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चारों तरफ पुलिस का पहरा
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सुप्र्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्टेशन रोड पर पैदल मार्च करते जीआरपी व आरपीएफ के जवान।
- फोटो : PRATAPGARH
चारों तरफ रहा पुलिस का पहरा
13 अतिसंवेदनशील व 28 संवेदनशील सेक्टरों पर रही प्रशासन की नजर
प्रतापगढ़। अयोध्या प्रकरण पर शनिवार को आने वाले फैसले को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस पहले से सतर्कता बरत रही थी। सुबह से ही चिह्नित स्थानों पर पुलिसकर्मियों के साथ नोडल व सेक्टर मजिस्ट्रेट चक्रमण करते रहे। जिले को 13 अतिसंवेदनशील व 28 संवेदनशील सेक्टर में बांटा गया था। जहां पुलिस के साथ ही राजस्व और विकास विभाग के अधिकारियों को मजिस्ट्रेट बनाकर तैनात किया गया था। यह अफसर सुबह से देर शाम तक इलाके पर नजर रखे रहे। जिले में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे।
सुप्रीमकोर्ट के फैसले के समय सड़कों-गलियों में सन्नाटा पसर गया, लेकिन कुछ ही देर में फिर चहल-पहल हो गई। पूरे शहर के साथ ही मुस्लिम बहुल इलाकों में पुलिसकर्मी वाहनों का हूटर बजाते हुए गुजरते रहे। चौराहों पर कुछ देर तक रुकने के बाद पुलिसकर्मी फिर गलियों की ओर भागने लगते। लोग घरों से बाहर निकले, लेकिन अयोध्या प्रकरण पर आए फैसले को लेकर बातचीत करना बेहतर नहीं समझा। शहर से लेकर गांव तक पर पुलिसकर्मी लगातार नजर रखे हुए थे। सीओ सिटी अभय पांडेय, शहर कोतवाल सभी चौकी प्रभारियों के साथ लगातार भ्रमण करते रहे। एसडीएम सदर विजयपाल सिंह भी शहर के हालात की जानकारी करने के लिए भागदौड़ करते रहे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि फैसले के बाद पुलिस लगातार लोगों के बीच बनी रही। अफवाह फैलाने वालों लोगों पर सख्ती के लिए खुफिया विभाग को लगाया गया था।
धार्मिक स्थलों की भी होती रही निगहबानी
जिले में शनिवार को धार्मिक स्थलों की भी निगहबानी पुलिसकर्मी करते रहे। बेल्हादेवी, घुइसरनाथधाम और बेलखरनाथ धाम पर पुलिस की नजर रही। ताकि अप्रिय घटना को समय से रोका जा सके।
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सोशल मीडिया पर भी रही पुलिस की नजर
अयोध्या प्रकरण पर शनिवार को फैसले के बाद सोशल मीडिया से अफवाह फैलाए जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस सतर्क रही। सर्विलांस टीम बराबर सोशल मीडिया पर नजर गड़ाए रही। देर शाम तक ऐसी कोई शिकायत भी सामने नहीं आई।
आतिशबाजी का शोर सुनते ही पहुंची पुलिस
सुप्रीमकोर्ट का फैसला आते ही टक्करगंज में कुछ शरारतीतत्व आतिशबाजी करने लगे। इस बात की भनक लगते ही भंगवाचुंगी चौकी प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ भागकर मौके पर पहुंचे। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आतिशबाजी करने वाले लोग निकल गए थे। पूछताछ के दौरान पता चला कि कुछ बच्चे पटाखे जला रहे थे। फिलहाल पुलिस ने इस इलाके में निगाह रखने के लिए सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया।
डेरवा व शमशेरगंज पहुंचे सीओ सदर व जेठवारा थानाध्यक्ष
शमशेरगंज। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सीओ सदर अरविंद कुमार वर्मा और जेठवारा थानाध्यक्ष भारी पुलिस फोर्स व सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ लगातार चक्रमण करते रहे। फैसला आने के पहले ही डेरवा में सीओ सदर फोर्स लेकर जुटे रहे। बाद में शमशेरगंज बाजार पहुंचे। यहां पुलिस लगातार लोगों पर नजर रखते हुए बातचीत करती रही, ताकि किसी भी तरह की घटना न हो सके। ग्रामीणों को पुलिस ने भरोसे में ले रखा था।
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13 अतिसंवेदनशील व 28 संवेदनशील सेक्टरों पर रही प्रशासन की नजर
