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होटल पर कार्रवाई का साहस नहीं जुटा सके अफसर
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 21 Jan 2016 11:38 PM IST
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गोयल रेजीडेंसी में 19 जून 2015 को हुए हादसे में दस लोगों की मौत के बाद भी अफसर कार्रवाई का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। होटल पर पहुंचे प्रभारी कोतवाली को टका सा जवाब देते हुए संचालन से जुड़े लोगों ने बताया कि एसडीएम सदर ने साफ-सफाई का आदेश दे रखा है। जबकि एसडीएम बराबर ऐसे किसी आदेश से इनकार करते रहे।
घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने होटल में ताला बंद करा दिया। बीच में होटल साफ-सफाई के लिए खोला गया, लेकिन लोगों के दबाव के चलते अधिकारियों ने फिर से बंद करा दिया। बुधवार से होटल का ताला फिर से खोलकर संचालन से जुड़े लोग साफ-सफाई कराने लगे। अधिकारी मामले को दिखवाने की ही बात करते रहे, लेकिन गुरुवार तक कार्रवाई का साहस नहीं जुटा सके।
डा. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी ने बताया कि होटल में हुए हादसे का मामला कोर्ट में है। अदालत की अनुमति के बिना सीज नहीं किया जा सकता। यदि आरबीओ एक्ट का उल्लंघन हो रहा होगा और पब्लिक सुरक्षा की कमी होगी तो उसे बंद कराया जा सकता है। पुलिस व दूसरे अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही जो उचित होगा, वह कार्रवाई की जाएगी।
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खतरनाक घोषित किया था
आग लगने के बाद होटल गोयल रेजीडेंसी व उससे लगे भवन को जिला प्रशासन ने खतरनाक घोषित किया था। सभी को जमींदोज करने का आदेश भी दिया गया था। इसके बावजूद होटल गोयल रेजीडेंसी व उसके अगल बगल के संस्थानों में लोगों की बराबर आवाजाही लगी रहती है। ऐसे में अप्रिय वारदात से इनकार नहीं किया जा सकता।
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घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने होटल में ताला बंद करा दिया। बीच में होटल साफ-सफाई के लिए खोला गया, लेकिन लोगों के दबाव के चलते अधिकारियों ने फिर से बंद करा दिया। बुधवार से होटल का ताला फिर से खोलकर संचालन से जुड़े लोग साफ-सफाई कराने लगे। अधिकारी मामले को दिखवाने की ही बात करते रहे, लेकिन गुरुवार तक कार्रवाई का साहस नहीं जुटा सके।
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डा. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी ने बताया कि होटल में हुए हादसे का मामला कोर्ट में है। अदालत की अनुमति के बिना सीज नहीं किया जा सकता। यदि आरबीओ एक्ट का उल्लंघन हो रहा होगा और पब्लिक सुरक्षा की कमी होगी तो उसे बंद कराया जा सकता है। पुलिस व दूसरे अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही जो उचित होगा, वह कार्रवाई की जाएगी।
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खतरनाक घोषित किया था
आग लगने के बाद होटल गोयल रेजीडेंसी व उससे लगे भवन को जिला प्रशासन ने खतरनाक घोषित किया था। सभी को जमींदोज करने का आदेश भी दिया गया था। इसके बावजूद होटल गोयल रेजीडेंसी व उसके अगल बगल के संस्थानों में लोगों की बराबर आवाजाही लगी रहती है। ऐसे में अप्रिय वारदात से इनकार नहीं किया जा सकता।