनुरूप डीपीआर तैयार की जाएगी। जल्द ही योजना के तहत कार्य शुरू हो जाएगा। बिजली विभाग की ओर से इसका सर्वे शुरू हो गया है। उपकेंद्रवार इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधीक्षण अभियंता सत्यदेव ने बताया कि विभाग द्वारा सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद डीपीआर तैयार होगी और काम शुरू करा दिया जाएगा।
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अभी शहर में 24 घंटे व ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। शहर में तो बिजली व्यवस्था काफी हद तक ठीक है, मगर ग्रामीण इलाके में लोगों को रोस्टर के अनुरूप बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे बदहाल व्यवस्था है। गांवों में टूटे तार, कमजोर फीडर, जर्जर उपकेंद्र इसमें बाधक बनते हैं। ऐसे में 18 घंटे के सापेक्ष लोगों को 12 घंटे भी बिजली नहीं मिल पाती है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही गांव के लोगों को भी शहर की तरह बिजली मिलेगी। शहर और गांव का बिजली का रोस्टर एक होगा।
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यानि गांवों में भी 24 घंटे बिजली देने की तैयारी है। इसके लिए पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) की शुरुआत की गई है। इसके तहत जिले की बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी, ताकि ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति के दौरान रुकावट न आए। ग्रामीण इलाकों में नए फीडर और उपकेंद्र बनाए जाएंगे। पैनल और जर्जर तार बदले जाएंगे। तारों का मकड़जाल खत्म होगा। जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी, उसके अनुरूप डीपीआर तैयार की जाएगी। जल्द ही योजना के तहत कार्य शुरू हो जाएगा। बिजली विभाग की ओर से इसका सर्वे शुरू हो गया है। उपकेंद्रवार इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधीक्षण अभियंता सत्यदेव ने बताया कि विभाग द्वारा सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद डीपीआर तैयार होगी और काम शुरू करा दिया जाएगा।
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