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प्रतापगढ़: राजाभैया के किले में भाजपा और गठबंधन ने लगाई सेंध
Thu, 23 May 2019 07:32 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 23 May 2019 07:32 PM IST
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रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुए मतभेद के बाद जनसत्ता दल के नाम से नई पार्टी का गठन करने वाले कुंडा के विधायक और पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया के किले में सपा-बसपा गठबंधन और भाजपा ने सेंध लगा दी। कुंडा विधानसभा में राजाभैया की पार्टी के उम्मीदवार शैलेंद्र कुमार को कुल 82252 मत मिले। जबकि भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर को कुंडा से 43880 वोट मिले।
सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार इंद्रजीत सरोज ने भी 44903 वोट हासिल किए। अगर गठबंधन और भाजपा प्रत्याशी के वोटों को मिलाकर देखें तो वह जनसत्ता दल के प्रत्याशी को मिले वोटों से पांच हजार से भी अधिक है।
लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन न होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष राजाभैया ने कौशाम्बी और प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर अपनी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से उम्मीदवार खड़े किए थे। कौशाम्बी लोकसभा क्षेत्र में राजाभैया की अपनी विधानसभा कुंडा के साथ उनके प्रभाव वाली बाबागंज सीट भी शामिल है।
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इस चुनाव में कौशाम्बी संसदीय सीट से जनसत्ता दल के प्रत्याशी शैलेंद्र कुमार पासी को जीताने के लिए राजाभैया ने पूरी ताकत झोंक दी थी। अपनी विधानसभा कुंडा में भी उन्होंने ताबड़तोड़ जनसभाएं, रोड शो और रैलियां की थीं। अब तक हुए चुनावों में कुंडा में राजाभैया को सर्वमान्य नेता माना जाता रहा है।
वहां जाति-धर्म के बजाए राजाभैया का ही सिक्का चलता है। राजाभैया को सभी जाति-वर्ग के लोगों को एकतरफा वोट मिलता रहा है, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन और भाजपा ने उनके किले में सेंध लगा दी है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में राजाभैया सपा को समर्थन कर रहे थे। तब सपा के प्रत्याशी रहे शैलेंद्र कुमार को कुंडा विधानसभा से एकतरफा 101541 वोट मिले थे। हालांकि 2014 के मुकाबले भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर का मत प्रतिशत कुंडा में घटा है।
2014 में उन्हें 45828 वोट मिले थे। जबकि बसपा प्रत्याशी सुरेश पासी को 18145 मत हासिल हुए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो राजाभैया खुद कुंडा से रिकार्ड एक लाख से अधिक मतों से जीते थे। उन्हें कुंडा में 136597 वोट मिले थे। भाजपा के प्रत्याशी रहे जानकीशरण को 32950 जबकि बसपा के परवेज अख्तर को 17261 वोट मिले थे।
सपा ने निर्दल उम्मीदवार के तौर पर लड़ने वाले राजाभैया का समर्थन किया था। वोटों के लिहाज से देखें 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और सपा-बसपा गठबंधन ने राजाभैया के किले में सीधे तौर पर सेंध लगाई है।
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सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार इंद्रजीत सरोज ने भी 44903 वोट हासिल किए। अगर गठबंधन और भाजपा प्रत्याशी के वोटों को मिलाकर देखें तो वह जनसत्ता दल के प्रत्याशी को मिले वोटों से पांच हजार से भी अधिक है।
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लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन न होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष राजाभैया ने कौशाम्बी और प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर अपनी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से उम्मीदवार खड़े किए थे। कौशाम्बी लोकसभा क्षेत्र में राजाभैया की अपनी विधानसभा कुंडा के साथ उनके प्रभाव वाली बाबागंज सीट भी शामिल है।
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इस चुनाव में कौशाम्बी संसदीय सीट से जनसत्ता दल के प्रत्याशी शैलेंद्र कुमार पासी को जीताने के लिए राजाभैया ने पूरी ताकत झोंक दी थी। अपनी विधानसभा कुंडा में भी उन्होंने ताबड़तोड़ जनसभाएं, रोड शो और रैलियां की थीं। अब तक हुए चुनावों में कुंडा में राजाभैया को सर्वमान्य नेता माना जाता रहा है।
वहां जाति-धर्म के बजाए राजाभैया का ही सिक्का चलता है। राजाभैया को सभी जाति-वर्ग के लोगों को एकतरफा वोट मिलता रहा है, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन और भाजपा ने उनके किले में सेंध लगा दी है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में राजाभैया सपा को समर्थन कर रहे थे। तब सपा के प्रत्याशी रहे शैलेंद्र कुमार को कुंडा विधानसभा से एकतरफा 101541 वोट मिले थे। हालांकि 2014 के मुकाबले भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर का मत प्रतिशत कुंडा में घटा है।
2014 में उन्हें 45828 वोट मिले थे। जबकि बसपा प्रत्याशी सुरेश पासी को 18145 मत हासिल हुए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो राजाभैया खुद कुंडा से रिकार्ड एक लाख से अधिक मतों से जीते थे। उन्हें कुंडा में 136597 वोट मिले थे। भाजपा के प्रत्याशी रहे जानकीशरण को 32950 जबकि बसपा के परवेज अख्तर को 17261 वोट मिले थे।
सपा ने निर्दल उम्मीदवार के तौर पर लड़ने वाले राजाभैया का समर्थन किया था। वोटों के लिहाज से देखें 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और सपा-बसपा गठबंधन ने राजाभैया के किले में सीधे तौर पर सेंध लगाई है।