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प्रतापगढ़: किराने की दुकान में लगी आग, लाखों का सामान जला
Fri, 08 Mar 2019 12:57 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 08 Mar 2019 12:57 AM IST
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शार्ट सर्किट से आग
- फोटो : प्रतापगढ़
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प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर मकंद्रूगंज वार्ड स्थित किराने की दुकान में गुरुवार की सुबह शार्ट सर्किट से आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि दो मंजिला मकान में लाखों रुपये के सामान को जलाकर राख कर दिया। चार घंटे की मशक्कत के बाद छत तोड़कर आग पर काबू पाया गया। अचानक आग की लपटों को देख भगदड़ मच गई।
सदर तहसील के करीब मकंद्रूगंज वार्ड में रूपेश उर्फ बबलू पुत्र जमुना की किराने की दुकान है। दो मंजिला मकान में नीचे दुकान व ऊपर गोदाम था। जहां थर्माकोल के सामानों के साथ ही घी व तेल रखा हुआ था। गुरुवार सुबह करीब दस बजे शार्ट सर्किट के चलते दुकान की दूसरी मंजिल पर आग लग गई।
जब रूपेश दुकान खोलने पहुंचा तो दंग रह गया। दुकान के ऊपरी हिस्से से धुआं उठते देख आसपास के लोग शोरशराबा करने लगे। लोगों ने पुलिस के साथ ही फायरब्रिगेड को सूचना दी। तब तक लपटों ने पहली व दूसरी मंजिल को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। प्रभारी कोतवाल भी चौकी प्रभारियों के साथ पहुंचकर बचाव में लग गए।
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तहसीलदार समेत राजस्व विभाग की टीम भी पहुंची। आग बुझाने के दौरान दूसरी मंजिल से आग की लपटें विकराल रूप से बाहर उठने लगीं। इससे वहां भगदड़ मच गई। फायरब्रिगेड की चार गाड़ियों से आग पर काबू पाने के लिए जल रहे मकान की छत को तोड़ना पड़ा।
छत तोड़ने के बाद फायरब्रिगेड कर्मियों ने लोगों की मदद से चार घंटे में आग पर काबू पाया। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। आग में लाखों रुपये के सामान जल गए। हालांकि नुकसान को लेकर रूपेश की ओर से कोई भी जानकारी नहीं दी गई। अग्रिशमन विभाग 5-6 लाख रुपये का घी, तेल समेत अन्य सामान जलकर राख होने का अनुमान लगाता रहा।
शोर सुनकर बाल-बाल बचे आग बुझाने वाले लोग
किराने की दुकान में लगी आग देखने के लिए तमाशबीनों का रेला लगा रहा। फायरब्रिगेड कर्मियों के साथ आसपास के लोग भी आग बुझाने में लगे रहे। बीच में ऊपरी मंजिल से उठने वाली आग की लपटों को देख लोगों ने शोर मचा दिया। जिससे आग बुझा रहे लोग कुछ गिरने की आशंका में उतरने के लिए भागे। वह बाल-बाल बचे।
आग बुझाने को आगे 65 साल के हयातउल्ला
रुपये के किराने की दुकान में लगी आग को बुझाने के लिए फायरब्रिगेड पहुंची। अभी वे पाइप ही निकाल रहे थे कि पड़ोस के रहने वाले बुजुर्ग हयातउल्ला आगे बढ़े और सीढ़ी लगाकर चढ़ गए। फायरब्रिगेड कर्मियों से पाइप लेकर खुद ही आग बुझाने का मोर्चा संभाल लिए। तभी कोतवाली के पुजारी भी अपना वस्त्र निकालकर आग बुझाने में जुट गए। इस बीच आसपास के दूसरे लोग भी आगे बढ़कर आग बुझाने के लिए दरवाजा व खिड़की तोड़ने लगे। भाजपा नेता प्रमोद केसरवानी , पूर्व प्रमुख विवेक त्रिपाठी भी मदद को आगे आए। जनरेटर चलाकर खाली हो चुके फायरब्रिगेड वाहन में पानी भरा जाता रहा।
पुलिस ने बंद करा दी बिजली की सप्लाई
किराने की दुकान में आग लगते ही पुलिस ने बाबागंज विद्युत उपकेंद्र की सप्लाई बंद करा दी। इसके अलावा भुपियामऊ से मेन लाइन भी बंद करा दिया गया। केबिल जलने के कारण बाबागंज की लाइन ठीक करने में काफी समय लग गया। करीब साढ़े तीन बजे बिजली आई।
वाहनों को खड़ा कर रोका गया आवागमन
