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प्रतापगढ़ लोकसभा : अक्षय प्रताप सिंह ने जिले में सपा का खोला था खाता, रत्ना सिंह को हराकर 2004 में बने थे सांस

Thu, 04 Apr 2024 05:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 04 Apr 2024 05:30 PM IST
सार

प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर अधिकांश समय तक कांग्रेस उम्मीदवारों का कब्जा रहा। सपा पहली बार वर्ष 2004 में जिले में अपना खाता खोलने में कामयाब रही है। रत्ना सिंह ने जिले में अपना प्रभाव इस कदर बना लिया था, उन्हें चुनाव मैदान से हराना टेढ़ी खीर लग रहा था।

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Pratapgarh Lok Sabha: Akshay Pratap Singh had opened the account of SP in the district
अक्षय प्रताप सिंह और राजाभैया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले अक्षय प्रताप सिंह ने पहली बार वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का खाता खोला था। जनता की बीच अपनी गहरी पैठ बनाने वाली रत्ना सिंह को हराना बेहद मुश्किल था, मगर अक्षय प्रताप ने रिकाॅर्ड मतों से हराकर जीत दर्ज की थी।

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प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर अधिकांश समय तक कांग्रेस उम्मीदवारों का कब्जा रहा। सपा पहली बार वर्ष 2004 में जिले में अपना खाता खोलने में कामयाब रही है। रत्ना सिंह ने जिले में अपना प्रभाव इस कदर बना लिया था, उन्हें चुनाव मैदान से हराना टेढ़ी खीर लग रहा था। तब कुंडा विधायक और जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह ने अपने करीबी अक्षय प्रताप सिंह को सपा के टिकट पर चुनाव लड़ाया।
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पूर्व में एमएलसी रह चुके अक्षय प्रताप सिंह ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी और कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह को करारी शिकस्त देने में कामयाब रहे। अक्षय प्रताप सिंह को 2,38,137 मत मिले, तो दूसरे स्थान पर रहने वाली रत्ना सिंह को 168,885 मतों से संतोष करना पड़ा।

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क्या कहते हैं अनुभवी

अक्षय प्रताप सिंह के लिए यह चुनाव जीतना आसान नहीं था, मगर राजाभैया के गांव-गांव प्रचार करने से चुनाव का रूख बदल गया और उन्हें भारी मतों से जीत मिली। हालांकि एमएलसी का चुनाव लड़ चुके अक्षय प्रताप सिंह का प्रधानों और बीडीसी सदस्यों के बीच गहरी पैठ थी। - राम प्रसाद यादव, कुंडा

यह चुनाव सपा और कांग्रेस के बीच नहीं था, बल्कि राजाभैया और रत्ना सिंह के बीच था। अक्षय प्रताप सिंह के प्रचार की बागडोर राजाभैया के संभालते ही चुनावी माहौल बदल गया और सपा प्रत्याशी को जीत मिली। - लवकुश सिंह, छतरपुर

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