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Pratapgarh News: कुपोषण पुनर्वास केंद्र हुआ बीमार, बिलख रहे बच्चे
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मेडिकल कॉलेज के कुपोषण पुनर्वास केंद्र में बदइंतजामी का बोलबाला है। केंद्र में डॉक्टर नहीं मिलते, जिससे नवजातों के इलाज के लिए अभिभावकों को भटकना पड़ रहा है। छह दिन पहले पुनर्वास केंद्र पर भर्ती अतिकुपोषित दो महीने के भाई और बहन की स्टाफ नर्स द्वारा दवा पिलाते ही हालत बिगड़ गई थी। नर्स ने नवजात अति कुपोषित बच्चों को प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। अब परिजन अजीत नगर स्थित एक अस्पताल में दोनों बच्चों को भर्ती कराकर इलाज करा रहे हैं।
विहार ब्लाॅक के सराय महासिंह गांव निवासी कमलेश कुमार की पत्नी प्रियंका ने दो माह पहले जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इसमें एक बेटी तो दूसरा बेटा है। दोनों अतिकुपोषित हैं। गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्यामा और साधना ने शुक्रवार दोपहर सवा दो बजे के करीब कुपोषण पुनर्वास केंद्र में दोनों नवजात को भर्ती कराया।
प्रियंका का कहना है कि जब वह बच्चों को लेकर आईं तो डॉक्टर नहीं मिले। बगैर डॉक्टर के देखे स्टाफ नर्स ने भर्ती कर लिया। शनिवार सुबह न जाने कौन सी दवा पिलाई गई, जिससे दोनों को उल्टी-दस्त होने लगे। प्रियंका का आरोप है कि बुलाने के एक घंटे बाद डॉक्टर अंकुर आए। उन्होंने बच्चों को प्रयागराज रेफर कर दिया। परेशान परिजनों ने दोनों बच्चों को शहर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले की शिकायत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने सीडीपीओ से की है।
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कुपोषण पुनर्वास केंद्र से ज्यादा समय निजी अस्पतालों में देते हैं समय
कुपोषण पुनर्वास केंद्र पर तैनात चिकित्सक निजी अस्पतालों में अधिक समय देते हैं। ऐसा आरोप वार्डों में भर्ती होने वाले कुपोषित बच्चों के परिजन लगाते रहते हैं। चिकित्सकों की लापरवाही की जानकारी पर सीडीओ ईशा प्रिया नाराजगी भी जता चुकी हैं।
-कुपोषण पुनर्वास केंद्र से दोनों बच्चों को हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था। डॉक्टर की लापरवाही की जांच कराई जा रही है। प्राइवेट अस्पताल से दोनों बच्चों को लाकर कुपोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के लिए डॉक्टर को निर्देश दिया गया है।
डॉ. जीएम शुक्ला, सीएमओ
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विहार ब्लाॅक के सराय महासिंह गांव निवासी कमलेश कुमार की पत्नी प्रियंका ने दो माह पहले जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इसमें एक बेटी तो दूसरा बेटा है। दोनों अतिकुपोषित हैं। गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्यामा और साधना ने शुक्रवार दोपहर सवा दो बजे के करीब कुपोषण पुनर्वास केंद्र में दोनों नवजात को भर्ती कराया।
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प्रियंका का कहना है कि जब वह बच्चों को लेकर आईं तो डॉक्टर नहीं मिले। बगैर डॉक्टर के देखे स्टाफ नर्स ने भर्ती कर लिया। शनिवार सुबह न जाने कौन सी दवा पिलाई गई, जिससे दोनों को उल्टी-दस्त होने लगे। प्रियंका का आरोप है कि बुलाने के एक घंटे बाद डॉक्टर अंकुर आए। उन्होंने बच्चों को प्रयागराज रेफर कर दिया। परेशान परिजनों ने दोनों बच्चों को शहर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले की शिकायत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने सीडीपीओ से की है।
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कुपोषण पुनर्वास केंद्र से ज्यादा समय निजी अस्पतालों में देते हैं समय
कुपोषण पुनर्वास केंद्र पर तैनात चिकित्सक निजी अस्पतालों में अधिक समय देते हैं। ऐसा आरोप वार्डों में भर्ती होने वाले कुपोषित बच्चों के परिजन लगाते रहते हैं। चिकित्सकों की लापरवाही की जानकारी पर सीडीओ ईशा प्रिया नाराजगी भी जता चुकी हैं।
-कुपोषण पुनर्वास केंद्र से दोनों बच्चों को हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था। डॉक्टर की लापरवाही की जांच कराई जा रही है। प्राइवेट अस्पताल से दोनों बच्चों को लाकर कुपोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के लिए डॉक्टर को निर्देश दिया गया है।
डॉ. जीएम शुक्ला, सीएमओ