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प्रतापगढ़ : बदमाश को गोली लगने के बाद पुलिस ने रची कहानी !
Sun, 17 Oct 2021 10:26 PM IST
विनोद सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 17 Oct 2021 10:26 PM IST
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Crime Scene
लालगंज कोतवाली के बाबूतारा गांव में पुलिस की मुठभेड़ की कहानी पूरी तरह से फिल्मी है। पुलिस की गोली से घायल से तौफीक की पत्नी आलिया का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने तौफीक को दौड़ाकर गोली मार दी। पुलिस से बचने के लिए वह भाग रहा था। तभी पुलिसकर्मियों ने उस पर फायर झोंक दिया। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ दिखा दी।
तौफीक उर्फ बब्बू की पत्नी आलिया समेत परिवार की अन्य महिलाएं पुलिस पर गोली मारने का आरोप लगा रही हैं। तौफीक की पत्नी का कहना है कि शनिवार आधी रात अचानक पुलिस उसके घर पहुंची। उस समय तौफीक सो रहा था। पुलिस के पहुंचने पर वह जाग गया। पुलिस से बचने के लिए वह भागने लगा। पीछा करते हुए पुलिसकर्मियों ने उसे गोली मार दी। जिसके बाद वह कुएं में गिर गया था। पुलिस उसे मरा समझकर लौट गई। घायल तौफीक को किसी तरह कुएं से निकालकर अस्पताल ले जाया गया।
एक घंटे बाद पुलिसकर्मी फिर लौटे। उनके साथ खुर्शीद उर्फ वकील भी था। पुलिसकर्मी कुएं में बांस डालकर तौफीक की खोजबीन करते रहे। इस दौरान पुलिसकर्मी फिर से फायरिंग करने लगे। बाद में किसी सिपाही को गोली लगने की चर्चा करते हुए लौट गए। कुछ देर बाद फिर फोर्स पहुंची और कुंए के इर्द-गिर्द खोजबीन करते हुए फोटो खींचती रही। इसके पूर्व 20 सितंबर 2020 को भी दबिश के दौरान सांगीपुर पुलिस की पिटाई से बुजुर्ग मकबूल की मौत हो गई थी। कोर्ट से पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे का आदेश भी हो चुका है, मगर पुलिस केस दर्ज नहीं कर रही है।
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तौफीक उर्फ बब्बू की पत्नी आलिया समेत परिवार की अन्य महिलाएं पुलिस पर गोली मारने का आरोप लगा रही हैं। तौफीक की पत्नी का कहना है कि शनिवार आधी रात अचानक पुलिस उसके घर पहुंची। उस समय तौफीक सो रहा था। पुलिस के पहुंचने पर वह जाग गया। पुलिस से बचने के लिए वह भागने लगा। पीछा करते हुए पुलिसकर्मियों ने उसे गोली मार दी। जिसके बाद वह कुएं में गिर गया था। पुलिस उसे मरा समझकर लौट गई। घायल तौफीक को किसी तरह कुएं से निकालकर अस्पताल ले जाया गया।
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एक घंटे बाद पुलिसकर्मी फिर लौटे। उनके साथ खुर्शीद उर्फ वकील भी था। पुलिसकर्मी कुएं में बांस डालकर तौफीक की खोजबीन करते रहे। इस दौरान पुलिसकर्मी फिर से फायरिंग करने लगे। बाद में किसी सिपाही को गोली लगने की चर्चा करते हुए लौट गए। कुछ देर बाद फिर फोर्स पहुंची और कुंए के इर्द-गिर्द खोजबीन करते हुए फोटो खींचती रही। इसके पूर्व 20 सितंबर 2020 को भी दबिश के दौरान सांगीपुर पुलिस की पिटाई से बुजुर्ग मकबूल की मौत हो गई थी। कोर्ट से पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे का आदेश भी हो चुका है, मगर पुलिस केस दर्ज नहीं कर रही है।
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