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Pratapgarh Crime : मायके से लौटी मां को मृत मिला बेटा, पुराने मकान में दफनाया शव, अब होगा पोस्टमार्टम

Sun, 02 Jun 2024 07:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 02 Jun 2024 07:34 PM IST
सार

सरियापुर की रहने वाली सुषमा यादव के पति संदीप यादव की करीब बीस साल पहले मौत हो गई। जिसके बाद उसने गांव के ही एक व्यक्ति के साथ पति-पत्नी के रूप में जिंदगी व्यतीत करने लगी। वह अपने मासूम बेटे सौरभ उर्फ गुरुप्रसाद व बेटी वैशाली की परवरिश भी करने लगी।

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Pratapgarh Crime: Mother returned from her parents' home and found her son dead
इसी घर में शव किया गया है दफन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

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जेठवारा स्थानीय थाना क्षेत्र के सरियापुर में मायके से लौटी मां को बेटा सौरभ उर्फ गुरु कमरे में मृत मिला। आसपास के लोगों को बिना सूचना दिए मां ने शव को कच्चे मकान में दफना दिया। दुर्गंध उठने पर पड़ोसियों ने सौरभ की हत्या कर शव दफनाने का शोर मचाया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस छानबीन में जुट गई। अब मृतक की मां ने भी पुलिस को तहरीर दी है।

सरियापुर की रहने वाली सुषमा यादव के पति संदीप यादव की करीब बीस साल पहले मौत हो गई। जिसके बाद उसने गांव के ही एक व्यक्ति के साथ पति-पत्नी के रूप में जिंदगी व्यतीत करने लगी। वह अपने मासूम बेटे सौरभ उर्फ गुरुप्रसाद व बेटी वैशाली की परवरिश भी करने लगी। बड़ा होने पर सौरभ मां के कामों में हाथ बंटाने लगा। वैशाली भी उत्तराखंड के रुद्रपुर जाकर प्राइवेट नौकरी करने लगी।

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शुक्रवार को सुषमा के पुराने मकान से दुर्गंध उठने पर अनहोनी की आशंका जताते हुए पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद जेठवारा पुलिस मौके पर पहुंचकर छानबीन करने लगी। फील्ड यूनिट की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस के आने के पहले ही सुषमा घर से बाहर चली गई थी। मकान का ताला तोड़कर पुलिस खोजबीन करती रही। नए मकान के चारपाई से भी फील्ड यूनिट की टीम साक्ष्य जुटाती रही।

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शनिवार को सुषमा अपनी बेटी वैशाली के साथ थाने पहुंची। पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि 20 मई को अपने मायके दौलत पुर चली गई थी। घर पर उसका लड़का सौरभ अकेला था। 26 मई को वह वापस लौटी तो पक्के मकान के कमरे का अंदर से दरवाजा बंद था। खिड़की से देखा तो सौरभ चारपाई पर पड़ा था। आवाज देने पर भी वह उठ नहीं रहा था। अपने दूसरे पति सुरेंद्र यादव को घटना की जानकारी देकर बुलाया। दोनों ने किसी तरह दरवाजा खोला। देखा तो सौरभ चारपाई पर मृत पड़ा था।

पुलिस के भय से दोनों ने पुराने कच्चे मकान में दफन कर दिया। दुर्गंध होने पर ग्रामीण कई दिनों से सौरभ को न देख हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दिए। जिसके बाद वह घर से चली गई। बेटी वैशाली को घटना से अवगत कराया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया की घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों कर दी गई है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर कब्र से शव खुदवाकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मौत की वजह सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मजिस्ट्रेट ने दिया शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम का आदेश 

सरियापुर गांव में सुषमा रानी यादव के कच्चे मकान से दुर्गंध आने के बाद दूसरे शौहर के साथ मिलकर अपने बेटे की हत्या कर ग्रामीणों द्वारा घर के अंदर ही शव को छिपा का फरार होने की शिकायत पर जेठवारा पुलिस ने अपनी तहकीकात शुरू किया तो घटना परत दर परत खुलती गई। पुलिसिया हिकमत अमली के जरिए घर से फरार महिला सुषमा रानी ने शनिवार को देर शाम उत्तराखंड के रूद्र पुर में नौकरी कर रही अपनी बेटी वैशाली के साथ हांथ में एक चौकाने वाली तहरीर लेकर थाने पहुंच गई।

तहरीर के मुताबिक कहा गया की घटना के समय वह मायके गई थी वापस आने पर देखा तो उसके बेटे सौरभ ने घर के अंदर आत्महत्या कर लिया है। डर वश उसने अपने शौहर के साथ मिलकर देर रात चुपके से अपने मृत्यु पड़े कलेजे के टुकड़े को घर के अंदर छुपा कर दफन कर दिया। फिलहाल मामला चाहे जो भी हो लेकिन शातिर दिमाग इस महिला की करतूत न ग्रामीणों को भा रही है न ही पुलिस को।

लोगो की माने तो तकरीबन दो दशक पूर्व सुषमा के पहले पति संदीप यादव की लाश इलाहाबाद के रेलवे ट्रेक के पास लावारिश अवस्था में मिली थी। बाद में परिजनों की पहचान  पर उसका अंतिम संस्कार किया जा चुका है। इतना ही नहीं संदीप के तीन संतानों में सौरभ के साथ दो बेटियां थी एक दशक पूर्व दूसरी बेटी भी अचानक गायब हो गई जिसका अभी तक आता पता नही लग सका।

उस समय भी लोगो ने उसकी हत्या की आशंका जताते रहे, लेकिन कोई लिखित शिकवा शिकायत न होने के कारण मामला जस का तस रह गया और तीसरी बेटी पढ़ लिखकर उत्तराखंड में जब करने लगी। संदीप के पिता लालजी यादव एजी.ऑफिस इलाहाबाद में नौकरी करते थे उनकी मौत के बाद मृतक आश्रित में संदीप की मां भी एजी ऑफिस में नौकरी करने लगी थी। उस समय संदीप अपने बच्चों के साथ रहकर उनकी शिक्षा दीक्षा में लगा रहा। अब कुछ ठीक ठाक होने के बाद आखिर ऐसी कौन से विपत्ति आ पड़ी की देखते ही देखते पूरा कुनबा बर्बादी के मुहाने पर आ खड़ा हुआा। मामला चाहे जो भी इस घटना से पूरा क्षेत्र हतप्रभ है।

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