किराने की दुकान में लगी आग के दौरान कोई अनहोनी न हो जाए, इसके लिए भंगवा चुंगी और सदर बाजार से आने वाले वाहनों का आवागमन रोक गया। घटनास्थल के पास बाइक व टेंपो खड़ाकर रास्ता बंद कराया गया। दिया गया। इसके बावजूद अपना दल के एक नेता पुलिस को अर्दब में लेते हुए आगे बढ़ गए। कई बार तमाशबीन लोगों को पुलिस ने लाठियां पटककर दौड़ाया।
लालगंज से आग बुझाने आया वाहन
शहर में किराने की दुकान में लगी विकराल आग को बुझाने के लिए पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने तत्काल लालगंज से फायरब्रिगेड कर्मियों को वाहन के साथ बुला लिया। तीन वाहनों से आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने में कुल छह टैंकर पानी खर्चा हुआ। जबकि मोहल्ले के लोग अलग से भी टंकी में पानी भरते रहे।
दो किमी पहुंचने में लग गए पौन घंटे
पुलिस लाइन से सदर तहसील पहुंचने में फायरब्रिगेड को पौन घंटे का समय लग गया। आग लगने के बाद लोग 101 पर फोन लगा रहे थे, जो बंद था। लोगों ने डायल 100 पर फोन लगाया। वह भी काफी देर तक बिजी बता रहा था। कुछ लोगों ने मामले की जानकारी एसपी को दी। कोतवाली पुलिस ने मैसेज किया।
जिसके बाद फायरब्रिगेड की गाड़ी पौन घंटे बाद देरी से पहुंची। इससे लोगों में आक्रोश देखने को मिला। बताते हैं कि वाहन चालक न होने के कारण मौके पर पहुंचने में समय लगा। आग बुझाने के दौरान भी फायरब्रिगेड कर्मी भी चकरा गए। दूसरी मंजिल पर लगी आग को बुझाने के लिए वाहन पर सीढ़ी लगाना ही भूल गए। पब्लिक के शोर मचाने पर फायरब्रिगेड कर्मियों को उसकी याद आई।
सामान समेटकर भागे पड़ोसी, मकान हुए जर्जर
किराने की दुकान में लगी आग के विकराल रूप धारण करने पर हवा में धुएं का गुबार उड़ता देख हर किसी की सांसे अटकी रहीं। दुकान के साथ ही घरों में रखा कीमती सामान, रुपये व जेवरात समेटकर लोग सुरक्षित स्थान की ओर भाग निकले। आग से रुपेश के मकान के साथ ही उसके परिवार के लोगों के मकान भी आग की तपिश से जर्जर होकर चिटकते रहे।
जो लोगों के लिए महफूज नहीं थे। हालांकि शाम को लोग घरों में रहने चले गए। प्रभारी एफएसओ महेंद्र कुमार ने देर शाम तक भी आग से हुई क्षति की जानकारी नहीं दी गई। रुपेश ने नीचे दुकान में आग से कोई नुकसान न होने पर राहत की सांस ली है।
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सदर तहसील के करीब मकंद्रूगंज वार्ड में रूपेश उर्फ बबलू पुत्र जमुना की किराने की दुकान है। दो मंजिला मकान में नीचे दुकान व ऊपर गोदाम था। जहां थर्माकोल के सामानों के साथ ही घी व तेल रखा हुआ था। गुरुवार सुबह करीब दस बजे शार्ट सर्किट के चलते दुकान की दूसरी मंजिल पर आग लग गई।
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जब रूपेश दुकान खोलने पहुंचा तो दंग रह गया। दुकान के ऊपरी हिस्से से धुआं उठते देख आसपास के लोग शोरशराबा करने लगे। लोगों ने पुलिस के साथ ही फायरब्रिगेड को सूचना दी। तब तक लपटों ने पहली व दूसरी मंजिल को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। प्रभारी कोतवाल भी चौकी प्रभारियों के साथ पहुंचकर बचाव में लग गए।
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तहसीलदार समेत राजस्व विभाग की टीम भी पहुंची। आग बुझाने के दौरान दूसरी मंजिल से आग की लपटें विकराल रूप से बाहर उठने लगीं। इससे वहां भगदड़ मच गई। फायरब्रिगेड की चार गाड़ियों से आग पर काबू पाने के लिए जल रहे मकान की छत को तोड़ना पड़ा।
छत तोड़ने के बाद फायरब्रिगेड कर्मियों ने लोगों की मदद से चार घंटे में आग पर काबू पाया। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। आग में लाखों रुपये के सामान जल गए। हालांकि नुकसान को लेकर रूपेश की ओर से कोई भी जानकारी नहीं दी गई। अग्रिशमन विभाग 5-6 लाख रुपये का घी, तेल समेत अन्य सामान जलकर राख होने का अनुमान लगाता रहा।
