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शीतलहर से धूप भी बेअसर
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 24 Dec 2015 11:32 PM IST
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सुबह-शाम और रात में हाड़ कंपाने वाली ठंड से परेशान लोगों को गुरुवार को दिन में धूप निकलने के बाद भी राहत नहीं मिली। सर्द हवाओं और हल्के कोहरे के बीच धूप भी कांपती नजर आई। उसका असर नाम मात्र का रहा। सीजन में पहली बार लोगों को शीतलहर का एहसास हुआ। दिनभर लोग ठंड से ठिठुरते नजर आए। हर कोई बस आग का सहारा खोज रहा था। शाम को पांच बजते ही लोग घरों में कैद हो गए।
सुबह की धुंध और बर्फीली हवाओं का सितम दिनभर जारी रहा। गुरुवार को न्यूनतम और अधिकतम पारा नीचे खिसकने के कारण गलन भरी ठंड का दौर जारी रहा। अधिकतम तापमान नीचे खिसकने से गलन भरी ठंड से जिले के लोग सिहर उठे। ऊपर से नीचे तक ऊनी कपड़े से बदन ढकने वाले लोग भी कड़ाके की ठंड से कांपते रहे। न्यूनतम तापमान 02.01 पर आ गया जबकि अधिकतम तापमान 22.0 पर पहुंच गया। दिन और रात के तापमान में गिरावट आने के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया। मौसम विशेषज्ञ देशराज सिंह मीना की मानें तो ठंड का प्रकोप अभी और बढ़ सकता है। पूरब और उत्तर की ओर से चलने वाली हवाओं के स्थिर होते ही घना कोहरा छाने की संभावना है।
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सुबह की धुंध और बर्फीली हवाओं का सितम दिनभर जारी रहा। गुरुवार को न्यूनतम और अधिकतम पारा नीचे खिसकने के कारण गलन भरी ठंड का दौर जारी रहा। अधिकतम तापमान नीचे खिसकने से गलन भरी ठंड से जिले के लोग सिहर उठे। ऊपर से नीचे तक ऊनी कपड़े से बदन ढकने वाले लोग भी कड़ाके की ठंड से कांपते रहे। न्यूनतम तापमान 02.01 पर आ गया जबकि अधिकतम तापमान 22.0 पर पहुंच गया। दिन और रात के तापमान में गिरावट आने के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया। मौसम विशेषज्ञ देशराज सिंह मीना की मानें तो ठंड का प्रकोप अभी और बढ़ सकता है। पूरब और उत्तर की ओर से चलने वाली हवाओं के स्थिर होते ही घना कोहरा छाने की संभावना है।
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