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ड्रेस वितरण के लिए मिले साढ़े छह करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 07 Aug 2015 12:00 AM IST
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प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में ड्रेस बांटने के लिए प्रबंध समितियों के खाते में साढ़े छह करोड़ रुपये भेजा गया है। ऑनलाइन भेजे गए इस पैसे से जल्द ही ड्रेस वितरण कार्य शुरू करने के निर्देश हैं। कहा गया है कि इस काम में ढिलाई या लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिले के 2692 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले 2,12,769 बच्चों को दो-दो सेट ड्रेस वितरित करने के लिए 300-300 रुपये की दर से 6,38,30,700 रुपये प्रबंध समितियों के खाते में भेजा गया है। जिला समन्वयक रमाकांत मौर्य ने ड्रेस खरीद के लिए अभी 75 प्रतिशत धनराशि ही भेजा है। यह रकम खर्च करने के बाद हेडमास्टर उपभोग प्रमाणपत्र विभाग में जमा करेंगे। इसके बाद बची हुई 25 प्रतिशत धनराशि खाते में भेजी जाएगी। कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं का ड्रेस खरीदने के लिए सौ प्रतिशत धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। प्रति बालिका चार सौ रुपये की दर से कुल पंजीकृत 1500 बालिकाओं के लिए छह लाख रुपये दिए गए हैं। जिला समन्वयक रमाकांत मौर्य ने बताया कि जिस स्कूल को बीस हजार से अधिक धनराशि मिली है, वह कोटेशन और एक लाख रुपये पाने वाले स्कूलों को टेंडर प्रक्रिया से ड्रेस की खरीद करनी होगी।
जिले के राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों में छह से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों को भी ड्रेस के लिए रुपये दिए जाएंगे। मगर उन्हें अभी कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा। जिला समन्वयक रमाकांत मौर्य ने कहा है कि उनके खातों की फीडिंग का काम चल रहा है। यह काम पूरा होने के बाद खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
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जिले के 2692 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले 2,12,769 बच्चों को दो-दो सेट ड्रेस वितरित करने के लिए 300-300 रुपये की दर से 6,38,30,700 रुपये प्रबंध समितियों के खाते में भेजा गया है। जिला समन्वयक रमाकांत मौर्य ने ड्रेस खरीद के लिए अभी 75 प्रतिशत धनराशि ही भेजा है। यह रकम खर्च करने के बाद हेडमास्टर उपभोग प्रमाणपत्र विभाग में जमा करेंगे। इसके बाद बची हुई 25 प्रतिशत धनराशि खाते में भेजी जाएगी। कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं का ड्रेस खरीदने के लिए सौ प्रतिशत धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। प्रति बालिका चार सौ रुपये की दर से कुल पंजीकृत 1500 बालिकाओं के लिए छह लाख रुपये दिए गए हैं। जिला समन्वयक रमाकांत मौर्य ने बताया कि जिस स्कूल को बीस हजार से अधिक धनराशि मिली है, वह कोटेशन और एक लाख रुपये पाने वाले स्कूलों को टेंडर प्रक्रिया से ड्रेस की खरीद करनी होगी।
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जिले के राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों में छह से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों को भी ड्रेस के लिए रुपये दिए जाएंगे। मगर उन्हें अभी कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा। जिला समन्वयक रमाकांत मौर्य ने कहा है कि उनके खातों की फीडिंग का काम चल रहा है। यह काम पूरा होने के बाद खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
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