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प्रतापगढ़ के होटल गोयल रेजीडेंसी और होटल शशांक गिराए जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 15 Jul 2015 11:52 PM IST
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स्वीकृत नक्शे के विपरीत भवन बनाने पर एसडीएम कोर्ट ने प्रशासन को बाबागंज स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी और होटल शशांक को गिराने का आदेश दिया है। खुद होटल गिराने के लिए मालिकों को एक महीने का समय दिया गया था जिसमें से अब 19 दिन बचे हैं। इसके बाद प्रशासन इन्हें खुद गिराएगा और इसका खर्च भी मालिकानों से वसूल करेगा। बाबागंज में गत 19 जून को होटल गोयल रेजीडेंसी में लगी आग से दस लोगों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही दर्जन भर से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस मामले में होटल गोयल रेजीडेंसी की मालकिन रेखा गोयल और होटल शशांक की मालकिन वंदना सिंह के निर्माण को गलत ठहराया गया था।
दोनों होटलों के मामलों की सुनवाई नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र जेपी मिश्र की अदालत में हो रही थी। चार जुलाई को नियत प्राधिकारी ने अपने आदेश में कहा कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण हुआ है। सीढ़ियों के साथ बेसमेंट भी नक्शे के विपरीत है। नक्शे में स्वीकृत मंजिल से एक तल और निर्माण कराया गया है। जनहित व न्यायहित में अनियमित निर्माण को ध्वस्त कराया जाना आवश्यक है। नियत प्राधिकारी ने रेखा गोयल और वंदना सिंह को आदेशित किया है कि चार जुलाई से तीस दिन के भीतर निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराई जाए। यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं कराई जाती तो प्रशासन यह कार्रवाई खुद करेगा। जिसमें होने वाले परिव्यय की प्रतिपूर्ति भू राजस्व की अदायगी की तरह की जाएगी।
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दोनों होटलों के मामलों की सुनवाई नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र जेपी मिश्र की अदालत में हो रही थी। चार जुलाई को नियत प्राधिकारी ने अपने आदेश में कहा कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण हुआ है। सीढ़ियों के साथ बेसमेंट भी नक्शे के विपरीत है। नक्शे में स्वीकृत मंजिल से एक तल और निर्माण कराया गया है। जनहित व न्यायहित में अनियमित निर्माण को ध्वस्त कराया जाना आवश्यक है। नियत प्राधिकारी ने रेखा गोयल और वंदना सिंह को आदेशित किया है कि चार जुलाई से तीस दिन के भीतर निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराई जाए। यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं कराई जाती तो प्रशासन यह कार्रवाई खुद करेगा। जिसमें होने वाले परिव्यय की प्रतिपूर्ति भू राजस्व की अदायगी की तरह की जाएगी।
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