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प्रतापगढ़ में गेम चेंजर साबित हुए मोदी
Fri, 24 May 2019 12:53 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 24 May 2019 12:53 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर सपा-बसपा गठबंधन की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन चुनाव से ऐन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गेम चेंजर साबित हुए। जीआईसी मैदान में हुई उनकी जनसभा में उमड़ी भीड़ ने चुनाव से पहले ही नतीजे तय कर दिए।
मोदी की रैली में उमड़ी भीड़ को देखकर ही सियासी पंडितों ने यह आकलन कर लिया था कि यहां क्या होने जा रहा है। मोदी के जादू के आगे यहां वोटरों को रिझाने आईं बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व कांगे्रस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की दाल नहीं गल सकी।
प्रतापगढ़ लोकसभा सीट पर चुनाव से पहले गठबंधन, भाजपा और राजाभैया की नई पार्टी जनसत्ता दल के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही थी। सपा-बसपा के एक साथ आने और ब्राह्मण प्रत्याशी घोषित करने के बाद यह माना जा रहा था कि इस सीट रोचक मुकाबला होगा। राजाभैया ने भी अपने प्रत्याशी को जीताने के लिए पूरी ताकत लगा रखी थी।
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जातिगत समीकरण व पार्टी बेस वोटों के आधार पर सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी को भी कम नहीं आका जा रहा था। जिले में चुनावी माहौल बनाने व वोटरों को रिझाने के लिए भाजपा, सपा-बसपा गठबंधन व कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में दिग्ग्ज नेताओं की जनसभाओं का सिलसिला लगा रहा। बसपा-सपा गठबंधन प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी के समर्थन में बसपा सुप्रीमो मायावती ने छींटपुर में जनसभा कर माहौल बनाया था।
वहीं राजाभैया के गढ़ कुंडा में सपा सुप्रीमो अखिलेश सिंह ने सभा कर वोटरों को रिझाने का प्रयास किया था। दोनों ही सियासी दिग्गजों ने भाजपा व कांग्रेस पर जमकर सियासी तीर चलाए थे। अपनी सभाओं से प्रत्याशी के पक्ष में जातीय समीकरण बैठाने का भरसक प्रयास किया था। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमारी रत्ना सिंह के समर्थन में कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का भी उडनखटोला प्रतापगढ़ में उतरा था।
उन्होंने शहर में जनसभा कर भाजपा पर पलटवार करते हुए राजकुमारी रत्ना सिंह को जीताने की अपील की थी। लेकिन इन सभी नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली भारी पड़ी थी। पीएम ने शहर के जीआईसी मैदान में जनसभा कर बेल्हा के लोगों पर ऐसा जादू चलाया कि सब चारों खाने चित्त हो गए और मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया।
मोदी मैजिक से पार्टी बेस वोट व जातीय समीकरण की गणित फेल हो गई। मोदी लहर का असर रहा कि प्रतापगढ़ सीट पर भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता ने 436491 वोट पाकर रिकार्ड जीत हासिल की है। उन्होंने गठबंधन प्रत्याशी अशोक तिवारी को 117952 मतों से करारी शिकस्त दी।
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मोदी की रैली में उमड़ी भीड़ को देखकर ही सियासी पंडितों ने यह आकलन कर लिया था कि यहां क्या होने जा रहा है। मोदी के जादू के आगे यहां वोटरों को रिझाने आईं बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व कांगे्रस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की दाल नहीं गल सकी।
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प्रतापगढ़ लोकसभा सीट पर चुनाव से पहले गठबंधन, भाजपा और राजाभैया की नई पार्टी जनसत्ता दल के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही थी। सपा-बसपा के एक साथ आने और ब्राह्मण प्रत्याशी घोषित करने के बाद यह माना जा रहा था कि इस सीट रोचक मुकाबला होगा। राजाभैया ने भी अपने प्रत्याशी को जीताने के लिए पूरी ताकत लगा रखी थी।
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जातिगत समीकरण व पार्टी बेस वोटों के आधार पर सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी को भी कम नहीं आका जा रहा था। जिले में चुनावी माहौल बनाने व वोटरों को रिझाने के लिए भाजपा, सपा-बसपा गठबंधन व कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में दिग्ग्ज नेताओं की जनसभाओं का सिलसिला लगा रहा। बसपा-सपा गठबंधन प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी के समर्थन में बसपा सुप्रीमो मायावती ने छींटपुर में जनसभा कर माहौल बनाया था।
वहीं राजाभैया के गढ़ कुंडा में सपा सुप्रीमो अखिलेश सिंह ने सभा कर वोटरों को रिझाने का प्रयास किया था। दोनों ही सियासी दिग्गजों ने भाजपा व कांग्रेस पर जमकर सियासी तीर चलाए थे। अपनी सभाओं से प्रत्याशी के पक्ष में जातीय समीकरण बैठाने का भरसक प्रयास किया था। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमारी रत्ना सिंह के समर्थन में कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का भी उडनखटोला प्रतापगढ़ में उतरा था।
उन्होंने शहर में जनसभा कर भाजपा पर पलटवार करते हुए राजकुमारी रत्ना सिंह को जीताने की अपील की थी। लेकिन इन सभी नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली भारी पड़ी थी। पीएम ने शहर के जीआईसी मैदान में जनसभा कर बेल्हा के लोगों पर ऐसा जादू चलाया कि सब चारों खाने चित्त हो गए और मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया।
मोदी मैजिक से पार्टी बेस वोट व जातीय समीकरण की गणित फेल हो गई। मोदी लहर का असर रहा कि प्रतापगढ़ सीट पर भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता ने 436491 वोट पाकर रिकार्ड जीत हासिल की है। उन्होंने गठबंधन प्रत्याशी अशोक तिवारी को 117952 मतों से करारी शिकस्त दी।