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तीन दरोगा और नौ सिपाहियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश

Thu, 21 Jan 2021 12:59 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2021 12:59 AM IST
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Order to register murder case against three policemen and nine soldiers
Order to register murder case against three policemen and nine soldiers
तीन दरोगा और नौ सिपाहियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश
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सांगीपुर इलाके के बाबूतारा गांव में दबिश के दौरान पुलिस की पिटाई से वृद्ध मकबूल खान की मौते के मामले में सीजेएम ने तीन दरोगा और नौ सिपाहियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोपियों में सांगीपुर थाने में तैनात रहे तत्कालीन एसओ प्रमोद सिंह का नाम भी शामिल है।
जिले के लालगंज इलाके के बाबूतारा गांव निवासी रमजान खान ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कर आरोप लगाया था कि 19-20 सितंबर 2020 को तत्कालीन सांगीपुर एसओ प्रमोद सिंह, दरोगा रामअधार यादव, गणेशदत्त पटेल, सिपाही राममिलन, श्रवण कुमार, रविशंकर, रामनिवास और पांच अज्ञात सिपाहियों ने घर में घुसकर उसके पिता मकबूल की पिटाई कर दी।
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जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मनमानी करते हुए अपनी मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार करा दिया। वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम कमल सिंह ने एसओ सांगीपुर से सात दिन के अंदर सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और स्वयं जांच करने को कहा है। बता दें कि मकबूल की मौत के बाद जिले में कई दिनों तक हंगामा हुआ था। घटना को लेकर पुलिस की बहुत फजीहत हुई थी। विरोध प्रदर्शन भी हुआ था।
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यह था पूरा मामला
लालगंज कोतवाली के बाबूतारा गांव में वाहन चोरों की तलाश में सांगीपुर पुलिस 19 सितंबर 2020 की रात दबिश देने पहुंची थी। दबिश के दौरान पुलिस मकबूल के घर के करीब पहुंची। इस दौरान बुजुर्ग मकबूल घर के पीछे लघुशंका करते हुए पुलिस को मिल गया। चोर की आशंका में पुलिस ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। जिससे कुछ ही देर में पुलिस के सामने ही मकबूल की सांसें थम गईं। यह देख गांव के लोग आक्रोशित हो उठे। यह देख सांगीपुर पुलिस वहां से भाग निकली। मकबूल की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस से लेकर बाबूतारा तक हंगामा होता रहा।
प्रभारी एसओ समेत छह पुलिसकर्मी हुए थे लाइनहाजिर
लालगंज कोतवाली के बाबूतारा निवासी मकबूल की पुलिस की पिटाई से हुई मौत को लेकर जमकर बवाल मचा। कई थानों की पुलिस कानून व्यवस्था को संभालने में लगी रही।
परिजन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने व सस्पेंड करने की मांग कर रहे थे। कार्रवाई के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़े परिजनों की मांगों के आगे पुलिस को झुकना पड़ा। पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन सांगीपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष प्रमोद सिंह समेत छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। जिसके बाद 21 सितंबर को शव को सुपुर्दे खाक किया गया।

नहीं मिली थी आर्थिक मदद
लालगंज कोतवाली के बाबूतारा में पुलिस की पिटाई से मरे मकबूल के परिजनों को प्रशासन की ओर से आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया गया था, मगर उसे फूटी कौड़ी नहीं मिली। हाल ही में सपा नेतृत्व की ओर से मकबूल के परिजनों को आर्थिक मदद दी गई थी।
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