Pratapgarh Blast : हवाईदार के बेटों व दामाद पर केस दर्ज, घायलों की हालत में सुधार
देर रात पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार भी घटनास्थल पहुंचकर जायजा लिया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोतवाली पुलिस मौके पर मुस्तैद रही। जेल चौकी प्रभारी वरुण सिंह ने मृतक के बेटे रेहान, नेहाल व दामाद नियाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद रिश्तेदार व परिजन शव लेकर घर पहुंचे। देर शाम शव को जिरियामऊ स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
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नगर कोतवाली के जिरियामऊ में बृहस्पतिवार की रात पटाखोें के धमाके में मृत हवाईदार मुख्तार के दोनों बेटों व दामाद के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में अभियोग दर्ज कराया। वहीं गंभीर रूप से घायल मृतक की बेटी व बहू की हालत में अब सुधार है।
देहात कोतवाली के कटरामेदनीगंज का रहने वाला 55 वर्षीय मुख्तार अहमद लाइसेंसी हवाईदार था। करीब बीस साल पहले वह जिरियामऊ में आकर बस गया था। बृहस्पतिवार की रात मकान में रखे पटाखों व बारूद के धमाके में मुख्तार की मौत हो गई। बहू शबनम और बहू शबनम भी गंभीर रूप से झुलस गईं। पुलिस की निगरानी में दोनों का एसआरएन में उपचार चल रहा है।
देर रात पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार भी घटनास्थल पहुंचकर जायजा लिया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोतवाली पुलिस मौके पर मुस्तैद रही। जेल चौकी प्रभारी वरुण सिंह ने मृतक के बेटे रेहान, नेहाल व दामाद नियाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद रिश्तेदार व परिजन शव लेकर घर पहुंचे। देर शाम शव को जिरियामऊ स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
पटाखा विस्फोट में उड़ गया था मुख्तार दाहिना हाथ
कटरामेदनीगंज में परिवार के लोगों से तकरार के बाद मुख्तार अपनी पत्नी संग जिरियामऊ आकर रहने लगा। वह पहले नदी के किनारे झोपड़ी डालकर रहता था। मोहल्ले के लोगों के अनुसार पटाखा बनाते समय पटाखा विस्फोट से मुख्तार की दाहिनी हथेली उड़ गई थी। इसके बाद वह मकान जमजम कॉलोनी में जमीन खरीदकर मकान बनवा कर रहने लगा। इस बीच उसकी पत्नी का इंतकाल हो गया।
सप्ताह भर पहले पटाखों के साथ पकड़ा गया था रिश्तेदार
मृतक मुख्तार के रिश्तेदार हैदर अली रानीगंज थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर का रहने वाला है। रानीगंज पुलिस सप्ताह भर पहले अवैध रूप से पटाखा डंप करने वाले हैदर को पकड़ कर कार्रवाई की थी।
पुलिस को मुख्तार ने दिया था गच्चा
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के आदेश पर आतिशबाजों के घरों व गोदामों की जांच हुई। जेल चौकी प्रभारी वरुण सिंह तीन दिन पहले जांच करने मुख्तार के घर पहुंचे। घर के भीतर महिलाएं मिली। नीचे के हिस्से में जांच के दौरान मुख्तार आ गया। बातचीत करते हुए पुलिसकर्मियों को अपना गोदाम दिखाने ले गया। जहां पटाखा नहीं मिला पुलिस यहीं गच्चा खा गई। यदि मकान के ऊपरी हिस्से में तलाशी ली गई होती तो शायद हादसा टल जाता।