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किसानों को बांट दी नकली डीएपी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 15 Jul 2015 11:50 PM IST
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साधन सहकारी समिति के कर्मचारियों के खेल में किसान पिस रहे हैं। पचखरा समिति पर किसानों को 15 टन नकली डीएपी बांट दी गई। रबी के सीजन में भेजी गई नकली खाद की कहानी बुधवार को उजागर हुई। इससे सहकारिता विभाग के अधिकारी स्तब्ध हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जिले में बड़े पैमाने पर नकली खाद का कारोबार हो रहा है।
संडवा चंद्रिका विकास खंड की साधन सहकारी समिति पचखरा में फरवरी माह में पीसीएफ से 15 टन डीएपी आई थी। गेहूं की बुवाई के लिए किसानों ने खरीदारी की और वर्तमान में लगभग 150 बोरी स्टाक में है।
पचखरा गांव निवासी नरेंद्र सिंह ने धान की रोपाई के लिए 1141 रुपये की दर से दस बोरी डीएपी खरीदी थी। वह जब खेत में डालने के लिए ले गए तो उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी से शिकायत की तो वह सोमवार को जांच करने पहुंच गए। माजरा तो वह समझ गए, मगर बवाल से बचने के लिए बुधवार को किसान दिवस में नमूना लेकर आने को कहा। बुधवार को विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में नैनी के वैज्ञानिक शैलेंद्र सिंह ने जांच करने के बाद बताया कि डीएपी खाद नकली है। जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि जांच में डीएपी का नमूना फेल निकल गया है। इससे यह स्पष्ट है डीएपी की खाद पूरी तरह नकली है। अब सवाल यह उठता है कि नकली खाद कहां से समिति में आई। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
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संडवा चंद्रिका विकास खंड की साधन सहकारी समिति पचखरा में फरवरी माह में पीसीएफ से 15 टन डीएपी आई थी। गेहूं की बुवाई के लिए किसानों ने खरीदारी की और वर्तमान में लगभग 150 बोरी स्टाक में है।
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पचखरा गांव निवासी नरेंद्र सिंह ने धान की रोपाई के लिए 1141 रुपये की दर से दस बोरी डीएपी खरीदी थी। वह जब खेत में डालने के लिए ले गए तो उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी से शिकायत की तो वह सोमवार को जांच करने पहुंच गए। माजरा तो वह समझ गए, मगर बवाल से बचने के लिए बुधवार को किसान दिवस में नमूना लेकर आने को कहा। बुधवार को विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में नैनी के वैज्ञानिक शैलेंद्र सिंह ने जांच करने के बाद बताया कि डीएपी खाद नकली है। जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि जांच में डीएपी का नमूना फेल निकल गया है। इससे यह स्पष्ट है डीएपी की खाद पूरी तरह नकली है। अब सवाल यह उठता है कि नकली खाद कहां से समिति में आई। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
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