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प्रतापगढ़: दस साल से शिक्षिका नहीं आई स्कूल, खाते में पहुंच रहा वेतन
Sat, 08 Feb 2020 12:29 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 08 Feb 2020 12:29 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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बेसिक शिक्षा विभाग में एक ऐसी शिक्षिका भी है जो दस साल से कागज पर नौकरी कर रही है। वह स्कूल कभी नहीं आती है, मगर वेतन का भुगतान नियमित रूप से उसके खाते में हो रहा है।
इसका खुलासा शुक्रवार को उस समय हुआ, जब खंड शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचकर अभिलेख खंगाले। आश्चर्य की बात तो यह है कि स्कूल के रजिस्टर में चाइल्ड केयर लीव, प्रसूति अवकाश, मेडिकल, ईएल, सीएल के अवकाश से भरा हुआ है, मगर यह अवकाश सेवा पुस्तिका में अंकित नहीं है। इस समय बीईओ कार्यालय से शिक्षिका की सेवा पुस्तिका गायब है।
जिले के संडवा चंद्रिका विकास खंड के प्राइमरी स्कूल पश्चिम गांव में 11 अक्तूबर 2010 को अमिता सिंह ने सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उसके बाद वह स्कूल नहीं आई। खंड शिक्षा अधिकारी कोमल यादव ने बताया कि हेडमास्टर नियाज अहमद ने दबाव बनाने पर खुलासा किया कि वर्ष 2010 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद शिक्षिका स्कूल नहीं आई।
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जबकि वेतन उसके खाते में नियमित रूप से भुगतान हो रहा है। आश्चर्य की बात तो यह है कि स्कूल के रजिस्टर में चाइल्ड केयर लीव, प्रसूति अवकाश, मेडिकल, ईएल, सीएल से भरा हुआ है, मगर सेवा पुस्तिका में कुछ भी अंकित नहीं है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विभाग के कुछ दलाल इन अध्यापिकाओं की नौकरी का ठेका लिए हुए हैं। जो प्रसूति अवकाश और चाइल्ड केयर लीव लेकर रजिस्टर में लगा देते हैं, मगर सेवा पुस्तिका में अंकित नहीं करते हैं।
उन्होंने बताया कि पूरे सेवाकाल के दौरान सिर्फ दो बार यह अवकाश लिए जा सकते हैं, मगर विभाग की आंख में धूल झोंकने के लिए बार-बार अवकाश लेते रहते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भी वह चाइल्ड केयर लीव पर हैं। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अभी बीईओ ने रिपोर्ट नहीं दिया है, लिखित रिपोर्ट मिलते ही निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
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इसका खुलासा शुक्रवार को उस समय हुआ, जब खंड शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचकर अभिलेख खंगाले। आश्चर्य की बात तो यह है कि स्कूल के रजिस्टर में चाइल्ड केयर लीव, प्रसूति अवकाश, मेडिकल, ईएल, सीएल के अवकाश से भरा हुआ है, मगर यह अवकाश सेवा पुस्तिका में अंकित नहीं है। इस समय बीईओ कार्यालय से शिक्षिका की सेवा पुस्तिका गायब है।
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जिले के संडवा चंद्रिका विकास खंड के प्राइमरी स्कूल पश्चिम गांव में 11 अक्तूबर 2010 को अमिता सिंह ने सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उसके बाद वह स्कूल नहीं आई। खंड शिक्षा अधिकारी कोमल यादव ने बताया कि हेडमास्टर नियाज अहमद ने दबाव बनाने पर खुलासा किया कि वर्ष 2010 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद शिक्षिका स्कूल नहीं आई।
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जबकि वेतन उसके खाते में नियमित रूप से भुगतान हो रहा है। आश्चर्य की बात तो यह है कि स्कूल के रजिस्टर में चाइल्ड केयर लीव, प्रसूति अवकाश, मेडिकल, ईएल, सीएल से भरा हुआ है, मगर सेवा पुस्तिका में कुछ भी अंकित नहीं है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विभाग के कुछ दलाल इन अध्यापिकाओं की नौकरी का ठेका लिए हुए हैं। जो प्रसूति अवकाश और चाइल्ड केयर लीव लेकर रजिस्टर में लगा देते हैं, मगर सेवा पुस्तिका में अंकित नहीं करते हैं।
उन्होंने बताया कि पूरे सेवाकाल के दौरान सिर्फ दो बार यह अवकाश लिए जा सकते हैं, मगर विभाग की आंख में धूल झोंकने के लिए बार-बार अवकाश लेते रहते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भी वह चाइल्ड केयर लीव पर हैं। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अभी बीईओ ने रिपोर्ट नहीं दिया है, लिखित रिपोर्ट मिलते ही निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।