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कड़ी सुरक्षा के बीच ठेकेदार का हुआ अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 27 Dec 2015 11:09 PM IST
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कंधई थाना के खूझी कला गांव में मतगणना के दिन घर के बाहर ठेकेदार को गोली मारी गई थी। इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई। बवाल की आशंका पर कई थाने की पुलिस गांव में तैनात कर दी गई। रविवार को ठेकेदार का कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार हुआ।
खूझी कला गांव निवासी भूखन सिंह का बेटा विक्रम सिंह (28) लकड़ी का ठेकेदार था। 13 दिसंबर को उसे बाइक सवार बदमाशों ने घर के बाहर गोली मारकर घायल कर दिया था। 13 दिनों तक उसका उपचार इलाहाबाद में चला। शनिवार को इलाज के दौरान विक्रम की मौत हो गई। इसकी भनक लगते ही पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। बवाल की आशंका में सुबह से ही कंधई, पट्टी, कोहड़ौर व आसपुर देवसरा थाने की पुलिस को तैनात कर दिया गया।
देर रात शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। सारी रात खुझीकला गांव पुलिस छावनी बना रहा। सुबह बेलखरनाथ में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विक्रम का अंतिम संस्कार हुआ। इसके बाद भी अभी कंधई थाने की पुलिस गांव में तैनात की गई है। सबसे मजेदार बात यह है कि विक्रम को गोली लगे 13 दिन बीत गए, मगर कंधई एसओ अभी तक आरोपियों को पकड़ने में असफल रहे।
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खूझी कला गांव निवासी भूखन सिंह का बेटा विक्रम सिंह (28) लकड़ी का ठेकेदार था। 13 दिसंबर को उसे बाइक सवार बदमाशों ने घर के बाहर गोली मारकर घायल कर दिया था। 13 दिनों तक उसका उपचार इलाहाबाद में चला। शनिवार को इलाज के दौरान विक्रम की मौत हो गई। इसकी भनक लगते ही पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। बवाल की आशंका में सुबह से ही कंधई, पट्टी, कोहड़ौर व आसपुर देवसरा थाने की पुलिस को तैनात कर दिया गया।
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देर रात शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। सारी रात खुझीकला गांव पुलिस छावनी बना रहा। सुबह बेलखरनाथ में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विक्रम का अंतिम संस्कार हुआ। इसके बाद भी अभी कंधई थाने की पुलिस गांव में तैनात की गई है। सबसे मजेदार बात यह है कि विक्रम को गोली लगे 13 दिन बीत गए, मगर कंधई एसओ अभी तक आरोपियों को पकड़ने में असफल रहे।
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