प्रतापगढ़। अयोध्या प्रकरण पर शनिवार को आने वाले फैसले को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस पहले से सतर्कता बरत रही थी। सुबह से ही चिह्नित स्थानों पर पुलिसकर्मियों के साथ नोडल व सेक्टर मजिस्ट्रेट चक्रमण करते रहे। जिले को 13 अतिसंवेदनशील व 28 संवेदनशील सेक्टर में बांटा गया था। जहां पुलिस के साथ ही राजस्व और विकास विभाग के अधिकारियों को मजिस्ट्रेट बनाकर तैनात किया गया था। यह अफसर सुबह से देर शाम तक इलाके पर नजर रखे रहे। जिले में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे।
सुप्रीमकोर्ट के फैसले के समय सड़कों-गलियों में सन्नाटा पसर गया, लेकिन कुछ ही देर में फिर चहल-पहल हो गई। पूरे शहर के साथ ही मुस्लिम बहुल इलाकों में पुलिसकर्मी वाहनों का हूटर बजाते हुए गुजरते रहे। चौराहों पर कुछ देर तक रुकने के बाद पुलिसकर्मी फिर गलियों की ओर भागने लगते। लोग घरों से बाहर निकले, लेकिन अयोध्या प्रकरण पर आए फैसले को लेकर बातचीत करना बेहतर नहीं समझा। शहर से लेकर गांव तक पर पुलिसकर्मी लगातार नजर रखे हुए थे। सीओ सिटी अभय पांडेय, शहर कोतवाल सभी चौकी प्रभारियों के साथ लगातार भ्रमण करते रहे। एसडीएम सदर विजयपाल सिंह भी शहर के हालात की जानकारी करने के लिए भागदौड़ करते रहे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि फैसले के बाद पुलिस लगातार लोगों के बीच बनी रही। अफवाह फैलाने वालों लोगों पर सख्ती के लिए खुफिया विभाग को लगाया गया था।
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धार्मिक स्थलों की भी होती रही निगहबानी
जिले में शनिवार को धार्मिक स्थलों की भी निगहबानी पुलिसकर्मी करते रहे। बेल्हादेवी, घुइसरनाथधाम और बेलखरनाथ धाम पर पुलिस की नजर रही। ताकि अप्रिय घटना को समय से रोका जा सके।
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सोशल मीडिया पर भी रही पुलिस की नजर
अयोध्या प्रकरण पर शनिवार को फैसले के बाद सोशल मीडिया से अफवाह फैलाए जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस सतर्क रही। सर्विलांस टीम बराबर सोशल मीडिया पर नजर गड़ाए रही। देर शाम तक ऐसी कोई शिकायत भी सामने नहीं आई।
आतिशबाजी का शोर सुनते ही पहुंची पुलिस
सुप्रीमकोर्ट का फैसला आते ही टक्करगंज में कुछ शरारतीतत्व आतिशबाजी करने लगे। इस बात की भनक लगते ही भंगवाचुंगी चौकी प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ भागकर मौके पर पहुंचे। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आतिशबाजी करने वाले लोग निकल गए थे। पूछताछ के दौरान पता चला कि कुछ बच्चे पटाखे जला रहे थे। फिलहाल पुलिस ने इस इलाके में निगाह रखने के लिए सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया।
डेरवा व शमशेरगंज पहुंचे सीओ सदर व जेठवारा थानाध्यक्ष
शमशेरगंज। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सीओ सदर अरविंद कुमार वर्मा और जेठवारा थानाध्यक्ष भारी पुलिस फोर्स व सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ लगातार चक्रमण करते रहे। फैसला आने के पहले ही डेरवा में सीओ सदर फोर्स लेकर जुटे रहे। बाद में शमशेरगंज बाजार पहुंचे। यहां पुलिस लगातार लोगों पर नजर रखते हुए बातचीत करती रही, ताकि किसी भी तरह की घटना न हो सके। ग्रामीणों को पुलिस ने भरोसे में ले रखा था।

रेलवे स्टेशन परिसर गेट पर तैनात पुलिस।- फोटो : PRATAPGARH

पट्टी कस्बे में शांति व्यवस्था बनाये रखने को पैदल मार्च करती पुलिस।- फोटो : PRATAPGARH

राम मंदिर फैसला आने के बाद पट्टी बाजार में फोर्स के साथ मौजूद एसडीएम।- फोटो : PRATAPGARH

जेठवारा थाने के शमशेरगंज बाजार में राम मंदिर फैसला आने केे बाद शांति व्यवस्था बनाने को पैदल मार्?- फोटो : PRATAPGARH