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प्रतापगढ़: कस्तूरबा विद्यालयों के पार्ट टाइम शिक्षकों को बाहर करने की तैयारी
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Pratapgarh: Preparing to exclude part time teachers of Kasturba schools
जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में तैनात पार्ट टाइम शिक्षकों को बाहर करने की तैयारी हो रही है। विभागीय अफसरों ने आदेश जारी कर इन शिक्षकों के मूल विषय पढ़ाने पर रोक लगा दी है। इस वर्ष विभाग ने इनके नवीनीकरण पर भी रोक लगा दी है।
जिले के 15 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में तैनात पार्ट टाइम शिक्षकों को 16 साल बाद नौकरी से बाहर करने की तैयारी की जा रही है। कस्तूरबा गांधी स्कूलों में सभी शिक्षक संविदा पर तैनात हैं।
पार्ट टाइम शिक्षकों को 9800 और फुल टाइम शिक्षकों को 22,000 रुपये मानदेय के तौर पर भुगतान किया जाता है। जिले में वर्ष 2004 से संचालित इन स्कूलों में बालिकाओं को आवासीय शिक्षा दी जाती है। इन विद्यालयों में तैनात पार्ट टाइम शिक्षकों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान जैसे मुख्य विषयों पढ़ाने पर रोक लगा दी गई है।
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प्रत्येक वर्ष अगस्त और सितंबर माह में इन शिक्षकों का नवीनीकरण होता था, मगर इस वर्ष शासन ने पत्र जारी कर नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। इससे जिले के लगभग 166 शिक्षकों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि नवीनीकरण पर रोक लगाने का कोई पत्र अभी नहीं आया है, मगर अभी तक किसी का नवीनीकरण नहीं हुआ है। सीडीओ की अध्यक्षता में बैठक करके जल्द ही कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।
स्कूलों की बिगड़ेगी व्यवस्था, चौपट होगी पढ़ाई
जिले के कस्तूरबा स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की कमी बनी हुई है। अगर पार्ट टाइम शिक्षकों को बाहर कर दिया जाता है तो पठन-पाठन भी प्रभावित होगा।
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जिले के 15 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में तैनात पार्ट टाइम शिक्षकों को 16 साल बाद नौकरी से बाहर करने की तैयारी की जा रही है। कस्तूरबा गांधी स्कूलों में सभी शिक्षक संविदा पर तैनात हैं।
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पार्ट टाइम शिक्षकों को 9800 और फुल टाइम शिक्षकों को 22,000 रुपये मानदेय के तौर पर भुगतान किया जाता है। जिले में वर्ष 2004 से संचालित इन स्कूलों में बालिकाओं को आवासीय शिक्षा दी जाती है। इन विद्यालयों में तैनात पार्ट टाइम शिक्षकों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान जैसे मुख्य विषयों पढ़ाने पर रोक लगा दी गई है।
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प्रत्येक वर्ष अगस्त और सितंबर माह में इन शिक्षकों का नवीनीकरण होता था, मगर इस वर्ष शासन ने पत्र जारी कर नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। इससे जिले के लगभग 166 शिक्षकों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि नवीनीकरण पर रोक लगाने का कोई पत्र अभी नहीं आया है, मगर अभी तक किसी का नवीनीकरण नहीं हुआ है। सीडीओ की अध्यक्षता में बैठक करके जल्द ही कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।
स्कूलों की बिगड़ेगी व्यवस्था, चौपट होगी पढ़ाई
जिले के कस्तूरबा स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की कमी बनी हुई है। अगर पार्ट टाइम शिक्षकों को बाहर कर दिया जाता है तो पठन-पाठन भी प्रभावित होगा।