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प्रतापगढ़: प्रेरणा एप से शिक्षकों की हाजिरी लगाने का फेल हुआ दावा
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प्रेरणा एप से प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के शिक्षकों की हाजिरी लगाने का दावा पूरी तरह फेल हो गया है। शिक्षक नेताओं के विरोध के चलते विभाग अभी तक न तो टैबलेट खरीद सका है और न ही इस दिशा में कोई पहल हुई है। जिले के सवा छह हजार शिक्षकों में 23 अध्यापक ऐसेे हैं, जो सेल्फी से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं की मनमानी पर रोक लगाने के लिए विभागीय अधिकारियों ने पहल करते हुए प्रेरणा एप पर बच्चों के संग सेल्फी भेजने का निर्देश जारी किया था। विभाग के इस फैसले का शिक्षक नेताओं ने यह कहते हुए विरोध किया था, कि अध्यापकों को जब टैबलेट नहीं दिया गया है, तो सेल्फी को कैसे अनिवार्य किया जा सकता है।
विभाग ने नवंबर माह के अंत तक सभी हेडमास्टरों को टैबलेट मुहैया कराने का आश्वासन दिया था। मगर यह दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि दिसंबर माह में भी टैबलेट मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात लगभग सवा छह हजार शिक्षकों में मात्र 23 अध्यापक ऐसेे हैं, जो नियमित रूप से प्रेरणा एप पर सेल्फी भेजकर अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा था, कि प्रेरणा एप के लागू होने से बेसिक शिक्षा में बेहतर सुधार होगा। मगर प्रेरणा एप के लागू नहीं होने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
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अब कायाकल्प पर झोंकी ताकत
कायाकल्प योजना से स्कूलों की तस्वीर बदलने की तैयारी इन दिनों खूब चल रही है। अभी तक ग्राम पंचायतों को स्कूलों का विकास कायाकल्प योजना के तहत करने को कहा था। मगर ग्राम पंचायतों की उदासीनता देखकर बेसिक शिक्षा विभाग अब स्वयं ऐेसे स्कूलों का चयन करने में जुटा हुआ है,जहां सुख-सुविधाएं नहीं हैं। विभागीय अधिकारी यह सूची सीडीओ को देंगे और वह ग्राम पंचायतों को भेजकर सुविधाएं मुहैया कराएंगी।
प्रेरणाएप पर सेल्फी भेजना अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। टैबलेट खरीदा जा रहा है। टैबलेट देने के बाद सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा। कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों का चयन किया जा रहा है।
अशोक कुमार सिंह, बीएसए
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बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं की मनमानी पर रोक लगाने के लिए विभागीय अधिकारियों ने पहल करते हुए प्रेरणा एप पर बच्चों के संग सेल्फी भेजने का निर्देश जारी किया था। विभाग के इस फैसले का शिक्षक नेताओं ने यह कहते हुए विरोध किया था, कि अध्यापकों को जब टैबलेट नहीं दिया गया है, तो सेल्फी को कैसे अनिवार्य किया जा सकता है।
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विभाग ने नवंबर माह के अंत तक सभी हेडमास्टरों को टैबलेट मुहैया कराने का आश्वासन दिया था। मगर यह दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि दिसंबर माह में भी टैबलेट मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात लगभग सवा छह हजार शिक्षकों में मात्र 23 अध्यापक ऐसेे हैं, जो नियमित रूप से प्रेरणा एप पर सेल्फी भेजकर अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा था, कि प्रेरणा एप के लागू होने से बेसिक शिक्षा में बेहतर सुधार होगा। मगर प्रेरणा एप के लागू नहीं होने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
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अब कायाकल्प पर झोंकी ताकत
कायाकल्प योजना से स्कूलों की तस्वीर बदलने की तैयारी इन दिनों खूब चल रही है। अभी तक ग्राम पंचायतों को स्कूलों का विकास कायाकल्प योजना के तहत करने को कहा था। मगर ग्राम पंचायतों की उदासीनता देखकर बेसिक शिक्षा विभाग अब स्वयं ऐेसे स्कूलों का चयन करने में जुटा हुआ है,जहां सुख-सुविधाएं नहीं हैं। विभागीय अधिकारी यह सूची सीडीओ को देंगे और वह ग्राम पंचायतों को भेजकर सुविधाएं मुहैया कराएंगी।
प्रेरणाएप पर सेल्फी भेजना अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। टैबलेट खरीदा जा रहा है। टैबलेट देने के बाद सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा। कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों का चयन किया जा रहा है।
अशोक कुमार सिंह, बीएसए