{"_id":"fd943059fdb0461c1d7c49605b503e87","slug":"police-news-hindi-news-6","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईद बाद पैदल हो सकते हैं कई थानेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईद बाद पैदल हो सकते हैं कई थानेदार
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 16 Jul 2015 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवागत पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने जिले की कानून व्यवस्था सुधारने को लेकर अपनी मंशा जता दी है। वह घटनाओं और अपराध की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने साफ कह दिया है कि मठाधीश थानेदारों की नहीं चलेगी। ऐसे में इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि कई थानेदार ईद के बाद पैदल हो सकते हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अब वह जनपद में अपराधों की समीक्षा कर रहे हैं। इसके साथ ही थानेदारों के कार्यों का मूल्यांकन भी कर रहे हैं। जनता की समस्याओं को निबटाने के साथ ही कानून का पालन कराने में थानेदार कितनी रुचि लेते हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो ईद बाद कसौटी पर खरा न उतरने वाले थानेदारों का पैदल होना तय है। नए कप्तान किसी भी चूक को माफ करने के मूड में नहीं दिख रहे। वह जनपद में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने व अपराधियों की नकेल कसने की मंशा से मातहतों को अवगत करा चुके हैं। गुरुवार को पुलिस चौकी पर लगे पीएस सिस्टम को भी एसपी ने चेक किया। इतना ही नहीं, चौकी पर पुलिसकर्मियों से जानकारी भी ली। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा रहा। वैसे नए कप्तान की मंशा समझ में आते ही थानों पर जनता की समस्याएं सुनने के साथ ही थानेदार अब दूसरे अधिकारियों की परिक्रमा भी करने लगे हैं।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो ईद बाद कसौटी पर खरा न उतरने वाले थानेदारों का पैदल होना तय है। नए कप्तान किसी भी चूक को माफ करने के मूड में नहीं दिख रहे। वह जनपद में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने व अपराधियों की नकेल कसने की मंशा से मातहतों को अवगत करा चुके हैं। गुरुवार को पुलिस चौकी पर लगे पीएस सिस्टम को भी एसपी ने चेक किया। इतना ही नहीं, चौकी पर पुलिसकर्मियों से जानकारी भी ली। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा रहा। वैसे नए कप्तान की मंशा समझ में आते ही थानों पर जनता की समस्याएं सुनने के साथ ही थानेदार अब दूसरे अधिकारियों की परिक्रमा भी करने लगे हैं।
विज्ञापन