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प्रधान और सचिव अब नहीं डकार पाएंगे शौचालय की धनराशि

Fri, 05 Jul 2019 12:24 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jul 2019 12:24 AM IST
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Pradhan and secretary will no longer be able to dump the amount of toilets
rupees
प्रधान और सचिव अब नहीं डकार पाएंगे शौचालय की रकम
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अब लाभार्थी स्वयं बनाएंगे अपना शौचालय, सीधे खाते में भेजी जाएगी धनराशि
घपले की परतें खुलने के बाद शासन ने उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अब जिले के प्रधान और सचिव की मिलीभगत से शौचालय निर्माण में घपले की शिकायत नहीं मिलेगी। शासन के नए फरमान के तहत अब शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी लाभार्थी स्वयं निभाएंगे। इससे शौचालयों की जहां गुणवत्ता बढ़ेगी, वहीं समय से काम कराने में सफलता भी मिलेगी। आए दिन घपले का खुलासा होने से आहत शासन ने यह कदम उठाया है।
स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत योजना के तहत जिले में शौचालयों के निर्माण में होने वाले खेल पर रोक लगाने के लिए शासन ने नई पहल की है। अभी तक ग्राम पंचायतों को मिलने वाली धनराशि का दुरुपयोग व्यापक स्तर पर होता था। प्रधान और सचिव विभाग को शौचालय बनने की झूठी सूचना भेजकर गुमराह करते थे। जियो टैगिंग और जांच में खुलासा होने के बाद शासन ने प्रधानों और एनजीओ से शौचालय बनवाने पर रोक लगा दिया है। ग्राम पंचायतों को मिलने वाली धनराशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी, वह लाभार्थी ही गुणवत्तापूर्ण शौचालय का निर्माण कराएंगे।
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30 जून को सांगीपुर थाने में संडवा चंद्रिका विकास खंड के लखरांव गांव के प्रधान और दो सचिवों पर 18.73 लाख रुपये गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। यह तो महज उदाहरण है, शौचालय धनराशि का बंदरबांट करने में 23 सचिवों और 12 प्रधानों पर गाज गिर चुकी है। इसके बावजूद सुधार नहीं नजर आ रहा है।
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इनसेट-------------
पहली किस्त में मिलेंगे पांच हजार रुपये
शौचालय के लिए लाभार्थियों को मिलने वाली धनराशि का दुरुपयोग रोकने के लिए पहली किस्त के रुप में पांच हजार, दूसरी किस्त के रुप में पांच हजार और बनकर तैयार होने पर तीसरी किस्त के रुप में दो हजार रुपये मिलेंगे। अगर कोई लाभार्थी बनकर तैयार कर लेता है, तो उसे सीधे दस हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा।

वर्जन-----
नवागत डीपीआरओ ने बताया कि शौचालय निर्माण में होने वाली अनियमितता को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। निश्चित रुप से यह प्रयास सफल होगा। इससे लाभा र्थी अपने सुविधा के मुताबिक शौचालयों का निर्माण करा सकेंगे।
लालजी दूबे, डीपीआरओ
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