छेड़खानी का विरोध करने पर कुछ लोगों ने दलित परिवार के घर पर हमला बोल दिया। तलवार और चाकू के हमले से तीन महिलाओं से छह लोग घायल हो गए। संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के मुरैनी गांव निवासी रामकिशुन सरोज पुत्र रामफेर ने पुलिस को तहरीर देकर कहा है कि उसके मकान के ही बगल नदीम पुत्र शकील का घर है। रविवार शाम नदीम अपने साथियों को बुलाकर अपने दरवाजे पर बैठकर शराब पी रहा था। इस दौरान वे लोग उसके घर की महिलाओं को देखकर अश्लील फब्तियां कसने लगे। विरोध करने पर शराब की खाली शीशी उनके दरवाजे पर फोड़ दी गई। पीड़ित ने रात को ही घटना की सूचना 112 डायल को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को समझा-बुझाकर मामला शंात कराया। साथ ही सुबह थाने में पहुंचकर शिकायत करने की बात कही।
सोमवार की सुबह रामकिशुन अवसानगंज चौकी पर तहरीर देने जा रहा था। आरोप है कि इस दौरान गांव के नदीम पुत्र शकील, नाजिम पुत्र खलील, कलीम पुत्र गफ्फार, अफजल पुत्र सलीम, हारून पुत्र यूसुफ ने उसे रास्ते में रोककर तलवार चाकू और डंडे से हमला कर दिया। उसने शोर मचाया तो परिजनों समेत आसपास के लोग पहुंचे। इस पर हमलावरों ने गायत्री देवी, शांति देवी, बिट्टन देवी, प्रेम सागर आदि को भी मारपीट कर घायल कर दिया। ग्रामीणों को जुटते देख हमलावर भाग निकले। संग्रामगढ़ थाने पहुंचकर पीड़ित ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर घायलों को मेडिकल के लिए भेज दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों के यहां दो बाहरी व्यक्ति महीनों से आकर रह रहे हैं। उनके बारे में सूचना देने के कारण हमलावर पक्ष पीड़ित पक्ष से पहले से ही खफा चल रहा था।