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जिले के 409 ईंट-भट्ठा संचालकों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 20 Jan 2016 12:09 AM IST
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जिले के 409 ईंट भट्ठा मालिकों को नोटिस जारी कर चेताया गया है कि अगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नोड्यूज (अनापत्ति प्रमाणपत्र) लिए बगैर संचालन किया गया है तो उनके खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। भट्ठा मालिकों पर नके ल कसने के लिए जिले के सभी थानेदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वातावरण को प्रदूषित करने वाले जिले के ईंट भट्ठा स्वामियों को इस वर्ष प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने को कहा गया था। मगर कुछ ईंट भट्ठा मालिक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्रमाणपत्र लेने के बजाए चोरी-छिपे संचालन की रणनीति बना रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से जब इस बात की सूचना जिला प्रशासन को मिली तो उसने सभी ईंट भट्ठों के नाम व्यक्तिगत रूप से नोटिस जारी कर चेताया है कि जब तक पर्यावरण स्वच्छता संबंधी प्रमाणपत्र न मिल जाए, तब तक ईंट भट्ठों का संचालन किसी भी दशा में न किया जाए। विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मानक इतना कड़ा है कि जिले का कोई भी ईंट भट्ठा उसको पूरा नहीं करता है। इस वजह से कोई भी ईंट भट्ठा संचालक पर्यावरण स्वच्छता संबंधी प्रमाणपत्र लेने का प्रयास नहीं कर रहा है।
दरअसल जिला प्रशासन ने इन दिनों उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दायर एक जनहित याचिका पर हुए आदेश को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिसके चलते अपर मुख्य अधिकारी की परेशानियां बढ़ गई हैं। वास्तविकता तो यह है कि अपर मुख्य अधिकारी के आदेशों की अवहेलना करते हुए कई ईंट भट्ठा मालिक संचालन की तैयारी बना लिए हैं। इसीलिए सभी ईंट भट्ठा संचालकों को व्यक्तिगत रूप से नोटिस जारी करने के साथ ही संबंधित थानेदारों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस कार्य में राजस्व निरीक्षकों को भी लगाया है। अपर मुख्य अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि बगैर पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र के कोई ईंट भट्ठा संचालित पाया जाता है तो उसके खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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वातावरण को प्रदूषित करने वाले जिले के ईंट भट्ठा स्वामियों को इस वर्ष प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने को कहा गया था। मगर कुछ ईंट भट्ठा मालिक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्रमाणपत्र लेने के बजाए चोरी-छिपे संचालन की रणनीति बना रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से जब इस बात की सूचना जिला प्रशासन को मिली तो उसने सभी ईंट भट्ठों के नाम व्यक्तिगत रूप से नोटिस जारी कर चेताया है कि जब तक पर्यावरण स्वच्छता संबंधी प्रमाणपत्र न मिल जाए, तब तक ईंट भट्ठों का संचालन किसी भी दशा में न किया जाए। विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मानक इतना कड़ा है कि जिले का कोई भी ईंट भट्ठा उसको पूरा नहीं करता है। इस वजह से कोई भी ईंट भट्ठा संचालक पर्यावरण स्वच्छता संबंधी प्रमाणपत्र लेने का प्रयास नहीं कर रहा है।
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दरअसल जिला प्रशासन ने इन दिनों उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दायर एक जनहित याचिका पर हुए आदेश को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिसके चलते अपर मुख्य अधिकारी की परेशानियां बढ़ गई हैं। वास्तविकता तो यह है कि अपर मुख्य अधिकारी के आदेशों की अवहेलना करते हुए कई ईंट भट्ठा मालिक संचालन की तैयारी बना लिए हैं। इसीलिए सभी ईंट भट्ठा संचालकों को व्यक्तिगत रूप से नोटिस जारी करने के साथ ही संबंधित थानेदारों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस कार्य में राजस्व निरीक्षकों को भी लगाया है। अपर मुख्य अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि बगैर पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र के कोई ईंट भट्ठा संचालित पाया जाता है तो उसके खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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