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करोड़पतियों के शिकंजे में कामधेनु योजना
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 04 Jan 2016 11:21 PM IST
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दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लागू कामधेनु योजना करोड़पतियों के शिकंजे में फंसकर रह गई है। इस योजना का प्रोजेक्ट इतना बड़ा है कि साधारण व्यक्ति न तो लाभ लेने के लिए प्रयास करता है और न ही उसे प्रोत्साहित किया जाता है। जिन सामान्य लोगों ने लाभ लेने के लिए आवेदन किया उन्हें दरकिनार कर नेताओं और करोड़पतियों को हाथ में यह योजना सौंप दी गई। आलम यह है कि करोड़पति वास्तविक रूप में गाय पालना तो नहीं चाहते हैं, मगर वह योजना का लाभ लेने के लिए पहली पंक्ति में खड़े हैं।
पशुपालन विभाग ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और स्वरोजगार को प्रेरित करने के लिए कामधेनु, मिनी कामधेनु और माइक्रो कामधेनु योजना प्रारंभ की है। कामधेनु योजना के तहत एक करोड़ 22 लाख रुपये, मिनी कामधेनु के तहत 52 लाख रुपये और माइक्रो कामधेनु के तहत 26 लाख 90 हजार रुपये का ऋण प्रदान किया जाता है। राष्ट्रीयकृत बैंकों से मिलने वाला ऋण पांच वर्ष तक ब्याज मुफ्त होता है। अगर डेयरी का संचालन ठीक ढंग से हो रहा है तो आठ माह के अंतराल पर कामधेनु योजना के तहत पांच लाख, मिनी कामधेनु के तहत 2.5 लाख और माइक्रो कामधेनु के तहत सवा लाख रुपये लाभार्थियों को बोनस के रूप में मिलेंगे।
तीनों योजनाओं का प्रोजेक्ट इतना बड़ा है कि सामान्य व्यक्ति आवेदन करने का साहस ही नहीं जुटा पा रहा है। कुछ लोगों ने हिम्मत जुटाकर आवेदन भी किया तो उनका आवेदन ठुकरा दिया गया। इन योजनाओं में जिनका चयन किया गया है उनमें अधिकांश नेता और प्रभावशाली लोग शामिल हैं।
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विभागीय लोगों की मानें तो लक्ष्य के मुताबिक लाभार्थियों का चयन कर धनराशि उन्हें उपलब्ध करा दी गई है। मगर अधिकांश लोगों ने अभी तक गायों को नहीं खरीदा है।
कामधेनु योजना के तहत लाभार्थियों को बैंक से मिलने वाले ऋण में 12 प्रतिशत ब्याज पांच वर्ष के लिए माफ होती है। अगर बैंकों में ब्याज प्रतिशत बढ़ता है तो लाभार्थियों को उसे चुकता करना होगा।
कामधेनु योजना के तहत चयनित लाभार्थियों में सदर विधायक नागेद्र सिंह यादव की पत्नी मनोरमा यादव, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद मौर्य, पूर्व एमएलसी आनन्द भूषण सिंह, पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह, व्यवसायी और नेता संगमलाल गुप्ता का नाम शामिल है।
कामर्शियल कुक्कुट लेयर एवं ब्रायलर लेयर योजना के तहत विभाग भारी भरकम रकम दे रहा है। कामर्शियल कुक्कुट लेयर के लिए एक करोड़ 80 लाख और कामर्शियल ब्रायलर लेयर के लिए दो करोड़ छह लाख रुपये का ऋण देय है। इस योजना में भी लाभार्थियों का चयन कर लिया गया है।
कामधेनु योजना के तहत हाल ही में लाभार्थियों का चयन किया गया है। बैंकों से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही सत्यापन की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। जो लाभार्थी रुपये का दुरुपयोग करेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीपी सिंह मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, प्रतापगढ़।
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पशुपालन विभाग ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और स्वरोजगार को प्रेरित करने के लिए कामधेनु, मिनी कामधेनु और माइक्रो कामधेनु योजना प्रारंभ की है। कामधेनु योजना के तहत एक करोड़ 22 लाख रुपये, मिनी कामधेनु के तहत 52 लाख रुपये और माइक्रो कामधेनु के तहत 26 लाख 90 हजार रुपये का ऋण प्रदान किया जाता है। राष्ट्रीयकृत बैंकों से मिलने वाला ऋण पांच वर्ष तक ब्याज मुफ्त होता है। अगर डेयरी का संचालन ठीक ढंग से हो रहा है तो आठ माह के अंतराल पर कामधेनु योजना के तहत पांच लाख, मिनी कामधेनु के तहत 2.5 लाख और माइक्रो कामधेनु के तहत सवा लाख रुपये लाभार्थियों को बोनस के रूप में मिलेंगे।
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तीनों योजनाओं का प्रोजेक्ट इतना बड़ा है कि सामान्य व्यक्ति आवेदन करने का साहस ही नहीं जुटा पा रहा है। कुछ लोगों ने हिम्मत जुटाकर आवेदन भी किया तो उनका आवेदन ठुकरा दिया गया। इन योजनाओं में जिनका चयन किया गया है उनमें अधिकांश नेता और प्रभावशाली लोग शामिल हैं।
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विभागीय लोगों की मानें तो लक्ष्य के मुताबिक लाभार्थियों का चयन कर धनराशि उन्हें उपलब्ध करा दी गई है। मगर अधिकांश लोगों ने अभी तक गायों को नहीं खरीदा है।
कामधेनु योजना के तहत लाभार्थियों को बैंक से मिलने वाले ऋण में 12 प्रतिशत ब्याज पांच वर्ष के लिए माफ होती है। अगर बैंकों में ब्याज प्रतिशत बढ़ता है तो लाभार्थियों को उसे चुकता करना होगा।
कामधेनु योजना के तहत चयनित लाभार्थियों में सदर विधायक नागेद्र सिंह यादव की पत्नी मनोरमा यादव, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद मौर्य, पूर्व एमएलसी आनन्द भूषण सिंह, पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह, व्यवसायी और नेता संगमलाल गुप्ता का नाम शामिल है।
कामर्शियल कुक्कुट लेयर एवं ब्रायलर लेयर योजना के तहत विभाग भारी भरकम रकम दे रहा है। कामर्शियल कुक्कुट लेयर के लिए एक करोड़ 80 लाख और कामर्शियल ब्रायलर लेयर के लिए दो करोड़ छह लाख रुपये का ऋण देय है। इस योजना में भी लाभार्थियों का चयन कर लिया गया है।
कामधेनु योजना के तहत हाल ही में लाभार्थियों का चयन किया गया है। बैंकों से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही सत्यापन की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। जो लाभार्थी रुपये का दुरुपयोग करेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीपी सिंह मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, प्रतापगढ़।