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धान में लगा रोग, सफेद पड़ी पत्तियां
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 14 Sep 2015 11:33 PM IST
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मौसम की बेरुखी से परेशान किसानों पर एक और मार पड़ी है। धान की फसल में पत्ता लपेटक रोग लग गया है। जिससे उसकी पत्तियां सफेद हो गईं हैं। अगर जल्द ही कोई उपाय न किया गया तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।
बारिश न होना और चटक धूप के कारण यह रोग हुआ है। पत्ता लपेटक कीड़े की वजह से खेती अब बर्बाद होने की ओर है। तेज धूप से बचने के लिए धान की पत्तियां लिपट जाती हैं।
इसी का फायदा यह कीड़ा उठा रहा है। लिपटी हुई पत्तियों के अंदर यह पहुंच जाता है और अपने लार्वा से वह पत्तियों को चाट ले रहा है। इससे पत्तियां सफेद पड़ जा रही हैं। हालत यह है कि इस पर दवा भी प्रभावी नहीं हो रही है। दवा पत्ती के लपेटने के कारण अंदर तक जा ही नहीं पा रही है। इस कारण रोग अंदर लगा रहता है। जब भी दवा का असर खत्म होता है वह बाहर निकलकर दूसरे पौधों को भी नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा दवा न छिड़कने की दशा में तो वह यह रात दिन बढ़ता रहता है। वैज्ञानिक बताते हैं कि यह कीड़ा बढ़कर कुछ दिन में इतना बड़ा हो जाता है कि धान की पत्तियों को ही काटना शुरू कर देता है। इसे गांव की भाषा में जराई कहते हैं।
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बारिश न होना और चटक धूप के कारण यह रोग हुआ है। पत्ता लपेटक कीड़े की वजह से खेती अब बर्बाद होने की ओर है। तेज धूप से बचने के लिए धान की पत्तियां लिपट जाती हैं।
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इसी का फायदा यह कीड़ा उठा रहा है। लिपटी हुई पत्तियों के अंदर यह पहुंच जाता है और अपने लार्वा से वह पत्तियों को चाट ले रहा है। इससे पत्तियां सफेद पड़ जा रही हैं। हालत यह है कि इस पर दवा भी प्रभावी नहीं हो रही है। दवा पत्ती के लपेटने के कारण अंदर तक जा ही नहीं पा रही है। इस कारण रोग अंदर लगा रहता है। जब भी दवा का असर खत्म होता है वह बाहर निकलकर दूसरे पौधों को भी नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा दवा न छिड़कने की दशा में तो वह यह रात दिन बढ़ता रहता है। वैज्ञानिक बताते हैं कि यह कीड़ा बढ़कर कुछ दिन में इतना बड़ा हो जाता है कि धान की पत्तियों को ही काटना शुरू कर देता है। इसे गांव की भाषा में जराई कहते हैं।
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