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दीवानी की स्थापना को दिनभर चली नाप-जोख
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 03 Feb 2016 11:32 PM IST
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दीवानी न्यायालय की स्थापना पट्टी में किए जाने की खबर से जहां अधिवक्ता व वादकारी खुश हैं, वहीं कुछ लोगों ने परेशानी कम होने की बात कही है। दीवानी न्यायालय की स्थापना को लेकर भूमि व भवन उपलब्ध कराने के लिए तहसील प्रशासन जुटा रहा। पट्टी में दीवानी न्यायालय की स्थापना के लिए मंजूरी कई माह पूर्व ही मिल गई थी। कई माह से इसकी कवायद चल रही थी। लेकिन काम सुस्त होने पर शासन ने प्रशासन को भूमि व भवन तत्काल उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। जिससे सरगर्मी बढ़ गई। तहसील में मौजूद अदालतों, अधिवक्ता भवनों के साथ अगल बगल के सरकारी भूखंडों की नापजोख शुरू की गई।
तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई में अधिवक्ताओं ने भी सहयोग किया। देवसरा इलाके के सीमांत क्षेत्र से आए कई वादकारियों ने बताया कि उन्हें जिला मुख्यालय सुबह ही घर से निकलना पड़ता है। तब जाकर वह अपने वाद की पैरवी कर पाते हैं। यही क्रम उन्हें फिर वापसी में भी दोहराना पड़ता है। अधिकांश समस्या उन्हें चिलबिला ओवरब्रिज से होती है और घंटों जाम से जूझने के बाद ही वह अपने गतंव्य तक पहुंच पाते हैं। इसके अलावा ढखवा व चांदा की ओर से आने वाली बसों से आने पर अड्डा संचालकों के चलते दूर होने पर मुकदमा छूट जाता है और उन्हें अनुपस्थित होने पर वारंट तक हो जाता है। यदि पट्टी में दीवानी न्यायालय की स्थापना से वादकारियों को जाम व यातायात के झाम से छुटकारा मिल जाएगा तथा दरवाजे पर सुलभ न्याय की आस इसकी स्थापना से जगी है। पट्टी के अधिवक्ताओं ने बताया कि इस संबध में अवरोध उत्पन्न करना जनहिता पर कुठाराघात है। अच्छे कार्य के लिए सभी को सहयोग करना चाहिए।
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तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई में अधिवक्ताओं ने भी सहयोग किया। देवसरा इलाके के सीमांत क्षेत्र से आए कई वादकारियों ने बताया कि उन्हें जिला मुख्यालय सुबह ही घर से निकलना पड़ता है। तब जाकर वह अपने वाद की पैरवी कर पाते हैं। यही क्रम उन्हें फिर वापसी में भी दोहराना पड़ता है। अधिकांश समस्या उन्हें चिलबिला ओवरब्रिज से होती है और घंटों जाम से जूझने के बाद ही वह अपने गतंव्य तक पहुंच पाते हैं। इसके अलावा ढखवा व चांदा की ओर से आने वाली बसों से आने पर अड्डा संचालकों के चलते दूर होने पर मुकदमा छूट जाता है और उन्हें अनुपस्थित होने पर वारंट तक हो जाता है। यदि पट्टी में दीवानी न्यायालय की स्थापना से वादकारियों को जाम व यातायात के झाम से छुटकारा मिल जाएगा तथा दरवाजे पर सुलभ न्याय की आस इसकी स्थापना से जगी है। पट्टी के अधिवक्ताओं ने बताया कि इस संबध में अवरोध उत्पन्न करना जनहिता पर कुठाराघात है। अच्छे कार्य के लिए सभी को सहयोग करना चाहिए।
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