शोर सुनकर बाल-बाल बचे आग बुझाने वाले लोग
किराने की दुकान में लगी आग देखने के लिए तमाशबीनों का रेला लगा रहा। फायरब्रिगेड कर्मियों के साथ आसपास के लोग भी आग बुझाने में लगे रहे। बीच में ऊपरी मंजिल से उठने वाली आग की लपटों को देख लोगों ने शोर मचा दिया। जिससे आग बुझा रहे लोग कुछ गिरने की आशंका में उतरने के लिए भागे। वह बाल-बाल बचे।
आग बुझाने को आगे 65 साल के हयातउल्ला
रुपये के किराने की दुकान में लगी आग को बुझाने के लिए फायरब्रिगेड पहुंची। अभी वे पाइप ही निकाल रहे थे कि पड़ोस के रहने वाले बुजुर्ग हयातउल्ला आगे बढ़े और सीढ़ी लगाकर चढ़ गए। फायरब्रिगेड कर्मियों से पाइप लेकर खुद ही आग बुझाने का मोर्चा संभाल लिए। तभी कोतवाली के पुजारी भी अपना वस्त्र निकालकर आग बुझाने में जुट गए। इस बीच आसपास के दूसरे लोग भी आगे बढ़कर आग बुझाने के लिए दरवाजा व खिड़की तोड़ने लगे। भाजपा नेता प्रमोद केसरवानी , पूर्व प्रमुख विवेक त्रिपाठी भी मदद को आगे आए। जनरेटर चलाकर खाली हो चुके फायरब्रिगेड वाहन में पानी भरा जाता रहा।
पुलिस ने बंद करा दी बिजली की सप्लाई
किराने की दुकान में आग लगते ही पुलिस ने बाबागंज विद्युत उपकेंद्र की सप्लाई बंद करा दी। इसके अलावा भुपियामऊ से मेन लाइन भी बंद करा दिया गया। केबिल जलने के कारण बाबागंज की लाइन ठीक करने में काफी समय लग गया। करीब साढ़े तीन बजे बिजली आई।
वाहनों को खड़ा कर रोका गया आवागमन
किराने की दुकान में लगी आग के दौरान कोई अनहोनी न हो जाए, इसके लिए भंगवा चुंगी और सदर बाजार से आने वाले वाहनों का आवागमन रोक गया। घटनास्थल के पास बाइक व टेंपो खड़ाकर रास्ता बंद कराया गया। दिया गया। इसके बावजूद अपना दल के एक नेता पुलिस को अर्दब में लेते हुए आगे बढ़ गए। कई बार तमाशबीन लोगों को पुलिस ने लाठियां पटककर दौड़ाया।
लालगंज से आग बुझाने आया वाहन
शहर में किराने की दुकान में लगी विकराल आग को बुझाने के लिए पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने तत्काल लालगंज से फायरब्रिगेड कर्मियों को वाहन के साथ बुला लिया। तीन वाहनों से आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने में कुल छह टैंकर पानी खर्चा हुआ। जबकि मोहल्ले के लोग अलग से भी टंकी में पानी भरते रहे।
दो किमी पहुंचने में लग गए पौन घंटे
पुलिस लाइन से सदर तहसील पहुंचने में फायरब्रिगेड को पौन घंटे का समय लग गया। आग लगने के बाद लोग 101 पर फोन लगा रहे थे, जो बंद था। लोगों ने डायल 100 पर फोन लगाया। वह भी काफी देर तक बिजी बता रहा था। कुछ लोगों ने मामले की जानकारी एसपी को दी। कोतवाली पुलिस ने मैसेज किया।
जिसके बाद फायरब्रिगेड की गाड़ी पौन घंटे बाद देरी से पहुंची। इससे लोगों में आक्रोश देखने को मिला। बताते हैं कि वाहन चालक न होने के कारण मौके पर पहुंचने में समय लगा। आग बुझाने के दौरान भी फायरब्रिगेड कर्मी भी चकरा गए। दूसरी मंजिल पर लगी आग को बुझाने के लिए वाहन पर सीढ़ी लगाना ही भूल गए। पब्लिक के शोर मचाने पर फायरब्रिगेड कर्मियों को उसकी याद आई।
सामान समेटकर भागे पड़ोसी, मकान हुए जर्जर
किराने की दुकान में लगी आग के विकराल रूप धारण करने पर हवा में धुएं का गुबार उड़ता देख हर किसी की सांसे अटकी रहीं। दुकान के साथ ही घरों में रखा कीमती सामान, रुपये व जेवरात समेटकर लोग सुरक्षित स्थान की ओर भाग निकले। आग से रुपेश के मकान के साथ ही उसके परिवार के लोगों के मकान भी आग की तपिश से जर्जर होकर चिटकते रहे।
जो लोगों के लिए महफूज नहीं थे। हालांकि शाम को लोग घरों में रहने चले गए। प्रभारी एफएसओ महेंद्र कुमार ने देर शाम तक भी आग से हुई क्षति की जानकारी नहीं दी गई। रुपेश ने नीचे दुकान में आग से कोई नुकसान न होने पर राहत की सांस ली है।