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रात को देर से सोए, सुबह आंख खुलते ही टीवी के चिपके
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अजीतनगर में राम मंदिर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का टीवी पर न्यूज देखते लोग।
- फोटो : PRATAPGARH
रात को देर से सोए, सुबह आंख खुलते ही टीवी से चिपके
साढ़े दस बजते ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी नजर
प्रतापगढ़। राम जन्मभूमि पर सुप्रीमकोर्ट का फैसला शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे आने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोग देर रात तक इसकी पुष्टि करने में लगे रहे। सुबह आंखें खुलते ही लोग टीवी खोलकर बैठ गए और तब तक वह चिपके रहे, जब तक स्पष्ट फैसला नहीं आ गया।
राम जन्मभूमि विवाद पर फैसला शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे आने की खबर शुक्रवार की रात 8.30 बजे सोशल मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया पर आम हो गई। पहले लोग इसे फेंक न्यूज मान रहे थे, मगर टेलीविजन पर समाचार आते ही लोगों को विश्वास हो गया। देर रात तक जगकर लोग टीवी देखते रहे। सुबह आंख खुलते ही टीवी खोलकर बैठकर गए। शहर और ग्रामीण इलाकों का आलम यह रहा कि लोग दस बजे ही टीवी और मोबाइल खोलकर बैठ गए और राम मंदिर के फैसले का इंतजार करने लगे। सुबह दस बजे मुख्य न्यायाधीश के आवास से निकलने और साढ़े दस बजे कोर्ट में बैठने की खबरों से इलेक्ट्रानिक चैनल अपडेट करते रहे। सीजेआई कोर्ट के अंदर अपना फैसला सुना रहे थे और निर्णय की प्रत्येक लाइन की पट्टी टीवी पर दिखाई दे रही थी।
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साढ़े दस बजते ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी नजर
प्रतापगढ़। राम जन्मभूमि पर सुप्रीमकोर्ट का फैसला शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे आने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोग देर रात तक इसकी पुष्टि करने में लगे रहे। सुबह आंखें खुलते ही लोग टीवी खोलकर बैठ गए और तब तक वह चिपके रहे, जब तक स्पष्ट फैसला नहीं आ गया।
राम जन्मभूमि विवाद पर फैसला शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे आने की खबर शुक्रवार की रात 8.30 बजे सोशल मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया पर आम हो गई। पहले लोग इसे फेंक न्यूज मान रहे थे, मगर टेलीविजन पर समाचार आते ही लोगों को विश्वास हो गया। देर रात तक जगकर लोग टीवी देखते रहे। सुबह आंख खुलते ही टीवी खोलकर बैठकर गए। शहर और ग्रामीण इलाकों का आलम यह रहा कि लोग दस बजे ही टीवी और मोबाइल खोलकर बैठ गए और राम मंदिर के फैसले का इंतजार करने लगे। सुबह दस बजे मुख्य न्यायाधीश के आवास से निकलने और साढ़े दस बजे कोर्ट में बैठने की खबरों से इलेक्ट्रानिक चैनल अपडेट करते रहे। सीजेआई कोर्ट के अंदर अपना फैसला सुना रहे थे और निर्णय की प्रत्येक लाइन की पट्टी टीवी पर दिखाई दे रही थी।
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