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कभी भी कब्रगाह बन सकती है खाकी की कालोनी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 30 Aug 2016 12:48 AM IST
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pratapgarh
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पुलिस लाइंस में पुलिसकर्मियाें के आवासाें को मरम्मत की दरकार है। खिड़कियां, दरवाजे टूटे हुए हैं। बरसात में टपक रही छतों को पॉलीथिन डालकर किसी तरह पुलिसकर्मियों ने आशियाना सुरक्षित किया तो दो मंजिला भवनाें के ग्राउंडफ्लोर के भी आवासों का पानी फर्श से होकर बाहर निकल रहा है। ऐसे में कभी भी हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
बारिश से पहले पुलिस लाइंस के आवासों की मरम्मत कराई गई थी। कुछ की खिड़कियां और दरवाजे लगाए गए, लेकिन उनका प्लास्टर अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया। छतें जो दरकी दिख रही थीं उनकी भी अधिकांश स्थानों पर मरम्मत नहीं कराई गई। तमाम आवासों की छताें से बारिश का पानी आज भी बाहर नहीं निकल रहा है। जो आवास नए हैं वह कुछ हद तक रहने लायक हैं, लेकिन पुराने आवास तो कभी भी कब्रगाह बन सकते हैं। पुलिस लाइन के पश्चिमी और दक्षिणी किनारे पर बने आवासाें को देखने मात्र से डर लगता है। दोमंजिला भवनाें में ऊपर की मंजिल का बारजा गिर चुका है या गिरने के कगार पर है।
बरसात में अपने सामान सुरक्षित रखने के लिए पुलिसकर्मियों ने पॉलीथिन तान दी। ऊपर की छत पर जहां पॉलीथिन नहीं है, ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले लोगों को भी अपनी छताें का पानी फर्श से बहाना पड़ा। हालत यह है कि पहली मंजिल के ऊपर बारजे पर घास जंगल का अहसास करा रही है। जर्जर मकानों में रहने वाले पुलिसकर्मी मजबूर हैं। इसके बाद भी आला अफसराें को यह सब नहीं दिख रहा है।
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गिरी चहारदीवारी से आने-जाने लगे हैं बाहरी लोग
पुलिस लाइन की जर्जर पश्चिमी छोर की चहारदीवारी बरसात में गिर गई। करीब बीस 20 मीटर तक गिरी चहारदीवारी से अब बाहरी लोग पुलिस लाइन के भीतर प्रवेश करने लगे हैं। इससे चोरी समेत दूसरी घटनाओं का खतरा बना हुआ है। इस ओर भी आला अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बाल-बाल बचे हैं पुलिसकर्मियों के परिजन
पुलिस लाइन के पश्चिमी व दक्षिण्ी छोर पर बने भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। दो मंजिला मकानों के छतों से बरसात में पानी रिसता है। बारजा क्षतिग्रस्त हो चुका है। पुलिसकर्मियों की मानें तो कई बार बारजा उनके परिवार के लोगों के करीब गिरा और वे बाल-बाल बच गए। खतरा होने की शिकायत भी की गई लेकिन ऐसे मकानों की दशा बदल नहीं सकी। पीछे की तरफ से देखने में खाकी के मकान डरावने नजर आते हैं।
शासन से जो बजट मिला था। उससे पुलिसकर्मियों के आवासों की मरम्मत कराई गई है। शासन को चहरदीवारी व शेष आवासों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही आवासों की मरम्मत कराई जाएगी।
नीरज पांडेय एएसपी पश्चिमी/ प्रभारी पुलिस लाइन
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बारिश से पहले पुलिस लाइंस के आवासों की मरम्मत कराई गई थी। कुछ की खिड़कियां और दरवाजे लगाए गए, लेकिन उनका प्लास्टर अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया। छतें जो दरकी दिख रही थीं उनकी भी अधिकांश स्थानों पर मरम्मत नहीं कराई गई। तमाम आवासों की छताें से बारिश का पानी आज भी बाहर नहीं निकल रहा है। जो आवास नए हैं वह कुछ हद तक रहने लायक हैं, लेकिन पुराने आवास तो कभी भी कब्रगाह बन सकते हैं। पुलिस लाइन के पश्चिमी और दक्षिणी किनारे पर बने आवासाें को देखने मात्र से डर लगता है। दोमंजिला भवनाें में ऊपर की मंजिल का बारजा गिर चुका है या गिरने के कगार पर है।
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बरसात में अपने सामान सुरक्षित रखने के लिए पुलिसकर्मियों ने पॉलीथिन तान दी। ऊपर की छत पर जहां पॉलीथिन नहीं है, ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले लोगों को भी अपनी छताें का पानी फर्श से बहाना पड़ा। हालत यह है कि पहली मंजिल के ऊपर बारजे पर घास जंगल का अहसास करा रही है। जर्जर मकानों में रहने वाले पुलिसकर्मी मजबूर हैं। इसके बाद भी आला अफसराें को यह सब नहीं दिख रहा है।
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गिरी चहारदीवारी से आने-जाने लगे हैं बाहरी लोग
पुलिस लाइन की जर्जर पश्चिमी छोर की चहारदीवारी बरसात में गिर गई। करीब बीस 20 मीटर तक गिरी चहारदीवारी से अब बाहरी लोग पुलिस लाइन के भीतर प्रवेश करने लगे हैं। इससे चोरी समेत दूसरी घटनाओं का खतरा बना हुआ है। इस ओर भी आला अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बाल-बाल बचे हैं पुलिसकर्मियों के परिजन
पुलिस लाइन के पश्चिमी व दक्षिण्ी छोर पर बने भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। दो मंजिला मकानों के छतों से बरसात में पानी रिसता है। बारजा क्षतिग्रस्त हो चुका है। पुलिसकर्मियों की मानें तो कई बार बारजा उनके परिवार के लोगों के करीब गिरा और वे बाल-बाल बच गए। खतरा होने की शिकायत भी की गई लेकिन ऐसे मकानों की दशा बदल नहीं सकी। पीछे की तरफ से देखने में खाकी के मकान डरावने नजर आते हैं।
शासन से जो बजट मिला था। उससे पुलिसकर्मियों के आवासों की मरम्मत कराई गई है। शासन को चहरदीवारी व शेष आवासों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही आवासों की मरम्मत कराई जाएगी।
नीरज पांडेय एएसपी पश्चिमी/ प्रभारी पुलिस लाइन