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बजट के अभाव में डायट का भवन जर्जर
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 30 Jun 2015 11:55 PM IST
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शासन की मेहरबानी हुई तो कुछ माह बाद जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्था (डायट) का चेहरा बदला हुआ मिलेगा। डायट का कायाकल्प करने के लिए सरकार से प्राचार्य ने बजट की मांग की है। इसी वित्तीय वर्ष में सरकार से पैसा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बजट के अभाव में डायट का भवन जर्जर और जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। डायट शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर पट्टी क्षेत्र में स्थित है। यहां बीटीसी प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण होता है। आवासीय प्रशिक्षण व्यवस्था होने के चलते प्रशिक्षु को डायट परिसर आवास में रुकना भी पड़ता है।
कई साल से बेसिक स्कूल के लिए शिक्षक तैयार करने वाला यह डायट उपेक्षा का शिकार हो गया है। परिसर में उगी बड़ी-बड़ी घास को तो कटवा दिया गया है, मगर रंगाई-पोताई नहीं कराई गई है। ऐसे में अव्यवस्था के बीच यहां बीटीसी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां रहने वाले प्रशिक्षुओं की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। वीरान इलाके में बने डायट में सुरक्षा के लिए एक होमगार्ड तक नहीं लगाया गया है। जबकि यहां युवतियां व महिलाएं भी प्रशिक्षण ले रही हैं। हालात को देखते हुए प्राचार्य ने हाल ही में शासन को एक पत्र लिखा है। जिसमें डायट के सुंदरीकरण के लिए करीब 20 लाख रुपये की मांग की गई है। उनका अनुमान है कि इसी सत्र में बजट पास हो जाएगा।
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कई साल से बेसिक स्कूल के लिए शिक्षक तैयार करने वाला यह डायट उपेक्षा का शिकार हो गया है। परिसर में उगी बड़ी-बड़ी घास को तो कटवा दिया गया है, मगर रंगाई-पोताई नहीं कराई गई है। ऐसे में अव्यवस्था के बीच यहां बीटीसी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां रहने वाले प्रशिक्षुओं की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। वीरान इलाके में बने डायट में सुरक्षा के लिए एक होमगार्ड तक नहीं लगाया गया है। जबकि यहां युवतियां व महिलाएं भी प्रशिक्षण ले रही हैं। हालात को देखते हुए प्राचार्य ने हाल ही में शासन को एक पत्र लिखा है। जिसमें डायट के सुंदरीकरण के लिए करीब 20 लाख रुपये की मांग की गई है। उनका अनुमान है कि इसी सत्र में बजट पास हो जाएगा।
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