{"_id":"6025858d8ebc3ee8fa485b46","slug":"pratapgarh-panchayat-election-pratapgarh-news-ald2990115103","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव में 90 फीसदी मतदान होने की वजह तलाशेंगे अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव में 90 फीसदी मतदान होने की वजह तलाशेंगे अफसर
विज्ञापन
Pratapgarh panchayat election
प्रतापगढ़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग लगातार कवायद कर रहा है। आयोग ने पूर्व में हुए पंचायत चुनाव में 90 फीसदी मतदान और 75 प्रतिशत मत एक ही प्रत्याशी को मिलने की वजह खंगालकर रिपोर्ट मांगी है। चुनाव के पहले ही मतदान केंद्रों को चार श्रेणियों में बांट कर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी को कहा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के लिए मतदान केंद्रों को आयोग ने चार श्रेणियों में विभक्त करने का निर्देश दिया है। पहले केवल संवेदनशील व अतिसंवेदनशील व सामान्य मतदान केंद्र बनाए जाते थे। इस बार असंवेदनशील, संवेदनशील, अतिसंवेदनशील और अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्र बनेंगे। जहां सभी बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था मतदान केंद्र के संवेदनशीलता के हिसाब से होगी। आयोग ने ऐसे क्षेत्रों की सूचना तलब की है, जहां कोई विशेष वर्ग मतदान प्रक्रिया से वंचित न हो। कोई प्रभावशाली व्यक्ति निर्वाचन प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न न कर पाए। ऐसे मतदान केंद्र जहां पूर्व में 90 प्रतिशत मत केवल एक प्रत्याशी को मिला हो, उन गांवों की छानबीन होगी। जहां प्रत्याशी को अकेले 75 फीसदी मत प्राप्त हुआ हो, इसकी भी वजह पता कर आयोग को रिपोर्ट देनी है। आयोग ने कहा है कि ऐसे मतदान केंद्रों को चिह्नित किया जाए, जहां पूर्व के दो निर्वाचनों में किसी भी प्रकार की अप्रिय वारदात हुई हो। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एसपी बर्नवाल ने बताया कि आयोग के निर्देशों का अनुपालन कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
संवेदनशीलता को देखते हुए वीडियोग्राफी व वेबकास्टिंग की तैयारी
पंचायत चुनाव के दौरान पूर्व में चिह्नित संवेदनशील मतदान केंद्रों को देखते हुए इस बार वीडियोग्राफी व वेबकास्टिंग कराई जाएगी। ऐसे मतदान केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में फोर्स तैनात होगी।
विज्ञापन
तहसील स्तर पर समिति का होगा गठन
आयोग के निर्देशों का पालन कराने के लिए तहसील स्तर पर समिति का गठन होगा। जिसमें एसडीएम को अध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी को उपाध्यक्ष, तहसीलदार को सदस्य, बीडीओ को सचिव और थानाध्यक्ष को सदस्य बनाया जाएगा। समिति सभी बिंदुओं पर छानबीन कर मतदान केंद्रों को संवेदनशील श्रेणियों में विभक्त करेगी।
विज्ञापन
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के लिए मतदान केंद्रों को आयोग ने चार श्रेणियों में विभक्त करने का निर्देश दिया है। पहले केवल संवेदनशील व अतिसंवेदनशील व सामान्य मतदान केंद्र बनाए जाते थे। इस बार असंवेदनशील, संवेदनशील, अतिसंवेदनशील और अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्र बनेंगे। जहां सभी बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था मतदान केंद्र के संवेदनशीलता के हिसाब से होगी। आयोग ने ऐसे क्षेत्रों की सूचना तलब की है, जहां कोई विशेष वर्ग मतदान प्रक्रिया से वंचित न हो। कोई प्रभावशाली व्यक्ति निर्वाचन प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न न कर पाए। ऐसे मतदान केंद्र जहां पूर्व में 90 प्रतिशत मत केवल एक प्रत्याशी को मिला हो, उन गांवों की छानबीन होगी। जहां प्रत्याशी को अकेले 75 फीसदी मत प्राप्त हुआ हो, इसकी भी वजह पता कर आयोग को रिपोर्ट देनी है। आयोग ने कहा है कि ऐसे मतदान केंद्रों को चिह्नित किया जाए, जहां पूर्व के दो निर्वाचनों में किसी भी प्रकार की अप्रिय वारदात हुई हो। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एसपी बर्नवाल ने बताया कि आयोग के निर्देशों का अनुपालन कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
संवेदनशीलता को देखते हुए वीडियोग्राफी व वेबकास्टिंग की तैयारी
पंचायत चुनाव के दौरान पूर्व में चिह्नित संवेदनशील मतदान केंद्रों को देखते हुए इस बार वीडियोग्राफी व वेबकास्टिंग कराई जाएगी। ऐसे मतदान केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में फोर्स तैनात होगी।
विज्ञापन
तहसील स्तर पर समिति का होगा गठन
आयोग के निर्देशों का पालन कराने के लिए तहसील स्तर पर समिति का गठन होगा। जिसमें एसडीएम को अध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी को उपाध्यक्ष, तहसीलदार को सदस्य, बीडीओ को सचिव और थानाध्यक्ष को सदस्य बनाया जाएगा। समिति सभी बिंदुओं पर छानबीन कर मतदान केंद्रों को संवेदनशील श्रेणियों में विभक्त करेगी।